teen girl 3x kahani
टीन गर्ल 3x कहानी में मेरे पड़ोस की लड़की मुझे पटाकर मुझसे चुद गयी थी. हम अक्सर चुदाई कर लेते थे पर कई बार घर वालों के घर होने से मौक़ा नहीं मिलता था.
दोस्तो, मेरा नाम सूर्या है और मैं नागपुर का रहने वाला हूँ.
हम दोनों की सेक्स कहानी मस्ती से चलने लगी थी.
घर के लोग काम पर निकल जाते थे और हम दोनों वापस घर में आकर चुदाई के मजे लेने लगते थे.
लेकिन जैसा कि मैंने बताया था कि सामने दो एक एक कमरे वाले फ्लैट बने थे तो उनमें रहने वाले लोगों की नजरों से बचना जरूरी था.
अब अक्सर ऐसा होता था कि मैं ही उसके घर में आ जाता था और हम दोनों रगड़म पट्टी वाली चुदाई का खेल खेल लेते थे.
एक दिन उस पड़ोसन लड़की सीमा की मम्मी मार्केट गई हुई थीं, उसने मुझे मैसेज किया कि आ जाओ.
मैं उसके घर में आ गया.
उसी वक्त सीमा का भाई सुरेश घर वापस आ गया.
वह तो गनीमत थी कि मैं उस वक्त मैं उसके बाथरूम में मूतने गया था.
जैसे ही मैंने सुरेश की आवाज सुनी तो मेरी वाट लग गई.
उधर बाहर मेरी सैटिंग सीमा परेशान थी कि कहीं अगर सुरेश बाथरूम में घुसा तो न केवल खेल बिगड़ जाएगा, बल्कि सुरेश को समझाना मुश्किल पड़ जाएगा.
उसी समय सीमा ने मुझे अपने मोबाइल से मैसेज भेजा.
मेरे मोबाइल में हल्की सी टप की आवाज के साथ नोटिफिकेशन आया, तो मैंने झट से उसे साइलेंट पर किया.
फिर देखा तो उसने लिखा था कि कुछ करो, वरना लफड़ा हो जाएगा.
मैंने तुरंत अपने मोबाइल से एक दोस्त को सुरेश का नंबर भेजते हुए लिखा कि जल्दी से इस नंबर पर कॉल करो और इससे कहो कि आपका कोरियर आया है और आप नीचे आओ.
उसने सुरेश को फ़ोन लगाया तो सुरेश घर से बाहर निकला.
जैसे ही वह बाहर निकला, मैं सीमा के बाथरूम से बाहर निकला और इधर उधर देखते हुए अपने घर की तरफ दौड़ लगा दी.
सीमा को राहत की सांस मिली.
इस तरह से उस दिन खेल बिगड़ते बिगड़ते बचा.
इस बात से हम दोनों अब बहुत ज्यादा अलर्ट होकर मिलने की सोचने लगे थे.
सीमा की चुत को लंड की भूख लगी हुई थी, तो वह मुझे फ़ोन से कहती कि चलो किसी होटल में चलते हैं.
होटल में जाना रिस्की होता है तो मैं सोच रहा था कि उसे अपने घर में ही बुलाया जाए.
इधर समय का भी सीन बन रहा था क्योंकि मेरे घर के लोग तीन बजे तक आ जाते थे और उसकी मम्मी घर में रहती थीं, वे कभी कभी ही घर से बाहर जाती थीं.
अब इस सबके चलते हुआ ऐसा कि हमारी चुदाई को 15 दिन बीत गए.
लंड चुत आपस में मिलने को तड़फ रहे थे.
एक दिन कॉलेज की छुट्टी थी.
मैं घर पर सोया हुआ था.
मैं उस दिन देर से सोकर उठा था.
उस दिन किसी वजह से सभी कॉलेज और स्कूलों की छुट्टी थी.
मेरा भाई घर पर था और सीमा का भाई सुरेश भी भाई घर पर ही था.
मैं बाहर ब्रश कर रहा था.
तभी मैंने देखा कि सीमा अपने घर से निकली और वापस घुस कर बाथरूम में नहाने चली गई.
उसने अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया था, तो मुझे सब दिख रहा था.
मैं बाहर छत पर अपना मुँह धोने आ गया था. जिधर मैं मुँह धो रहा था, उधर उसके बाथरूम का वेंटीलेटर वाली विंडो थी.
मेरी आवाज अन्दर जा रही थी तो उसे पता चल रहा था कि मैं बाहर मुँह धो रहा हूँ.
वह भी अपने बाथरूम के अन्दर से ‘आह … आह …’ की आवाजें निकाल रही थी.
उसने खिड़की की तरफ अपना मुँह कर रखा था, जिससे मुझे उसकी कामुक आवाजें सुनाई दे रही थीं.
मैं समझ गया था कि उस लड़की को मुझसे चुदना था, लेकिन मैं अन्दर जाता तो जाता कैसे? इधर मेरा भाई घर पर था और उसका बाथरूम ठीक हमारे घर के सामने था.
उस दिन सुरेश भी घर पर ही था.
तभी सुरेश मेरे पास आया और उसने कहा- चलो लैपटॉप पर कोई मूवी देखते हैं.
मैंने कहा- लेकिन तुम्हें तो गांव जाना है न!
वह बोला- हां वह तो जाना है लेकिन जब तक फिल्म में ही मन लगाऊंगा.
मैंने सीमा के भाई से कहा- अरे यार मुझे जरा काम है. मैं अपने दोस्त के घर जाकर आता हूँ. फिर बैठते हैं.
उसने ओके कह दिया.
वह अपने कमरे में चल गया और उसकी मम्मी किसी काम से नीचे चली गईं.
बाथरूम में सीमा थी तो किसी के अन्दर जाने की गुंजाइश नहीं थी.
तभी सीमा का वीडियोकॉल आने लगा.
मैंने कॉल उठाई तो वह बाथरूम में नंगी खड़ी थी और अपनी चुत में उंगली करती हुई मुझे मजा दे रही थी.
उसे नंगी देख कर मुझसे रहा न गया और मैंने कहा- आता हूँ.
वह बोली- हां आ जाओ.
मैंने हिम्मत करके धीरे से कदम बढ़ाए और उसके घर में आकर बाथरूम में घुस गया.
मैंने दरवाजे की कुंडी लगाई और पीछे पलटा.
पीछे पलटते ही उसने मेरे होंठ अपने होंठों से पकड़ लिए.
मैंने देखा कि वह पूरी नंगी थी.
उसे नंगी देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और उसकी चूत में जाकर लगने लगा.
उसने मेरे होंठ काफी देर तक अपने होंठों से पकड़ कर रखे हुए थे.
अब हम बाथरूम में सेक्स करने वाले थे, आज यह पहली बार हो रहा कि हम दोनों उस वक्त सेक्स करने वाले थे … जब हमारे परिवार के लोग घर पर ही थे.
मैंने सीमा के होंठों से अपने होंठ छुड़ाए और उसके कान में धीरे से जाकर कहा- आवाज मत करना!
उसने कहा- ठीक है … तुम पेलो तो सही!
हम बाथरूम में सेक्स करने वाले थे, तो आज मुझे उसके साथ कुछ अलग तरह से सेक्स करना था जिससे मजा भी पूरा आए और किसी को कानों कान खबर भी न हो.
वह पूरी नंगी तो थी ही, मैं लंड सहलाया और उसे इशारा किया.
वह झट से नीचे बैठ गई और मेरे तने हुए लंड को मेरे पैंट से बाहर निकाल कर चूसने लगी.
मैंने ऊपर से अपनी शर्ट उतार दी ताकि कपड़े गीले न हो जाएं.
फिर मैंने सोचा कि पैंट भी उतार लेता हूँ. फुल नंगे होकर चोदने में ज्यादा मजा आएगा.
लेकिन वह लंड चूसने में इतनी मगन हो गई थी कि वह मुझे अपना पैंट भी उतारने नहीं दे रही थी.
मैंने जबरदस्ती अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकाला और जल्दी से पैंट निकाल कर उसके मुँह में वापस अपना लंड दे दिया.
वह मेरे टट्टों को भी चूसने लगी थी.
मैंने देखा कि उसकी चूत से पानी निकल कर नीचे टपक रहा है और वह फुल चुदासी दिख रही थी.
उसकी आंखों का लालिमा बता रही थी कि वह वासना में कितनी अधिक भरी हुई है.
उस दिन उसे पता नहीं क्या हो गया था, वह 3x टीन गर्ल मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर ही नहीं निकाल रही थी.
थोड़ी देर बाद ही मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.
मैंने सर ठोक लिया कि लंड से पानी क्यों निकाल दिया रंडी ने … अब चोदूंगा कैसे?
वह भी हंस रही थी.
अब मैंने उसे पकड़ कर खड़ी किया और उसकी गीली चूत में उंगली करने लगा.
वह अपने दोनों पैर चौड़े करके वाशबेसिन से अपनी गांड टिका कर खड़ी थी.
मैं उसकी चुत को उंगली से रगड़ रहा था. साथ ही अपने दूसरे हाथ से मैंने उसके दूध दबा रहा था.
यूं ही कुछ मिनट तक हम दोनों ने खूब मजे लिए और इस बीच मेरा लंड भी वापस खड़ा हो चुका था.
हम दोनों जिस बाथरूम में सेक्स कर रहे थे, वह ज्यादा बड़ा नहीं था … छोटा सा ही था.
अब वह बोली- चोदो न!
मैंने उसको दीवार से चिपका दिया.
उसका मुँह दीवार की तरफ था और गांड मेरी तरफ.
पहले मैंने अपने लंड में साबुन लगाया और धीरे से नीचे से उसकी चूत में डाल दिया.
उसकी चूत काफी टाइट हो गई थी क्योंकि उसे 15 दिनों से सेक्स नहीं किया था.
मेरा आधा लंड उसकी चूत में जा चुका था.
वह आह आह करने लगी थी.
मैंने कहा- शोर न करो!
वह बोली- लंड सही से अन्दर नहीं गया है, एक बार निकाल कर वापस डालो.
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे पलट कर वाश बेसिन से टिका दिया.
अब मैंने फिर से उसकी चूत में लंड सैट कर दिया.
इस बार मैं एकदम से उसकी चूत में घुसाने वाला था, तो मैंने पहले ही एक हाथ उसके मुँह के ऊपर रख दिया.
मेरा लंड उसकी चूत के छेद में सैट हो गया था.
मैंने जोर से एकदम शॉट दिया और मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर जा चुका था.
एकदम से लंड घुसेड़ने से वह तड़फ उठी और उसने चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन मेरा हाथ उसके मुँह पर पहले से ही जमा हुआ था इसलिए वह चिल्ला नहीं पाई.
अब मैं अपने लंड को अन्दर-बाहर कर रहा था और अपने लंड में उसकी गीली चूत की गरमाहट भी महसूस कर रहा था.
कुछ ही देर में सीमा को भी मजा आने लगा और वह मुझे अपने दूध चुसवाती हुई चुत चुदाई का मजा लेने लगी.
मैंने उसकी चुत में ठोकर मारते हुए कहा- सीमा, इस बार बहुत दिन बाद चोदने मिली हो.
वह बोली- हां यार, मैं तो खुद भभक रही थी.
उस दिन मैंने उससे पूछा- क्यों तुम्हारा एक चोदू और तो है … उसका लंड भी नहीं लिया क्या?
वह भड़क गई और बोली- किस की बात कर रहे हो?
मैंने उसे बताया कि वह जो शाम को तुम्हारी मम्मी के सामने तुमसे मिलने आता है!
वह हंस पड़ी और बोली- अरे वह तो मेरा कजिन है. मेरी चाची का लड़का आमोद है.
मैंने कहा- अच्छा मुझे लगता था कि वह तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड है.
वह बोली- तुम चुदाई में मन लगाओ … फालतू की बकचोदी मत करो.
अब मैं उसकी चुत में पिल पड़ा और बिना रुके मैंने रेलगाड़ी चला दी.
तकरीबन 10 मिनट तक मैंने बाथरूम में ही उसकी चुत रगड़ कर चुदाई की और उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया.
झड़ने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया, तो उसकी चूत से मेरा वीर्य बाहर निकलने लगा था.
वह फिर से नीचे बैठकर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर उसे चूस कर साफ करने लगी.
चुदाई के बाद मैंने जल्दी से कपड़े पहने और उसे लंबी सी लिप-किस देकर बाथरूम में से निकला.
मैं इधर उधर देखता हुआ आराम से अपने घर के अन्दर चला गया.
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