divorced sali chudai story
मेरा नाम राजेश है। मेरी उम्र 45 साल है, और मैं एक शादीशुदा और बच्चों वाला आदमी हूँ।
मेरी बीवी का नाम अनुराधा है, और वो मुझसे 8 साल छोटी है।
मेरा अपना बिजनेस है, और कमाई अच्छी है। मेरा लंड 7 इंच का है, जिसको हमेशा चूत की प्यास रहती है।
मेरा लंड किसी भी लड़की या औरत की प्यास अच्छे से बुझा सकता है।
ये कहानी मेरी और मेरी साली की चुदाई की है। तो चलिए मैं कहानी शुरू करता हूँ।
मेरी साली का नाम रिंकि है। वो 32 साल की है, और उसका तलाक हो चुका है।
उसकी शादी 28 साल की उम्र में हुई थी, और उस शादी से उसका एक बच्चा भी था।
लेकिन 3 साल बाद उसकी अपने पति से बहुत लड़ाई रहने लगी, और आखिरकार हार कर दोनों ने तलाक लेने का फैसला किया।
मेरी साली की हाइट 5’6″ इंच है और उसका साइज 34-29-36 है।
रंग उसका गोरा है, और वो बहुत सेक्सी लगती है।
मैंने उससे कई बार फ्लर्ट करने की कोशिश की, और उसने भी मुझे पूरी लाइन दी।
लेकिन बीवी के डर से मैं कभी आगे नहीं बढ़ पाया।
रिंकि के बारे में बताऊँ तो वो एकदम माल है। उसके बूब्स 34 साइज के मोटे-मोटे हैं, जो किसी भी कपड़े में उभरते रहते हैं।
उसकी कमर 29 इंच की पतली है और गांड 36 इंच की मोटी और मस्त है।
जब वो चलती है तो उसकी गांड ऐसे मटकती है कि किसी का भी लंड खड़ा हो जाए।
उसका चेहरा एकदम गोरा और खूबसूरत है, और होंठ मोटे-मोटे हैं जिन्हें देखकर मन करता है कि चूम लूँ।
एक दिन हम लोग एक फंक्शन पर जा रहे थे। वहाँ हमारी फैमिली और मेरी बीवी की फैमिली सब जा रहे थे।
रात का फंक्शन था और सबने वहाँ खूब मस्ती की। हम लोग 2 गाड़ियों में थे, और फंक्शन वाली जगह घर से 2 घंटे दूर थी।
एक गाड़ी मैं चला रहा था, और मेरे साथ मेरी बीवी अनुराधा, बच्चा, और मम्मी-डैडी थे।
दूसरी गाड़ी मेरे ससुर महेश चला रहे थे, जिसमें सास-ससुर और रिंकि थी। फंक्शन अटेंड करने के बाद हम लोग वापस आने लगे।
मेरे ससुर की गाड़ी आगे-आगे थी, और मेरी गाड़ी उनके पीछे थी। अभी हम आधे रास्ते ही आए थे, कि तभी ससुर जी ने गाड़ी रोकी।
उनकी गाड़ी रुकी, तो मैंने भी अपनी गाड़ी रोक ली। फिर वो बाहर आए और पीछे मेरी गाड़ी के पास आए।
मैंने मिरर ओपन करके पूछा कि क्या हुआ तो वो बोले-
महेश: रिंकि अपना डायमंड नेकलेस वहीं बाथरूम में भूल आई है। तो मुझे वापस जाना होगा।
तभी मेरे साथ बैठे मेरे पापा बोले: भाई साहब आप कहाँ इतना ड्राइव करेंगे, तबीयत खराब हो जाएगी आपकी थकान से।
ऐसा कीजिए हम आपकी वाली गाड़ी में बैठ जाते हैं। राजेश रिंकि के साथ जाके वो नेकलेस ले आएगा।
ये सुनकर मुझे अंदर ही अंदर खुशी होने लगी।
फिर पैसेंजर्स ने गाड़ी चेंज की, और अब मेरी गाड़ी में सिर्फ मैं और रिंकि ही थे।
रिंकि ने उस दिन एक भूरे रंग की वन-पीस ड्रेस पहनी थी। उस पर गोल्डन कलर की चेन लटकी हुई थी।
वो इस ड्रेस में एकदम माल लग रही थी। उसकी ड्रेस उसके घुटनों से कम से कम 5 इंच ऊपर थी, जिसमें से उसकी गोरी-गोरी जांघें दिख रही थीं।
ऊपर से उसकी ड्रेस स्लीवलेस थी, और सिर्फ स्ट्रैप्स के सहारे टिकी हुई थी।
उसकी क्लीवेज इतनी कामुक नजर आ रही थी, कि दिल कर रहा था खा जाऊँ।
अब मैं गाड़ी ड्राइव कर रहा था, और मेरी नजर बार-बार उस पर जा रही थी। तभी रिंकि बोली-
रिंकि: जीजू दीदी बहुत लकी हैं।
मैं: वो कैसे?
रिंकि: क्योंकि आप उनके हसबैंड हो।
मैं: ऐसा कुछ नहीं है। वो भी तो बहुत अच्छी हैं।
रिंकि: तो क्या मैं अच्छी नहीं हूँ?
मैं: ऐसा क्यों बोल रही हो? तुम भी बहुत अच्छी हो। इतनी खूबसूरत हो।
रिंकि: तो मेरे पति ने मुझे क्यों छोड़ दिया?
मैं: कई बार कुछ लोग गलती करते हैं, और उसका एहसास उनको बाद में होता है। अगर मैं होता तो ये गलती कभी न करता।
रिंकि: तो क्या करते फिर?
मैं: जितनी सेक्सी तुम हो, तो मैं तो तुम्हें सुबह-शाम प्यार करता।
रिंकि: अच्छा, मैं इतनी खूबसूरत हूँ?
मैं: हाँ, बहुत खूबसूरत हो।
रिंकि: मैंने तो कभी आपको मुझे उस नजर से देखते नहीं देखा।
मैं: वो इसलिए कि हमारा रिश्ता ही ऐसा है, कि मैं तुम्हारी तरफ उस तरह से नहीं देख सकता।
रिंकि: रिश्ता न होता तो देखते?
मैं: हाँ जरूर देखता।
रिंकि: और क्या करते?
मैं: ये तो डिपेंड करता है। अगर मैं कुछ करता तो बदनामी होती, तो कुछ नहीं करता।
रिंकि: और अगर मैं किसी को कुछ न बताती, और बस सब करती रहती तो?
उसकी इस बात ने मुझे हैरान कर दिया।
मुझे समझ में आ रहा था कि वो मुझे मौका दे रही थी उसके साथ कुछ करने का।
मैं: फिर मैं तुम्हारे साथ वो सब करता, जो एक पति अपनी पत्नी के साथ करता है।
रिंकि: तो कीजिए ना जीजू, मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी।
और ये बोलकर उसने अपना हाथ पैंट के ऊपर से मेरे लंड पर रख लिया।
मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था, और उसके हाथ के स्पर्श से और भी तन गया।
मैंने गाड़ी साइड पर लगा दी, क्योंकि रात का समय था और सड़क पर कोई नहीं था।
रिंकि ने मेरी पैंट की जिप खोलकर लंड बाहर निकाल लिया, और उसे हिलाने लगी। उसने मेरे लंड को देखा और बोली-
रिंकि: वाह जीजू, आपका लंड तो बहुत मोटा और बड़ा है। मेरे पति का तो आधा ही था।
मैं: तुम्हें पसंद आया?
रिंकि: बहुत पसंद आया। अब इसे मैं चूसूँगी।
और वो आगे की तरफ झुकी, और उसने अपने मुँह में मेरा लंड डाल लिया।
उसके मुँह में लंड डालते ही मेरी आह निकल गई। उसके मुँह का गर्माहट मेरे लंड को बहुत मजा दे रहा था।
रिंकि मेरे लंड को बड़े चाव से चूस रही थी। वो मेरे लंड के टोपे को जीभ से चाट रही थी, और फिर पूरा लंड मुँह में लेकर चूस रही थी।
मैंने एक हाथ उसके सर पर रखा, और उसको अपने लंड पर दबाने लगा। इससे वो चोक हो रही थी, और मुझे और मजा आ रहा था।
मैं कमर हिला-हिला कर उसको लंड चुसवा रहा था।
वो मेरे लंड की गोलियां भी चूस रही थी, और मेरे लंड को पूरा गीला कर चुकी थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
फिर मैंने उसको सीधा किया, और अपनी गोद में खींचकर बिठा लिया।
उसने अपनी टांगें मेरे इर्द-गिर्द की, और पैंटी पर से अपनी गांड मेरे लंड पर रगड़ने लग गई।
हम दोनों अब पागलों की तरह किस करने लग गए। उसके मोटे मोटे होंठ मेरे होंठों पर थे, और हम एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे।
फिर उसने अपनी ड्रेस अपने कंधों से नीचे की, और ब्रा भी निकाल दी। अब मेरी साली के रसीले बूब्स मेरे सामने नंगे थे।
उसके निप्प्स गुलाबी और मोटे थे, जो खड़े हो रहे थे। मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड़ा, और निप्प्स को चूसने लगा।
रिंकि मेरे चेहरे को अपने बूब्स में दबा रही थी, और कामुक आहें भर रही थी। वो बोली-
रिंकि: आह्ह्ह… जीजू… और जोर से चूसो… मेरे बूब्स बहुत दिनों से तरस रहे हैं…
मैंने उसके बूब्स को कस-कसकर दबाया, और निप्प्स को काट-काटकर चूसा। वो मदहोश हो रही थी।
फिर मैंने उसकी ड्रेस और नीचे की, और मैं उसके पेट पर किस करने लगा।
वो लगातार अपनी गांड मेरे लंड पर रगड़े जा रही थी। उसकी पैंटी बहुत गीली हो चुकी थी।
फिर वो थोड़ी ऊपर हुई, और मुझे सीट पीछे करने को बोली।
मैंने अपनी सीट पीछे की, और उसने अपनी पैंटी निकाल दी।
अब उसकी ड्रेस उसके पेट पर इकट्ठी हुई पड़ी थी, और वो ऊपर से और नीचे से बिल्कुल नंगी थी।
उसकी बुर एकदम गुलाबी और साफ थी। उसने अपने बुर के बाल साफ किए हुए थे, और वो एकदम चिकनी दिख रही थी।
अब उसकी नंगी चूत मेरे नंगे लंड पर रगड़ खा रही थी, और मेरी जांघें और उसके चूतड़ आपस में रगड़ खा रहे थे।
रिंकि ने मेरे लंड को हाथ में पकड़कर अपनी चूत के मुँह पर सेट किया। मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा और मोटा था।
जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के मुँह पर लगा, मैंने एक जोर का धक्का देके पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया।
उसकी जोर की चीख निकली, “आह्ह्ह… हाए माँ… बहुत मोटा है आपका लंड… मेरी चूत फट रही है…”
वो मुझसे दूर जाने लगी, लेकिन मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया, और लंड और अंदर पेलता गया।
उसकी चूत बहुत टाइट थी, और मेरा लंड उसमें अच्छी तरह घुस रहा था।
मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर रख लिए, और उसको आगे-पीछे करते हुए लंड अंदर-बाहर करने लगा।
कुछ मिनट में वो कंफर्टेबल हो गई, और अपनी गांड खुद आगे-पीछे करने लगी।
उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया, जिससे मेरा मुँह उसके बूब्स में दब गया। मैं उसके बूब्स चूसता रहा और लंड से उसकी चूत चोदता रहा।
रिंकि आह आह कर रही थी, और लंड का पूरा मजा ले रही थी। वो बोली-
रिंकि: आह्ह्ह… जीजू… बहुत मजा आ रहा है… आपका लंड बहुत अच्छा है… और जोर से चोदो…
मैंने अपने धक्के तेज कर दिए। कार हिल रही थी, और हम दोनों मस्त होकर चुदाई कर रहे थे।
वो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी, और मेरा पूरा साथ दे रही थी।
फिर मैंने उसको अपने नीचे किया, और मिशनरी पोजीशन में उसको तेजी से चोदने लगा।
मैं उसकी गर्दन, होंठ, बूब्स को चूस-चाट और काट रहा था।
मेरे धक्के तेज होते जा रहे थे, और वो अपने चरम पर पहुँच रही थी।
रिंकि बोली-
रिंकि: आह्ह्ह… जीजू… मैं झड़ने वाली हूँ… और जोर से चोदो…
मैंने और जोर से धक्के मारे। कुछ ही देर में उसकी चूत ने गर्म-गर्म पानी छोड़ना शुरू कर दिया।
उसका पानी मेरे लंड पर गिर रहा था, और मुझे बहुत मजा आ रहा था।
उसके कुछ देर बाद मैंने भी अपने लंड का पानी उसकी चूत में ही निकाल दिया।
मेरा वीर्य उसकी चूत में भर गया, और हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए।
10 मिनट बाद हम दोनों उठे।
रिंकि ने अपने कपड़े ठीक किए, और मैंने भी अपने कपड़े ठीक किए।
उसके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी थी। वो बोली-
रिंकि: जीजू, आज मैं बहुत खुश हूँ। आपने मेरी इतने दिनों की प्यास बुझा दी।
मैं: मुझे भी बहुत मजा आया रिंकि। तुम बहुत अच्छी चुदवाती हो।
रिंकि: अब जब भी मौका मिलेगा, हम ये करेंगे। मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगी।
मैं: ठीक है, लेकिन सावधानी से।
फिर हम दोनों उस जगह से चल पड़े जहाँ रिंकि ने नेकलेस छोड़ा था।
हमने नेकलेस लिया और वापस घर आ गए।
उस रात के बाद, मैं और रिंकि अक्सर मौका देखकर चुदाई करते हैं।
जब भी अनुराधा घर में नहीं होती, रिंकि आ जाती है और हम दोनों मस्ती करते हैं।
उसकी चूत अब मेरे लंड की प्यासी रहती है, और मैं भी उसे खूब चोदता हूँ।
यही थी मेरी तलाकशुदा साली रिंकि की चुदाई की कहानी।
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Nice story