पति ने रंडी के सामने मुझे नंगी किया- 3

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न्यूड वाइफ विद कॉलगर्ल सेक्स कहानी में पति ने मेरे सामने कालगर्ल बुलाकर हम दोनों को नंगी किया, खुद नंगे हुए, फिर उस लड़की को मेरे ऊपर लिटाकर चोदा.

फ्रेंड्स, मैं अनुराग अग्रवाल उर्फ अन्नू मेरठ से अपनी इस सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के दूसरे भाग पति ने सेक्सी कॉलगर्ल को घर बुलाया में अब तक आपने पढ़ा था कि अदिति के पति ने उसके सामने एक रंडी से अपना लंड चुसवाया और वीर्य टपका दिया.

फिर अदिति ने अपनी इस न्यूड वाइफ विद कॉलगर्ल सेक्स कहानी को आगे लिखा.

अदिति ने यानि मैंने अपने पति सुरेश के आदेश पर बेमन से ड्रिंक का गिलास पकड़ा और एक झटके में ही उसे अपने गले से नीचे उतार लिया.

इस तरह मैंने फटाफट 3 पैग अपने लिए बनाए और एक ही झटके में अपने गले से नीचे उतार लिए.
मैंने अगले 5 मिनट में ही 3 पैग अपने गले के नीचे उतार लिए थे.
यह देख कर सुरेश आंखे फाड़-फाड़ कर मुझे ही देखने लगे थे.

ड्रिंक खत्म करने के बाद मैं उन दोनों के सामने ही बेड पर बैठ गई.
सुरेश और वह कुतिया रंडी काजल भी अपना ड्रिंक खत्म कर चुके थे.

सुरेश ने अपने गिलास में बची 4-5 विहस्की की बूंदों को अपने बुझे हुए लंड पर डाल कर काजल से कहा- डार्लिंग मेरे इस लंड को चूस चूस कर खड़ा करो. अब इस रंडी के सामने तेरी चूत चोदूंगा!

काजल सुरेश के बुझे हुए लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.
अगले कुछ मिनट की चुसाई में ही सुरेश का लंड फिर से अकड़ कर खड़ा हो गया और काजल के मुँह में अन्दर बाहर होने लगा.

सुरेश अब खड़े हुए और मुझसे बोले- छिनाल, देख आज इस रंडी को तेरे ऊपर ही लिटा कर इसकी चूत में मैं अपना लंड पेलूँगा. बहनचोद मेरे पीछे से चुदवाती है ना तू कुतिया … देख साली आज मैं तेरी कमर पर ही अब इस रांड की चूत कैसे मारूंगा!
सुरेश- काजल, तू इस कुतिया के ऊपर लेट जा!

सुरेश ने मुझे बेड पर उल्टा लिटा दिया और काजल को मेरी कमर पर लिटा दिया.
मेरे चूतड़ों का तकिया बनाकर उसने काजल की टांगों को खोल दिया और अपना लंड उसकी चूत पर सैट कर एक ही झटके में अपना मदमस्त लंड उसकी चूत की गहराई में उतार दिया.

सुरेश के दिल और दिमाग के साथ-साथ उसके लंड की गर्मी काजल की चूत में बयां हो रही थी.
काजल के मुँह से ‘आह उह उह …’ की आवाजें आने लगी थीं और सुरेश के जबरदस्त धक्के मुझे भी महसूस हो रहे थे.

वे मेरी कमर पर ही काजल को लिटा कर भयंकर तरीके से उसकी चुदाई कर रहे थे और साथ ही साथ मुझे गाली भी बक रहे थे.
‘आह कुतिया, साली, छिनाल बहनचोद … मेरे पीठ पीछे चुदवायेगी तू … आह चुदवा साली … कुतिया … तेरी माँ की चूत चोदूं साली … आह तेरी माँ को भी चोद दूंगा… छिनाल!’

सुरेश चोद काजल को रहे थे पर गुस्सा मुझ पर उतार रहे थे.

दस साल की शादी में कभी भी मैंने इतना गुस्सा सुरेश में नहीं देखा था.

सुरेश का गुस्सा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था.
दारू के नशे में मेरे सामने पति का लंड रंडी की चुत में चल रहा था तो मुझे भी सेक्स की मदहोशी छाने लगी थी.

दोस्तो, जब किसी का पति उसकी पत्नी के सामने ही किसी और औरत की चुदाई करता है … वह भी उसके ऊपर ही लिटा कर आप उस स्त्री के मन की व्यथा समझ सकते हैं.
उस औरत को कितनी आत्मग्लानि होती है.

राजी-राजी तो सब कुछ किया जा सकता है परन्तु जबरदस्ती करने में औरत के आत्म सम्मान को ठेस लगती है.
आज वही हालत मेरी हो रही थी.

एक बात और यहां गौर करने वाली है कि जब औरत या आदमी पर गुस्सा हावी होता है तो वह सेक्स भी जबरदस्त करता है.
काजल की चुदाई करते वक्त सुरेश का काजल को वहशी तरीके से चोदना उसका गुस्सा में होना जाहिर कर रहा था.

दूसरी बात … जब आदमी एक बार झड़ने के बाद चुदाई करता है तो उसे स्खलित होने में समय लगता ही है!

मैंने अपनी कहानी में बताया था कि जब गुस्सा दिल और दिमाग पर हावी हो जाता है तो वह कुछ भी करवा देता है.
यही हाल इस समय सुरेश का था … वे मेरे बदन पर दूसरी रंडी काजल को लिटा कर वहशी तरीके से चोद रहे थे.

वे काजल की चुदाई करते हुए उसके दोनों मम्मों को बारी बारी से जबरदस्त तरीके से चूस रहे थे.

दोस्तो, मेरे पति सुरेश ने आज तक कभी इतनी देर तक मुझे भी नहीं चोदा था.
उस दिन मेरे पति सुरेश में न जाने कहां से इतनी ताकत आ गई कि वे 15-20 मिनट लगातार उस रंडी काजल को चोदते रहे थे.

मेरे पति सुरेश काजल को चोद रहे थे, पर उनका हर एक धक्का मुझे ऐसे महसूस हो रहा था.
ऐसा लग रहा था जैसे सुरेश उसकी नहीं, बल्कि मेरी ही चुत में अपना लंड अन्दर-बाहर कर रहे हों.

सुरेश का हर धक्का मुझे और काजल दोनों को ही तकलीफ दे रहा था … काजल की मदभरी सिसकारियां अब चीखों में बदलती जा रही थीं.

लगातार 15 मिनट से जिस प्रकार से सुरेश काजल की टांगों को अपने कंधों पर उठाकर उसकी चूत को सरपट चोद रहे थे.
उनकी इस तरह की भीषण चुदाई से मेरी भी कमर टूटी जा रही थी.

उनके हर धक्के के साथ मेरे मुँह से भी अब ‘आह … उह … हह.’ की आवाज निकल रही थी.
मैं बार-बार सुरेश से कह रही थी- सुरेश अब रूक जाओ प्लीज … आह … उह … उहहह!

पर सुरेश तो रूकने का नाम ही नहीं ले रहे थे.
वे जबरदस्त तरीके से अपना लंड काजल की चूत में अन्दर बाहर कर रहे थे.

अगले ही पल सुरेश ने अपना लंड निकाला और सारा का सारा अपना गाढ़ा-गाढ़ा वीर्य काजल के मुँह पर फेंक दिया.

काजल का सारा चेहरा सुरेश के इस चिपचिपे सफेद रस से भर गया और थोड़ा बहुत मेरी कमर पर आ गिरा था.

फिर सुरेश निढाल होकर मेरे बराबर में ही बेड पर लुढ़क गए.
नशे और स्खलन ने उनकी शक्ति को भी क्षीण कर दिया था.

मेरी कमर भी टूट रही थी.

जैसे ही सुरेश काजल के ऊपर से उठे, मैंने तुरंत उस रंडी काजल को अपनी कमर से साईड में धक्का देकर हटा दिया.

इस सारे प्रकरण से मेरी चूत में भी जबरदस्त आग लगी हुई थी, मैं अपनी चूत की हवस मिटाने के लिए तुरंत साईड में पड़ी काजल के ऊपर आ गयी और काजल के दोनों बूब्स को बारी-बारी से अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
मुझे भी शराब का न.शा चढ़ा हुआ था … पर मेरी चूत में आग लगी हुई थी.

सुरेश ने मेरे सामने ही काजल को इतनी बुरी तरह से चोदा था कि मेरा मन भी हो रहा था कि कोई मुझे भी ऐसे ही रगड़-रगड़ कर चोदे.
मैं उठी और मैंने अपनी चूत का मुँह काजल के मुँह पर रख दिया.
मैं काजल के मुँह पर अपनी चूत को रगड़ने लगी.

काजल भी शायद मेरी मनोस्थिति को समझ रही थी, उसने तुरंत अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर देकर, मेरी चूत को चूसना शुरू कर दिया.

कुछ मिनट की चुसाई में ही मेरी चूत ने भरभरा कर सारा रस उसके मुँह में भर दिया और मैं भी निढाल होकर काजल के शरीर के ऊपर ही उससे लिपट कर लेट गई.
दो घंटे की इस थकावट भरी पीड़ा के साथ न जाने हम तीनों ही कब नींद के आगोश में खो गए, कुछ पता ही न चला.

लगभग 3 घंटे बाद जब मेरी आंखे खुलीं, तो मैंने देखा हम तीनों ही नंग धड़ंग एक ही बेड पर पड़े हुए थे.
मैं उठी और बाथरूम में चली गई.

अभी तक रात को वह सारा सीन मेरी आंखों के इर्द-गिर्द ही घूम रहा था.
मैं अपनी साथ हुई इस मानसिक पीड़ा से बहुत ही आहत थी, मेरी आंखों से अश्रुओं की धारा बह रही थी.

ये सोच-सोच कर ही कि मेरे खुद के पति ने मेरा साथ ऐसा किया.
मैं बाथरूम में शॉवर चालू करके उसकी बूंदों के नीचे खड़ी हो गयी और बहुत देर तक ऐसे ही खड़ी रही.

अचानक से मैंने सोचा कि जो काम मैंने कभी किया ही नहीं, उसकी सजा मुझे मिल चुकी है तो अब क्यों न मैं उस काम को कर ही लूँ.

मेरे दिमाग की घंटी बज गयी, मैंने निर्णय लिया कि मैं अब अनुराग जी से जरूर चुदाई करवाऊंगी और वह भी अपने इस पति के सामने, जिन्होंने मुझे इतना दर्द दिया है.

दोस्तो, जब औरत बगावती हो जाती है तो दुनिया की कोई ताकत उसे अपने निर्णय से डिगा नहीं सकती और जब बात अपने मान सम्मान को ठेस की होती है तो वह कुछ भी कर सकती है.

मेरी पाठिका अदिति के साथ भी यही होने जा रहा था.
अदिति ने मन ही मन यह निर्णय लिया और अपने हाथों से अपनी आंखों के आंसू पौंछकर, बाथरूम से बाहर अपने बेडरूम में आ गई. उसने काजल को उठाया.

काजल भी अपनी आंखों को मीड़ती हुई उठी.
रात की दर्द भरी चुदाई से उसका सारा शरीर दर्द कर रहा था.

सुरेश ने अपनी पत्नी का गुस्सा उस काजल पर निकाला था.
उसके शरीर पर सुरेश के वहशीपन के निशान गलें में, उसके पेट पर, उसके गालों पर, उसकी चूतड़ों पर, उसके बूब्स पर बयां कर रहे थे कि उसके एक-एक अंग को सुरेश ने कितने वहशी तरीके से नोचा था.

मैं- काजल, मुझे माफ करना, मेरा गुस्सा बेवजह ही सुरेश ने तुम पर उतार दिया, मैं इसके लिए तुमसे माफी मांगती हूँ, हो सके तो मुझे माफ कर देना.

काजल- नहीं दीदी, आप मेरी बड़ी बहन जैसी हैं, मैंने महसूस किया हैं कि वास्तव में एक पत्नी पर क्या व्यतीत होती है जब उसका पति उसके सामने ही मुझ जैसी रंडी को चोदता है. फिर आप क्यों माफी मांग रही हैं, हम रंडियों के भाग्य में यही लिखा है, हर आदमी हम औरतों पर ही अपनी मर्दानगी दिखाता है, एक औरत होने के नाते मैं आपके मन की पीड़ा को समझ सकती हूँ.

काजल ने खड़ी होकर मुझे अपने आलिंगन में ले लिया.
मैं और काजल एक दूसरे के होंठों को चूसने लगी थीं.

दोस्तो, यदि आप लोग चाहेंगे तो मैं अगले पार्ट में आपको बताऊंगा कि कैसे अदिति ने अपने पति सुरेश के सामने ही अनुराग से अपनी मस्त चुदाई करवाई.

वैसे मेरे विचार से कभी-कभी कुछ ऐसी गलतफहमी हो जाया करती है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि आप अपने पार्टनर का इस प्रकार से अपमानित करें.

उसके सामने किसी रंडी को लाकर चोदें, या फिर उसे किसी और से चुदवा दें.
इस प्रकार की गलतफहमी बसी बसाई गृहस्थी में आग लगाने का काम करती हैं … और एक बार जब किसी कपल्स में भरोसा टूट जाता है तो जिन्दगी भर का नासूर बन जाता है.
दोनों ही अलग-अलग जगह अपने आपको खुश रखने की कोशिश करने लगते हैं.

कोई भी बात अगर हो भी जाए तो उसे प्यार से और भरोसे में लेकर ही दूर किया जा सकता है.
किसी भी रिश्ते में सबसे बड़ी बात एक दूसरे में विश्वास ही होती है.

आप अपने साथी को विश्वास में लेकर कुछ भी कर सकते हैं और आजकल हमारे पुरुष में समाज की सोच ऐसी है कि वह खुद तो कहीं भी मुँह मार ले, पर अगर उसकी पत्नी ने किसी और की तरफ देख भी लिया … या किसी से हंस कर बात कर ली तो बात का बतंगड़ बन जाता है.
पर अब स्थितियां कुछ बदल रही हैं.

अगर पुरुष किसी और स्त्री को चाहता है तो स्त्री भी किसी दूसरे पुरुष में अपनी खुशी ढूंढने लगी है.
इस सृष्टि में हम इंसान यानि आदमी और औरत एक बहुत ही खूबसूरत तोहफा है, जिसे बनाने वाले ने बहुत सोचने, समझने, महसूस करने, अपनी बात कहने और सुनने की शक्ति दी है.

इसलिए मैं अपनी हर स्टोरी में मालिक की बनाई इस कायनात को भरपूर जी लेने की सलाह देता हूँ.

मेरे विचार से चूत और लंड ही जिन्दगी का असली आनन्द हैं इसलिए यह जिन्दगी मन मारकर जीने के लिए नहीं है, जैसे तैसे काटने के लिए नहीं मिली है … बल्कि इसके एक-एक पल को जीने के लिए है. उसका आनन्द लेने के लिए मिली है और यह भरपूर आनन्द लेकर ही इस दुनिया को अलविदा कहेगी.
इसलिए अपनी जिन्दगी को रंगीन बनाइये और जिन्दगी के हर उस पल का आनन्द लीजिए जो आपको सुकून दे.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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