naukrani ki bur chudai kahani
राहुल अपने दोस्त के साथ दिल्ली में रहता है और उसे अपनी कामवाली सुनीता पसंद आती है। जब उसका रूममेट 20 दिनों के लिए बाहर जाता है, तो वह सुनीता के साथ शारीरिक संबंध बनाता है।
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं बहुत ही हैंडसम हूं और मैं दिल्ली में नौकरी करता हूं।
अपने एक दोस्त संदीप के साथ फ्लैट में रहता हूं।
मैं अपनी फैमिली में बहुत खुश हूं और मेरी फैमिली यहां से काफी दूर रहती है।
मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं।
मैं उनके लिए ही सब कुछ कर रहा हूं ताकि वो खुश रह सकें।
मैं अक्सर उनसे मिलने जाया करता हूं और इसलिए मैं अब बहुत खुश हूं।
वैसे आज मैं आपको अपनी एक कहानी बताने जा रहा हूं जो कि बहुत ही मस्त है और बहुत ही ज्यादा मजेदार भी है।
उम्मीद है आपको ये कहानी अच्छी लगेगी।
तो चलिए बिना किसी देरी के मैं आपको अपनी कहानी पर लेकर चलता हूं।
मैं जहां रहता हूं वहां पर रोज एक कामवाली आती है। उसका नाम सुनीता है।
वैसे तो उसकी शादी हो रखी है पर अब वो अपने मम्मी-पापा के साथ रहती है क्योंकि उसका अपने पति के साथ झगड़ा हो रखा है।
ये बात मुझे पहले से ही पता है और वो मुझे बहुत अच्छी भी लगती है।
पर ये उसे नहीं पता कि मैं उसे बहुत पसंद करता हूं।
और मैं बस हमेशा उसे चोदने की फिराक में रहता हूं।
मैं अक्सर उससे तेल मालिश करवाता हूं और काफी खुशी से वो भी करती है।
वो 28 साल की है और उसका फिगर 34-30-36 है। उसकी गांड बहुत मोटी है और स्तन भी काफी बड़े हैं।
जब वो काम करती है तो उसकी गांड इतनी हिलती है कि मेरा लंड खड़ा हो जाता है।
एक दिन की बात है मैं उसको चोदने के सपने लेने लग गया।
तो मैंने उससे तेल मालिश करवाया तो मैंने जानबूझकर उसके स्तनों पर हाथ लगा दिया।
तो वो मुझे घूरने लगी और बोली कि तुम ये क्या कर रहे थे।
तो मैंने उसे कह दिया कि मुझे तेरी बुर मारनी है।
और बस फिर उसके बाद वो वहां से चली गई।
पर कुछ ही दिनों बाद मुझे पता चला कि मेरा रूममेट संदीप 20 दिनों के लिए जा रहा है।
तो मैं घर पर अकेला हूं। और घर पर अकेले होने से मैं उसकी चुदाई तो कर ही सकता हूं।
और अब तो वो भी मुझे रोक नहीं पाएगी।
और अब मैं भी उसको अगले ही दिन चोदने की प्लानिंग करने लग गया।
अब जैसे ही वो अगले दिन सुबह को मेरे घर पर आई तो उसने मुझे अकेला पाया।
और फिर मुझसे पूछने लगी तो मैंने उसे बता दिया कि वो यहां पर नहीं है और वो अगले 20 दिनों तक ही नहीं है।
अब जैसे भी करके वो काम करने लगी।
और फिर उसके बाद मैंने उससे कह दिया कि आकर तेल लगा दे।
तो वो मान गई और मेरे पास आ गई। और फिर उसके बाद लगाने लगी।
अब मैंने धीरे-धीरे कहकर उससे कहा कि गर्दन पर भी लगा दे। तो वो लगाने लगी।
और फिर उसके बाद मैंने उसे वहीं पकड़ लिया और उसके होठों पर किस करने लग गया।
वो मुझे रोकने लगी पर मैं कहां रुकने वाला था।
इसलिए मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया।
उसके स्तन बहुत नरम थे। मैं उन्हें जोर-जोर से दबा रहा था।
धीरे-धीरे वो भी मजे लेने लगी। और फिर उसके बाद मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए।
अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।
उसने लाल रंग की ब्रा पहनी थी जो उसके बड़े स्तनों को बांधने में संघर्ष कर रही थी।
मैंने उसकी ब्रा खोल दी। उसके स्तन बाहर आ गए।
वे गोल और नरम थे। निप्पल हल्के भूरे रंग के थे।
ऐसे ही मैंने उसकी बुर पर हाथ लगाया तो वो सिहर उठी।
और उसके साथ-साथ मैं अब उसकी बुर में उंगली देने लगा।
वो आह्ह आह्ह की आवाजें निकालने लगी।
और फिर उसके बाद मैंने उसको लंड चूसने को कहा।
तो वो चूसने लगी। मुझे उसके मुंह में लंड डालने में इतना मजा आ रहा था कि मैं आपको क्या बताऊं।
वो मेरे लंड को बड़े मजे से चूस रही थी।
उसने अपनी जीभ से लंड के सिरे को चाटा।
फिर पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया।
वो लंड को अपने गले तक उतार रही थी।
मैं उसके सिर को पकड़कर अपने लंड पर दबा रहा था।
अब काफी देर तक वो मेरे लंड को चूसती रही।
और मैं भी अब उसको 69 की पोजीशन में बुर चाटने लगा।
मैंने उसकी पैंटी उतार दी।
उसकी बुर गुलाबी रंग की थी और बिल्कुल साफ शेव की हुई थी।
मैंने उसकी बुर पर अपनी जीभ लगाई और चाटने लगा।
“ओह्ह्ह राहुल जी… बहुत मजा आ रहा है…” वो कहने लगी।
मैं उसकी बुर को जोर-जोर से चाट रहा था।
उसकी बुर से पानी निकलने लगा था।
मैंने सब चाट लिया। हम दोनों 69 की पोजीशन में एक-दूसरे को चाट रहे थे।
अब ऐसे ही सब कुछ काफी देर तक हो रहा था।
और फिर उसके बाद मैंने उसको लंबा किया।
और फिर मैंने उसकी बुर को चाटने के बाद लंड को बुर में डाल दिया और उसे चोदना शुरू कर दिया।
मैं उसकी बुर को ऐसे चोद रहा था जैसे कि कभी बुर मिली ही नहीं थी।
और बस चोदी ही जा रहा था और बस मारी ही जा रहा था।
मेरा लंड उसकी बुर में पूरा अंदर-बाहर हो रहा था।
पच पच की आवाजें आ रही थीं।
उधर वो चीखने लगी कि जोर से मत चोदो। पर अब मैं कहां रुकने वाला था।
और फिर मैं ऐसे ही चोदता चलता गया।
बस ऐसे ही वो थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा।
अब वो भी अपनी गांड को उठा-उठाकर चुदवाने लगी।
और फिर ऐसे ही काफी देर तक चलता रहा।
मैंने उसे अब अपने ऊपर ले लिया और उसके साथ-साथ उसके स्तनों को चूसने लगा जिससे कि वो मचलने लगी।
और फिर उसके बाद मैंने उसके स्तनों को मुंह में भर लिया और चूसने लगा।
उसके स्तन बहुत नरम थे।
मैं उन्हें काट भी रहा था।
काफी देर तक ऐसे ही करने के बाद उसने अपना पानी निकाल दिया।
और फिर उसके बाद मैंने उसकी बुर को चोदना शुरू कर दिया।
अब काफी देर तक चोदने के बाद मैंने उसकी बुर में ही निकाल दिया।
और फिर से उसे चोदने लगा।
मैं ये सब जब-जब कर रहा था तब-तब वो चीख रही थी और ऐसे ही चीखें मार रही थी पर मुझे कुछ नहीं सुन रहा था।
और न ही मैं सुन रहा था।
और फिर मैंने उसकी गांड पर लंड रखा और जोर से उसकी गांड में भोंक दिया।
वो इतनी जोर से चिल्लाई कि मुझे उसका मुंह बंद करना पड़ गया।
अब मैं उसे चोदी जा रहा था और वो रोई जा रही थी।
मुझे उस पर बिल्कुल भी दया नहीं आ रही थी और मैं बस ऐसे ही चोदी जा रहा था।
उसकी गांड बहुत टाइट थी।
मेरा लंड उसमें आसानी से नहीं जा रहा था।
लेकिन मैंने जोर लगाकर पूरा लंड अंदर डाल दिया। वो दर्द से कराह रही थी।
लेकिन मैं रुका नहीं।
मैंने उसकी गांड में जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए।
अब काफी देर तक चोदने के बाद उसे बहुत मजा आने लगा था। और अब वो खुद ही चुदवा रही थी।
वो कहने लगी, “और जोर से राहुल जी… फाड़ दो मेरी गांड…” मैं तो बस चोदता ही गया।
और काफी देर तक चोदने के बाद अब मेरा दुबारा निकलने वाला हो गया। तो मैंने उसकी गांड में ही निकाल दिया।
और फिर उसके बाद मैं साइड में लेट गया। तो वो कहने लगी कि अब आगे से आपको जब भी मेरी जरूरत होगी तो मैं आ जाऊंगी।
ये सुनकर मैं खुश हो गया। और फिर वो कपड़े पहनकर चली गई।
अब ये प्रोग्राम काफी दिनों तक चलता रहा।
मैं रोज उसे चोदता।
कभी उसकी बुर में तो कभी उसकी गांड में। वो भी मजे लेने लगी थी।
उसका पति तो उसे छोड़कर चला गया था।
इसलिए वो भी खुश थी कि उसे मेरा लंड मिल गया था।
हम दोनों रोज जब संदीप नहीं होता था तब मजे करते।
कभी-कभी तो वो रात को भी रुक जाती थी। मैं उसे पूरी रात चोदता।
सुबह वो काम करके चली जाती।
और इस तरह हम दोनों की यह कहानी चलती रही।
यह थी मेरी कहानी।
आशा करता हूं आपको पसंद आई होगी।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Very nice….