widow sex story
प्रिया शर्मा की उम्र बत्तीस साल की थी। वह एक छोटे से शहर के रहने वाली थीं और दो साल पहले ही उनके पति अमित शर्मा का एक दुर्घटना में निधन हो गया था।
अमित एक सरकारी अधिकारी थे और उनकी मृत्यु के बाद प्रिया पूरी तरह से टूट गई थीं।
प्रिया और अमित की शादी आठ साल पहले हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी क्योंकि अमित की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण डॉक्टरों ने बच्चे करने से मना किया था।
प्रिया एक सुंदर औरत थीं – लंबे काले बाल, गोरा चेहरा, हरी आँखें, और एक भरा-पूरा बदन जो किसी भी पुरुष को मोह ले।
अमित के निधन के बाद प्रिया अपने ससुराल में ही रहती थीं। उनके सास-ससुर, देवर और देवरानी सब एक साथ रहते थे।
प्रिया के देवर का नाम राजू था और उनकी उम्र छब्बीस साल की थी।
राजू एक युवा और हैंडसम लड़का था जो अभी तक अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में था।
राजू अपनी भाभी से बहुत प्यार करता था। बचपन से ही प्रिया उसकी पसंदीदा भाभी थीं। वह हमेशा उसका ख्याल रखती थीं और उसे अपनी बड़ी बहन की तरह मानती थीं।
अमित के निधन के दो साल बीत चुके थे लेकिन प्रिया अभी भी उसी दुःख में डूबी हुई थीं।
वह रोज़ रोती थीं, खाना ठीक से नहीं खाती थीं, और दिन भर अपने कमरे में बंद रहती थीं। उनका चेहरा पीला पड़ गया था और आँखों के नीचे काले घेरे हो गए थे।
उनके सास-ससुर बहुत चिंतित थे। उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
प्रिया को नींद नहीं आती थी, भूख नहीं लगती थी, और वह हमेशा उदास रहती थीं।
एक दिन प्रिया के सास ने पड़ोस की एक बुजुर्ग औरत से बात की।
वह औरत कहने लगी, “बहू को एक साथी चाहिए। विधवा औरत को अकेले नहीं रहना चाहिए। उसे एक पुरुष की ज़रूरत है।”
सास ने यह बात ससुर से की। ससुर ने कहा, “यह कैसे संभव है? हमारी बहू है, कोई और पुरुष कैसे आ सकता है?”
तभी सास को एक विचार आया। “हमारा छोटा बेटा राजू तो अभी कुंवारा है। क्यों ना वही…”
ससुर ने पहले तो मना किया लेकिन फिर सोचा कि इससे प्रिया की जान तो बच जाएगी।
एक रात राजू के माता-पिता ने उसे बुलाया। “राजू, तुम्हें एक ज़िम्मेदारी देनी है,” पिता ने कहा।
“क्या पापा?” राजू ने पूछा।
“तुम्हारी भाभी बहुत बीमार हैं। डॉक्टर कहते हैं कि उन्हें खुशी चाहिए। तुम्हें उन्हें खुश करना है,” माँ ने कहा।
“मैं कैसे?” राजू ने पूछा।
“तुम समझदार हो,” पिता ने कहा, “एक पुरुष एक औरत को कैसे खुश कर सकता है, यह तुम जानते हो।”
राजू समझ गया। उसने पहले तो मना किया लेकिन फिर जब उसने प्रिया की हालत देखी तो वह राजी हो गया।
राजू प्रिया के कमरे में गया। प्रिया बिस्तर पर लेटी हुई थीं और खिड़की से बाहर देख रही थीं। उनके बाल बिखरे हुए थे और चेहरा पीला था।
“भाभी,” राजू ने धीरे से कहा।
प्रिया ने मुड़कर देखा। “हाँ राजू, आओ बैठो,” उन्होंने कहा।
राजू उनके पास बैठ गया। “भाभी, आप बहुत कमज़ोर हो गई हैं।”
“क्या करूँ राजू, मन नहीं लगता,” प्रिया ने कहा।
“भाभी, मैं आपको खुश कर सकता हूँ,” राजू ने कहा।
“कैसे?” प्रिया ने पूछा।
राजू ने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया। प्रिया ने कुछ नहीं कहा।
राजू ने धीरे से प्रिया के हाथ को सहलाया। प्रिया ने अपनी आँखें बंद कर लीं। राजू ने उनके बालों को पीछे किया और उनके चेहरे को देखा।
“भाभी, आप बहुत सुंदर हैं,” राजू ने कहा।
प्रिया की आँखों में आँसू आ गए। “अब कौन देखता है मुझे?”
“मैं देखता हूँ भाभी,” राजू ने कहा।
राजू ने उनके चेहरे पर आँसू पोंछे। फिर उसने उनके गाल पर एक चुंबन किया। प्रिया चौंकीं लेकिन विरोध नहीं किया।
राजू ने उनके होंठों पर चुंबन किया। प्रिया ने भी प्रतिक्रिया दी। उनके होंठ बहुत दिनों बाद किसी ने छुए थे।
राजू ने प्रिया को बिस्तर पर लिटा दिया। वह उनके ऊपर आ गया। उसने उनके कपड़े उतारने शुरू किए। प्रिया ने थोड़ा विरोध किया लेकिन फिर चुप हो गईं।
राजू ने उनकी साड़ी उतार दी। फिर ब्लाउज और पेटीकोट। प्रिया अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं।
राजू ने उनकी ब्रा खोली। उनके स्तन बाहर आ गए। वह गोरे और कोमल थे। निप्पल गुलाबी थे।
“क्या सुंदर दूध हैं भाभी,” राजू ने कहा।
उसने एक स्तन अपने मुँह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया। प्रिया की साँसें तेज़ हो गईं।
“ओह राजू, बहुत मजा आ रहा है,” प्रिया ने कहा।
राजू दूसरे स्तन को भी चूसने लगा। उसने दोनों स्तनों को बारी-बारी से चूसा। प्रिया के निप्पल कड़क हो गए।
फिर राजू नीचे गया। उसने प्रिया की पैंटी उतार दी। उनकी बुर दिख गई। वह थोड़ी बालों वाली थी और गुलाबी रंग की थी।
“क्या सुंदर बुर है भाभी,” राजू ने कहा।
उसने अपनी उँगली प्रिया की बुर पर रखी। वह गीली हो चुकी थी। उसने धीरे से उँगली अंदर डाली।
“ओह राजू, और अंदर करो,” प्रिया ने कहा।
राजू ने उँगली को अंदर-बाहर करना शुरू किया। फिर उसने अपना मुँह वहाँ रख दिया।
“यह क्या कर रहे हो?” प्रिया ने शर्माते हुए पूछा।
“आपकी बुर चाट रहा हूँ,” राजू ने कहा।
उसने अपनी जीभ निकाली और प्रिया की बुर पर लगाई। प्रिया की कमर उठ गई।
“ओह हाँ, ऐसे ही,” प्रिया चिल्लाईं।
राजू ने उनकी बुर को अपने होंठों से पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया। उसकी जीभ प्रिया की चूत के अंदर-बाहर हो रही थी।
“मैं झड़ने वाली हूँ,” प्रिया ने कहा।
“झड़ जाइए भाभी,” राजू ने कहा।
प्रिया झड़ गईं। उनकी बुर से पानी निकला और राजू ने उसे पी लिया।
अब राजू ने अपने कपड़े उतारे। उसका लंड पूरी तरह से खड़ा था। वह करीब आठ इंच लंबा और मोटा था।
प्रिया ने उसे देखकर कहा, “बहुत बड़ा लंड है तुम्हारा।”
“क्या आप सहन कर पाएँगी?” राजू ने पूछा।
“कोशिश करती हूँ,” प्रिया ने कहा।
राजू ने प्रिया की टाँगें फैलाईं और अपने लंड को उनकी बुर के मुँह पर रखा। उसने धीरे से धक्का लगाया।
लंड का टोपा अंदर चला गया। प्रिया की साँसें फूल गईं।
“ओह, बहुत मोटा है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने थोड़ा और धक्का लगाया और आधा लंड अंदर चला गया। प्रिया की बुर बहुत टाइट थी क्योंकि दो साल से किसी ने नहीं छुआ था।
“थोड़ा रुको,” प्रिया ने कहा।
राजू ने रुककर उनके स्तनों को सहलाया। फिर उसने एक जोर का धक्का लगाया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
“आह!” प्रिया चीखीं।
राजू ने रुककर उनके होंठों पर चुंबन किया। फिर उसने अपने लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया।
बिस्तर की चरपराहट गूँजने लगी। प्रिया की बुर से आवाज़ें आ रही थीं – “फच्… फच्… फच्…”
“ओह राजू, बहुत मजा आ रहा है,” प्रिया चिल्लाईं, “और जोर से चोदो।”
राजू ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। वह जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। प्रिया की टाँगें हवा में थीं और वह उनके बीच में था।
“आपकी बुर बहुत टाइट है भाभी,” राजू ने कहा।
“और तुम्हारा लंड बहुत मोटा है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने लगभग तीस मिनट तक प्रिया को बिस्तर पर चोदा। प्रिया दो बार झड़ चुकी थीं। अब राजू झड़ने वाला था।
“मैं झड़ने वाला हूँ,” राजू ने कहा।
“अंदर ही निकालो,” प्रिया ने कहा।
राजू ने जोर से धक्के लगाए और अपना सारा वीर्य प्रिया की बुर में छोड़ दिया। वह गरम-गरम वीर्य उनकी बुर में भर गया। राजू थककर उनके ऊपर गिर पड़ा।
इसके बाद राजू रोज़ प्रिया के कमरे में आने लगा। वह रोज़ उन्हें चोदता था। प्रिया की सेहत धीरे-धीरे ठीक होने लगी। उनका चेहरा फिर से गुलाबी होने लगा, भूख लगने लगी, और नींद भी आने लगी।
एक दिन प्रिया ने कहा, “राजू, तुमने मेरा इलाज कर दिया।”
“कैसा इलाज भाभी?” राजू ने पूछा।
“मुझे जो चाहिए था वो तुम दे रहे हो,” प्रिया ने कहा।
राजू ने मुस्कुराते हुए उन्हें फिर से चोदना शुरू कर दिया।
एक दिन प्रिया ने कहा, “आज मेज़ पर चोदो मुझे।”
राजू ने उन्हें खाने की मेज़ पर लेटाया। उनकी टाँगें मेज़ के किनारे से बाहर थीं।
राजू ने अपना लंड उनकी बुर में डाला और खड़े होकर चोदना शुरू कर दिया।
“ओह, इस पोजीशन में और भी मजा आ रहा है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने उनके दूध पकड़े और दबाते हुए चोदा।
“ओह हाँ, ऐसे ही,” प्रिया चिल्लाईं, “मेज़ पर फाड़ दो मेरी बुर को।”
राजू ने और जोर से धक्के लगाए। मेज़ हिल रही थी।
एक दिन राजू ने प्रिया को कुर्सी पर बिठाया और खुद नीचे बैठ गया। उसने अपना लंड उनकी बुर में डाला।
प्रिया उसकी गोद में थीं और ऊपर-नीचे उछल रही थीं।
“ओह, इस पोजीशन में मुझे पूरा कंट्रोल है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने उनके दूध चूसे जबकि वह ऊपर-नीचे उछल रही थीं।
एक दिन राजू ने प्रिया को दीवार से सटाया और एक टाँग उठाकर उनकी बुर में लंड डाला।
“ओह, बहुत अंदर जा रहा है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने जोर-जोर से धक्के लगाए। प्रिया दीवार से सटी हुई थीं और राजू उन्हें पीछे से चोद रहा था।
“ओह हाँ, पीछे से फाड़ दो मेरी बुर को,” प्रिया चिल्लाईं।
एक दिन राजू बिस्तर पर बैठा और प्रिया उसकी गोद में आकर बैठ गईं। उसने अपना लंड उनकी बुर में डाला।
प्रिया उसकी गोद में थीं और ऊपर-नीचे उछल रही थीं। राजू ने उनके दूध चूसे।
“ओह राजू, तुम्हारा लंड बहुत अंदर जा रहा है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने और जोर से उछालना शुरू किया।
एक दिन प्रिया ने कहा, “आज मेरी गांड मारो।”
राजू ने उन्हें घोड़ी बनाया और उनकी गांड में तेल लगाया। फिर उसने अपना लंड धीरे से अंदर डाला।
“ओह, दर्द हो रहा है,” प्रिया ने कहा।
“थोड़ी देर में मजा आएगा,” राजू ने कहा।
धीरे-धीरे प्रिया को मजा आने लगा। राजू ने उनकी गांड जोर-जोर से मारी।
एक दिन उन्होंने 69 की पोजीशन में चुदाई की। प्रिया ऊपर थीं और राजू नीचे। प्रिया ने राजू का लंड चूसा और राजू ने उनकी बुर चाटी।
“ओह, एक साथ दोनों काम हो रहे हैं,” प्रिया ने कहा।
दोनों ने एक साथ एक-दूसरे को मजा दिया।
एक दिन सुबह-सुबह राजू प्रिया के कमरे में आया। प्रिया अभी सो रही थीं।
राजू ने उनकी नाइटी उठाई और उनकी बुर देखी। वह गीली थी।
उसने बिना जगाए अपना लंड उनकी बुर में डाल दिया।
प्रिया जाग गईं। “ओह, यह क्या कर रहे हो?”
“सुबह की चुदाई भाभी,” राजू ने कहा।
प्रिया मुस्कुराईं और अपनी कमर उठाने लगीं।
एक दिन दोनों ने शॉवर में चुदाई की। पानी की धार में राजू ने प्रिया को दीवार से सटाकर चोदा।
“ओह, पानी में और भी मजा आ रहा है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने उनके दूध पकड़े और जोर-जोर से धक्के लगाए।
एक दिन प्रिया रसोई में खाना बना रही थीं। राजू पीछे से आया और उनकी साड़ी उठाकर उनकी बुर में लंड डाल दिया।
“ओह, यहाँ भी?” प्रिया ने कहा।
“हाँ भाभी, रसोई में भी,” राजू ने कहा।
उसने उन्हें रसोई की मेज़ पर झुकाकर चोदा।
एक दिन दोनों ने बाथरूम में चुदाई की। प्रिया बाथटब में थीं और राजू उनके ऊपर आ गया।
उसने पानी में ही उनकी बुर में लंड डाला।
“ओह, पानी में लंड और भी मुलायम लग रहा है,” प्रिया ने कहा।
एक रात दोनों छत पर गए। प्रिया ने एक चारपाई बिछाई और उस पर लेट गईं।
राजू ने उन्हें चारपाई पर चोदा। चाँदनी रात में दोनों का मजा दोगुना हो गया।
“ओह, चाँदनी में चुदवाने का अलग ही मजा है,” प्रिया ने कहा।
एक दिन राजू ने एक कार खरीदी। दोनों ने कार में चुदाई की।
प्रिया पीछे की सीट पर थीं और राजू उनके ऊपर था।
“ओह, कार में भी मजा आता है,” प्रिया ने कहा।
एक रात दोनों एक पार्क में गए। वहाँ अँधेरा था।
राजू ने प्रिया को एक पेड़ के पीछे ले जाकर उनकी बुर में लंड डाल दिया।
“ओह, बाहर चुदवाने का अलग ही रोमांच है,” प्रिया ने कहा।
एक दिन दोनों एक होटल में गए। वहाँ उन्होंने एक लग्जरी सुइट लिया।
राजू ने प्रिया को बिस्तर पर, मेज़ पर, कुर्सी पर, बाथरूम में, और हर जगह चोदा।
“ओह, होटल में और भी मजा आ रहा है,” प्रिया ने कहा।
छह महीने बीत चुके थे। प्रिया पूरी तरह से ठीक हो चुकी थीं। उनका चेहरा गुलाबी हो गया था, वह मोटी हो गई थीं, और उनमें पहले जैसी चमक आ गई थी।
एक दिन उनके सास ने कहा, “प्रिया, तुम बहुत बदल गई हो।”
“हाँ माँ, राजू ने मेरा इलाज कर दिया,” प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा।
सास समझ गईं और मुस्कुराईं।
अब प्रिया और राजू के बीच एक नया रिश्ता था। वह अब सिर्फ भाभी-देवर नहीं, बल्कि प्रेमी थे।
राजू अभी भी रोज़ प्रिया को चोदता था। प्रिया भी अब खुश थीं।
एक दिन प्रिया ने कहा, “राजू, क्या तुम मुझसे शादी करोगे?”
“लेकिन भाभी, समाज…” राजू ने कहा।
“मुझे समाज से कोई मतलब नहीं,” प्रिया ने कहा, “मैं तुमसे प्यार करती हूँ।”
राजू ने उन्हें गले लगा लिया। “मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ भाभी।”
राजू और प्रिया ने एक नई शुरुआत की। उन्होंने शहर में एक अलग घर ले लिया जहाँ वह दोनों अकेले रहते थे।
राजू ने नौकरी कर ली और प्रिया घर संभालने लगीं। रात को दोनों की चुदाई होती थी।
प्रिया अब पूरी तरह से खुश थीं। उन्हें वो मिल गया था जो उन्हें चाहिए था – एक प्यार करने वाला पति और एक मोटा लंड।
एक रात राजू ने प्रिया से पूछा, “क्या तुम खुश हो?”
“हाँ राजू, बहुत खुश हूँ,” प्रिया ने कहा।
राजू ने उन्हें अपनी गोद में बिठाया और अपना लंड उनकी बुर में डाला।
“ओह, तुम्हारा लंड आज भी उतना ही मस्त है,” प्रिया ने कहा।
राजू ने उन्हें ऊपर-नीचे उछालना शुरू किया। प्रिया के दूध हिल रहे थे।
“मैं झड़ने वाला हूँ,” राजू ने कहा।
“मैं भी,” प्रिया ने कहा।
दोनों एक साथ झड़ गए। राजू का वीर्य प्रिया की बुर में भर गया।
“मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ राजू,” प्रिया ने कहा।
“मैं भी भाभी,” राजू ने कहा।
दोनों एक-दूसरे से लिपटकर सो गए।
- राधा के पति ने उसे कॉलगर्ल बना दिया
- दादा ने पोती को ग्रुप चुदाई का मजा दिया
- सौतेली माँ और उनकी बेटी की चुदाई
- बाप ने बेटी की बुर का भोसड़ा बना दिया
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Very beautiful story