मौसी की शादी में मामा ने लिय मज़े-2

kheton mein mama aur doston ki masti

पिछला भाग पढ़े:- मौसी की शादी में मामा ने लिय मज़े

नमस्ते दोस्तों, मेरी गे सेक्स स्टोरी के अगले भाग में आपका स्वागत है। बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों कि आप सभी को मेरी यह रियल सेक्स स्टोरी पसंद आई। चलिए अब मैं आपको बताता हूँ कि आगे क्या-क्या हुआ।

फिर उसके बाद मामा ने पास की टेबल से तेल लगाया और अपने लिंग का वीर्य अपने बनियान से ही पोंछ कर रख दिया। ये सब देख कर मुझे बता नहीं सकता क्या-क्या मजा आया।

उसके बाद मामा बाथरूम चले गए और अपने लंड को साफ़ करके मेरे पास लेट गए। फिर कुछ मिनटों के बाद मामा ने सीधा अपना मूसल मेरी गांड के छेद से टिका दिया और मेरी पाजामा के ऊपर से रगड़ना शूरू कर दिया, मुझे तो मजा ही आ रहा है और फिर मामा ऐसा करते हुए सो गए। और मैं भी।

अगली सुबह मौसी ने मुझे जगा दिया और फिर में फ्रेश हो कर सब के साथ बैठ गया। तब ही नानी ने मामा से कहा कि सारे बच्चों को आज अविनाश बेटा तुम देख लेना हम सब औरतें तेरे मामा जी के घर भात की रस्म के लिए जाना है।

तो पहले तो मामा ने नाटक किया कि सब बच्चे उन्हें परेशान करेंगे और उनको शादी के साथ आज खेत का कभी काम है। पर जब नानी ने सभी छोटे-छोटे बच्चे को अपने साथ लेके जाने की बात बोली, और बताया कि बस मुझे और 6-7 लौंडों को ही संभालना था, तब मामा का नाटक खत्म हुआ।

और फिर हम सब को नाश्ता करा कर सारी लेडीज़ चली गई। अब घर पर हम सब कजिन और मामा ही थे। तब हम सब मिल कर काफ़ी मस्ती कर रहे थे और कुछ भाई तो मामा को भी परेशान कर रहे थे।

अविनाश मामा ने हम सब से परेशान हो कर हम सब को अपने साथ ट्रैक्टर में चढ़ा दिया और मुझसे अपनी बगल बाली सीट के पास और बाकी सब को पीछे लाद दिया। फिर 15 मिनट के अन्दर हम सब मामा के खेत आ चुके है। मामा ने सब को उनकी मदद करने की लिए बोला और वापिस आते टाइम आइसक्रीम खिलाने का वादा किया।

मुझे छोड़ कर मेरे सभी भाइयों को खेत का कुछ ना कुछ तो काम आता था। तो मामा ने बोला कि तुम बस इनको देखो बाकी मै सब कर लूंगा। और ऐसा बोल कर मामा खेत में बने रूम में जा कर कपड़े बदल कर वापिस आ गए। मामा ने एक फुल स्लीव बनियान और छोटा सा तौलिया लपेटे हुए थे और जिसमें वो मुझे और भी कामुक लग रहे थे।

फिर मामा और सब लोग अपने काम में लग गए, तब ही मामा के तीन दोस्त भी आ गए। वो तीनों हमारे ट्यूबवैल से नहाने आए थे। उनको देख कर मामा बहुत ही खुश हो गए। और राजू ने मामा से पूछा कि सब छोटे बच्चे को खेत पर लाने की क्या जरूरत थी। तब मामा उनको सब बता दिया।

तब राजू ने मामा से कहा कि सब बच्चों को घर पर वापिस कर दो। मेरी बीवी देख लेगी, और हम तेरी मदद कर देंगे। फिर ट्यूबवैल से नहा कर मजा भी कर लेंगे और (उनको आंख मारी) दारू पार्टी भी कर लेंगे।

मामा भी मान गए। तो मैं सबसे पहले ही ट्रैक्टर में चढ़ने लगा। तब मामा ने बोला कि, “तुम मत जाओ, बाकी सब को सरोज छोड़ देगा। तुम खेत देखो और फिर हमारी पार्टी में मदद भी कर देना।”

उसके बाद मामा ने सरोज मामा को सब को आइसक्रीम खिलाने के पैसे दे दिए, और बाकी जब घर चले गए। और अब राहुल और राजू भी मामा की मदद के लिए मामा की तरह की अंडरवियर में आ गये। फिर मामा की हेल्प करना शुरू कर दिये।

अब मैं उन सब को बस अंडरवियर में देख कर खुश हो रहा था और पास पड़ी चोपाई पर जा कर लेट‌ गया था। तभी राहुल ने मेरे बारे में मामा से पूछ की ये कौन है, और मेरे सेक्सी बदन की तारीफ की मामा से। सीधा ही पूछ लिया कि इसकी मजे लिए कि नहीं।

मामा ने पहले उसको गाली दी और बता दिया नहीं। पर जब राजू ने बोला गांड तो एक-दम मस्त है, तो मामा ने भी हां बोल कर मुझे सेक्सी वाली गाली दी और कहने लगे अगर लूंगा तो बता दूंगा।

और सब हंसने लगे। तब ही सरोज मामा भी वापस आ गए थे। उसके बाद मेरी नींद लग गई, पर पता नहीं शायद 4-4:30 pm मामा ने मुझे जगाया दिया। उस टाइम मामा बस अंडरवियर में ही थे। उनका अंडरवियर एक-दम उनकी मर्दाना पसीने की महक से भर गया था, और मामा का लंड एक-दम से मेरे मुंह की तरफ ही था, बस कुछ इंच दूर। मामा ने मुझे जगा दिया और बोले, “चल ट्यूबवैल से नहा लो और हमारी मदद भी कर देना।”

जब मैं ट्यूबवैल के पास गया तो देखा कि सब मामा के दोस्त पानी की हौज के अन्दर थे। और उन सब के हाथों में दारू की बोतल और नमकीन भी था। पीछे से आ कर मामा ने मुझे भी अंदर आने को बोला, तो मैने अंदर आने माना कर दिया और बोला कि, “मैं सुबह ही नहा लिया हूं और अभी तो मेरे पास चेंज करने के लिए दूसरा कच्छा भी नहीं है।‌”

तो राहुल ने बोला कि, “तुम रूम के अंदर जा कर कपड़े निकाल लो और अविनाश का तौलिया लपेट कर आ जाना। तुम भी मर्द, हम भी मर्द, बस बात खत्म।”

पर फिर भी‌ नहीं माना तो मामा ने मुझे रूम में लेजा कर मेरे सारे कपड़े निकाल दिए। फिर बोले, “एंजॉय करने आए हो, एन्जॉय करो, और करने दो।” फिर अपना तौलिया देखा और बोले, “ये बदल लो, वरना हम सब साथ में नंगे हो कर मज़े करेंगे और फिर सब तेरी सेक्सी मोटी गांड देख लेंगे।”

मैं (अपने मन में): ये ही तो मेरी विश है। मैं सब को नंगा देखूं, और उनको अपनी गांड दिखा दू!

उसके बाद मैंने मामा की बात मानी और हौज के अन्दर चला गया। वो सब भी एंजॉय कर रहे थे और अब मैं भी। तभी सरोज मामा ने ऊपर से जंप लगा दी और हम सब और भी खुश हो गए। पानी के अन्दर सब के काले घोड़े उनकी कच्छों के अन्दर से दिख रहे थे। पर मामा ने का घोड़ा उन सब से मोटा और बड़ा लगा रहा था।

तभी राजू ने बोला कि‌ आज की रात वो अपनी बीवी को कस के चोद बिना नहीं सोएगा। फिर उसके बाद सरोज बोला कि उसकी बीबी तो अपनी मां के पास थी। राहुल और अविनाश तो बहन के लौड़े‌ थे, इनको अभी तक छेद ही नहीं मिला था। मामा ने राजू को गाली दी और बोले, “चढ़ गई है तो बता उतार दूं तेरी? भोसड़ा, कुछ भी चोद जा रहा है।”

दोस्तों आज की कहानी यहीं तक। अगली कहानी जल्दी ही।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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