लंगड़ी बहन चुदवाने के लिए रंडी बनी

bahan ki naukar se chudai kahani

मेरा नाम अमित है और मैं आज आपको अपनी बहन की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद अपनी यौन इच्छाओं के लिए कुछ भी करने को तैयार हो गई।

मेरी बहन प्रिया की उम्र 26 साल है। वो बचपन से ही अपने दायें पैर से अपाहिज है।

उसका पैर पोलियो की वजह से कमजोर है और वो चलने में लंगड़ाती है।

लेकिन दिखने में वो बहुत खूबसूरत है – गोरा बदन, 36-28-38 का फिगर, बड़े-बड़े गोल बूब्स और मोटी गोल गांड।

हमारे घर में माता-पिता नहीं रहते। वो गाँव में रहते हैं और मैं अपनी बहन के साथ शहर में रहता हूँ।

मैंने देखा कि प्रिया हमेशा उदास रहती थी।

उसने कई बार अपने बॉयफ्रेंड बनाने की कोशिश की लेकिन कोई भी उसके अपाहिज होने की वजह से उससे रिश्ता नहीं रखना चाहता था।

एक दिन मैंने देखा कि वो कंप्यूटर पर पोर्न देख रही थी और अपनी चूत में उंगली कर रही थी।

वो बहुत गर्म थी लेकिन उसे कोई चोदने वाला नहीं मिल रहा था।

कुछ दिन बाद उसने मुझसे कहा, “भैया, मुझे पैसे चाहिए। मैं एक काम करना चाहती हूँ।”

मैंने पूछा, “क्या काम?”

वो शर्माते हुए बोली, “मैंने सोचा है कि मैं रंडी बन जाऊँगी। मुझे चुदवाना है, मेरी चूत प्यासी है। कोई मुझे अपाहिज समझकर चोदना नहीं चाहता, तो मैं पैसे लेकर चुदवाऊँगी।”

मैं पहले तो चौंका, लेकिन फिर मैंने सोचा कि उसकी भी जरूरतें हैं।

मैंने कहा, “ठीक है, लेकिन सावधानी से काम करना।”

अगले दिन से प्रिया ने अपना काम शुरू किया।

उसने एक वेबसाइट पर अपने नंबर डाले और लिखा, “लंगड़ी लड़की चुदवाएगी, कम पैसों में।”

शाम को ही उसके फोन पर कॉल आने लगे।

एक आदमी ने 2000 रुपये देने का वादा किया। प्रिया तैयार हो गई।

उसने मुझसे कहा, “भैया, वो आदमी आ रहा है, तुम घर पर ही रहना, मुझे डर लग रहा है।”

मैंने कहा, “ठीक है, मैं अपने कमरे में रहूँगा।”

रात को करीब 8 बजे एक 40 साल का आदमी आया।

वो देखने में औसत था, लेकिन प्रिया के लिए यह कोई मायने नहीं रखता था। वो बस चुदवाना चाहती थी।

प्रिया ने उसे अंदर बुलाया।

वो आदमी उसे देखकर बोला, “तुम सचमुच लंगड़ी हो?”

प्रिया ने कहा, “हाँ, मेरा एक पैर कमजोर है, लेकिन चुदने में कोई कमी नहीं है। मेरी चूत बिल्कुल ठीक है।”

आदमी ने पैसे दिए और प्रिया उसे अपने कमरे में ले गई। मैंने अपने कमरे की दरवाजे पर कान लगाया।

प्रिया ने कहा, “पहले कपड़े उतारो।”

आदमी ने कपड़े उतारे। उसका लंड 6 इंच का था, औसत आकार का।

प्रिया ने भी अपनी नाइटी उतार दी। वो ब्रा और पैंटी में थी। उसके बूब्स बड़े और उभरे हुए थे।

आदमी बोला, “वाह, तुम तो बहुत माल हो।”

प्रिया ने कहा, “हाँ, अब जल्दी से चोदो मुझे।”

आदमी ने उसकी ब्रा उतार दी। उसके गोल-गोल बूब्स बाहर आ गए।

आदमी उन्हें दबाने लगा, चूसने लगा। प्रिया आहें भरने लगी, “आह्ह्ह… हाँh… और चूसो…”

फिर आदमी ने उसकी पैंटी उतार दी। उसकी चूत साफ शेव्ड थी, गुलाबी रंग की।

आदमी ने उंगली से उसकी चूत सहलाई। प्रिया गीली हो चुकी थी।

आदमी ने अपना लंड उसके मुँह में दिया। प्रिया उसे चूसने लगी।

वो पागलों की तरह चूस रही थी, जैसे कभी लंड नहीं देखा हो। गपागप-गपागप की आवाजें आ रही थीं।

कुछ देर बाद आदमी ने उसे बिस्तर पर लिटाया। प्रिया ने अपनी टांगें फैलाईं।

आदमी ने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और एक धक्के में अंदर डाल दिया।

प्रिया चीखी, “ऊईईई… आह्ह्ह… हाँ… चोदो मुझे…”

आदमी धक्के लगाने लगा। थप-थप-थप की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी।

प्रिया की चूचियाँ हिल रही थीं। आदमी उन्हें दबाते हुए चोद रहा था।

“क्या मस्त चूत है तुम्हारी… बहुत टाइट है…” आदमी बोला।

“हाँh… और तेज़ चोदो… मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ…” प्रिया चिल्लाई।

आदमी ने स्पीड बढ़ा दी। वो जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। प्रिया की चूत से पानी निकलने लगा। वो झड़ने वाली थी।

“आह्ह्ह… मैं निकलने वाली हूँ… और तेज़ करो…” प्रिया ने कहा।

आदमी ने पूरी रफ़्तार से चोदा और प्रिया झड़ गई।

उसका पूरा शरीर कांप रहा था। लेकिन आदमी अभी झड़ा नहीं था।

उसने प्रिया को घोड़ी बनाया। प्रिया अपने हाथों और एक घुटने पर खड़ी हुई, कमजोर पैर एक तरफ रखा।

आदमी पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा।

“आह्ह्ह… पीछे से और अच्छा लग रहा है…” प्रिया बोली।

आदमी उसकी गांड थपथपा रहा था और जोर-जोर से चोद रहा था।

करीब 10 मिनट बाद आदमी ने अपना वीर्य प्रिया की चूत में ही छोड़ दिया।

दोनों थककर लेट गए।

आदमी ने कहा, “तुम तो बहुत मस्त चुदती हो। मैं फिर आऊँगा।”

प्रिया ने कहा, “जरूर आना, मैं हमेशा तैयार हूँ।”

आदमी चला गया। प्रिया मेरे कमरे में आई, वो बहुत खुश दिख रही थी।

“कैसा रहा भैया?” उसने पूछा।

मैंने कहा, “तुम खुश दिख रही हो।”

“हाँ, बहुत मज़ा आया। आखिरकार मेरी प्यास बुझी,” वो बोली।

अगले दिन से प्रिया नियमित रूप से काम करने लगी।

वो रोज़ एक-दो आदमियों को बुलाती और उनसे चुदवाती।

कभी वो ऑफिस से आते हुए रास्ते में ही किसी से डील कर लेती और गाड़ी में चुदवा लेती।

एक दिन उसने मुझसे कहा, “भैया, तुम भी मुझे एक बार चोद लो। मैंने सुना है तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है।”

मैं पहले तो मना किया, लेकिन वो बार-बार कहने लगी। अंत में मैं मान गया।

उस रात जब कोई नहीं था, मैं उसके कमरे में गया। वो नंगी बिस्तर पर लेटी थी।

उसने कहा, “आओ भैया, आज मुझे अपने भाई से चुदवाना है।”

मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरा लंड 8 इंच का था, मोटा और कड़ा। प्रिया उसे देखकर खुश हो गई।

“वाह भैया, कितना बड़ा है तुम्हारा,” वो बोली।

वो उठी और मेरे लंड को चूसने लगी। उसने पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। वो पांच मिनट तक चूसती रही।

फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं।

उसका कमजोर पैर थोड़ा अलग था, लेकिन मैंने उसे सहारा दिया। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा।

“धीरे से डालना भैया, बहुत मोटा है,” प्रिया ने कहा।

मैंने धीरे से धक्का दिया। आधा लंड अंदर गया। प्रिया चीखी, “आह्ह्ह… बहुत बड़ा है…”

मैंने पूरा लंड एक ही बार में अंदर घुसा दिया। प्रिया की चीख निकल गई।

फिर मैं धक्के लगाने लगा। थप-थप-थप की आवाज़ हो रही थी।

“चोदो मुझे भैया… अपनी बहन को चोदो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ…” प्रिया चिल्ला रही थी।

मैंने स्पीड बढ़ा दी। उसकी चूचियाँ मैं दबा रहा था। वो बहुत गर्म थी।

करीब 20 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा। वो दो बार झड़ चुकी थी।

अंत में मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया। हम दोनों थककर लेट गए।

उस दिन के बाद से मैं भी प्रिया को नियमित चोदने लगा। वो अब बहुत खुश रहती थी।

उसकी लंगड़ाहट उसके सेक्स लाइफ में कोई बाधा नहीं थी।

वो अब एक संतुष्ट रंडी थी जो रोज़ चुदवाती थी और खुश रहती थी।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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