मामा की बेटी ने मेरा लंड पकड़ लिया

hot xxx with cousin sister

हॉट Xxx विद कज़िन सिस्टर कहानी मेरे और मेरी मामा की लड़की की है. वह हमरे घर रहने आई तो कैसे उसने रात में मेरा लंड पकड़ कर मुझे उत्तेजित किया और अपनी चूत में लन्ड डलवाया.

दोस्तो!
मेरा नाम कुणाल पण्डित है।
मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 19 वर्ष है।
मैं कॉलेज में पहले साल में हूँ।

यह मेरी पहली कहानी है।
आशा करता हूँ आप सभी को खूब मजा और आनंद आएगा।

तो ज्यादा समय न लेते हुए मैं हॉट Xxx विद कज़िन सिस्टर कहानी पर आता हूँ।

यह बात 4 महीने पहले की है जब मेरी मामा की लड़की प्रिया मेरे घर आई हुई थी।
प्रिया की उम्र 19 वर्ष है।

प्रिया दिखने में बहुत मस्त है।
अभी–अभी वह जवान हुई है तो आप समझ सकते हैं कि छोटे–छोटे चूचे, मस्त गांड, गोरे गाल और कमर में लचक कोई भी फिदा हो जाए ऐसी जवानी पर!

हमारे घर में पहले से ही मेरी बुआ आई हुई थी।
तो काफी भीड़ हो चुकी थी।

पहले प्रिया के बारे में ऐसा कोई विचार नहीं था मेरा!

प्रिया सुबह ही आई थी तो हम सब ने उससे खूब इधर–उधर की बातें की।

फ़िर दोपहर का खाना लगाने में प्रिया ने मेरी मम्मी की मदद की।
मुझे खाना उसी ने दिया।

वह मेरी कुछ ज्यादा ही देखभाल कर रही थी।
फ़िर उसने भी खाना खाया।

खाना खाने के बाद मैं पढ़ने लगा।

कुछ देर बाद मेरी बुआ का लड़का फोन लेकर आया और मुझसे कहने लगा– चलिए लूडो खेलते हैं।
तो मैं भी कुछ सवाल कर के उसके साथ लूडो खेलने लगा।

कुछ देर बाद प्रिया भी वहां आ गई।
आते ही वह भी कहने लगी– मैं भी खेलूंगी।
मैंने उससे कहा– दूसरी बार से खेलना।
तो वह मेरी बगल में बैठ गई।

फ़िर कुछ देर बाद वह मेरी जांघ पर हाथ फिराने लगी।
तब मैंने प्रिया की ओर देखा।
तो उसने अपना हाथ हटा लिया।

फ़िर हमने प्रिया को भी अपने साथ खेलने दिया।
ऐसे ही दोपहर बीत गई।

शाम को हम बैडमिंटन खेलने लगे।
तब प्रिया भी आ गई।

वह मेरे बुआ के लड़के की जगह खेलने लगी।
कुछ देर बाद मैंने देखा बार–बार उसकी चूचियां कुछ ज्यादा ही उछल रही थी।
मैंने नोटिस किया कि प्रिया ने ब्रा नहीं पहन रखी थी।

ऐसे ही कुछ देर खेलने के बाद हमने खाना खाया।

फ़िर कुछ देर मस्ती करने के बाद हम सब सोने के लिए चले गए।

हमारे घर में भीड़ हो चुकी थी तो सब ने अपनी–अपनी सोने की जगह तुरंत पकड़ ली।

पर प्रिया को जगह नहीं मिली तो वह मेरे पास आ कर सो गई।

कुछ देर हमने ऐसे ही बातें की।
फ़िर मुझे नींद आ गई।

करीब 12 बजे मुझे अपने लंड पर कुछ महसूस हुआ।

तो मैंने बिना हिले देखा कि प्रिया बिलकुल मुझसे चिपक कर लेटी हुई थी।
उसका पैर मेरे लंड पर था और उसकी चूचियां मेरे सीने से बिलकुल सटी हुई थी।

यह देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया जो प्रिया को भी महसूस हो गया था।

फ़िर प्रिया ने अपना पैर हटा कर अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया।
अब मुझसे जरा भी रुका नहीं जा रहा था।

कुछ देर तक ऐसे ही हाथ रखने के बाद प्रिया ने अपना हाथ मेरे पैंट के अन्दर डाल दिया।
फ़िर हल्के–हल्के से मेरे लंड को सहलाने लगी।

अब मैं अपने कंट्रोल को खो चुका था।
फ़िर मैंने अपना एक हाथ उसकी चूचियों पर रख दिया और उन्हें दबाने लगा।

कुछ देर तक ऐसे ही प्रिया मेरा लंड हिलाती रही और मैं उसकी चूचियों को मसल रहा था।
फ़िर उसने एकदम से मुझे चूमना शुरू कर दिया।

मैंने भी प्रिया के होंठों को अच्छे से चूसा।
यह चुंबन लगभग 3 मिनट तक चला।

तब मैंने अपना एक हाथ प्रिया के पजामे में डाल दिया।
फ़िर मैं उसकी चूत को सहलाने लगा।

कुछ देर तक चूत सहलाने के बाद मैंने प्रिया की चूत में उंगली डाल दी।

अब वह इतनी गर्म हो चुकी थी कि कभी वह मेरे होंठ काटती तो कभी मेरी गर्दन पर दांत गबाती।

वः मेरा लंड हिलाती रही और कुछ देर बाद मैं झड़ गया।
तब मैंने उसकी चूत में उंगली करनी तेज कर दी।

वह भी कुछ देर बाद झड़ गई।
फ़िर हमने एक लम्बा सा चुम्बन किया।

चुम्मा करने के बाद मैंने बिस्तर साफ किया।
उसके बाद हमने एक बार फ़िर चूमा–चाटी किया।

फ़िर हम दोनों चिपक कर सो गए।

सुबह में मुझे प्रिया ने जगाया।
वह मुझसे पहले से जग गई थी।

मुझे देख कर प्रिया मुस्कुरा रही थी।
उसने इधर–उधर देखा तो कोई नहीं था।
तब प्रिया ने जल्दी से मुझे चूम लिया।
मैं एकदम चौंक गया।

फ़िर प्रिया जल्दी से वहां से चली गई।
फ़िर मैं उठा और बाथरूम चला गया।

बाथरूम से आ कर मैंने नाश्ता किया।
फ़िर मैं प्रिया को खोजने लगा।
वह पता नहीं कहां चली गई थी।

कुछ देर बाद मैं भी बुआ के लड़के के साथ घूमने चला गया।
वह कुछ खाने की जिद करने लगा।
तो मैंने उसे वो दिलवाया।

तभी मुझे मेरा एक दोस्त मिल गया और हम ऐसे ही मस्ती करने लगे।
फ़िर 10 बजे मैं घर आने लगा।

मैंने देखा प्रिया पड़ोस की एक दीदी के यहां से आ रही थी।
हम साथ में घर जाने लगे।

तभी उसने मुझे आँख मार दी और मेरे कान में बोली– बाथरूम में आ जाना घर जा कर!
मैं फ़िर जल्दी–जल्दी घर की ओर जाने लगा।

घर पहुँचते ही मैं नहाने चला गया।

हमारा बाथरूम अलग बना हुआ है और बाहर जाने वाले दरवाजे से चिपका हुआ है।

मैं बाथरूम में गया।
फ़िर कुछ देर बाद प्रिया भी आ गई।

मैंने प्रिया से पूछा– कोई देख लेगा तो?
तब उसने कहा– मैं यह कहकर आई हूँ कि पड़ोस वाली दीदी ने कुछ मंगाया है तो मैं उन्हें वो चीज देने जा रही हूँ।

फ़िर प्रिया ने मुझे जल्दी से चूमना करना चालू कर दिया.
मैंने भी उसके होंठ चूसे और उसकी चूचियां दबाने लगा।

प्रिया ने अपने एक हाथ से मेरे लंड को पैंट से बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।
फ़िर मैंने उसे उठाया और उसके लबों को एक चुंबन किया।

मैंने उससे कहा– यहां चुदाई नहीं कर सकते आवाज होगी! यहां बस हम एक–दूसरे को शांत करते हैं।

वह मेरा लंड एकदम मस्त चूस रही थी.
कुछ देर बाद मैं झड़ गया।
वह मेरा सारा पानी पी गई।

तब मैंने प्रिया की चूत में उंगली डाल दी और आगे–पीछे करने लगा।
10 मिनट बाद प्रिया झड़ गई।
मैं उसका सारा माल चाट गया।

फ़िर वह वहां से चली गई।
तब मैं नहाने लगा और अपना औजार अच्छे से साफ किया।

जब मैं बाहर निकला तो प्रिया घर पर ही थी।
अब वह नहाने जा रही थी।

मैंने उसको आँख मारी।
तो उसने भी मुझे आँख मारी।

फ़िर हम सबने खाना खाया और ऐसे ही मस्ती मजाक करने लगे।

मस्ती–मस्ती में मैंने प्रिया की चूचियों को जोर से दबा दिया।
तो उसकी चीख निकल गई।

तब बुआ ने प्रिया से पूछा– प्रिया, क्या हुआ?
प्रिया– कुछ नहीं, वह बस चींटी काट ली।

तो मैं हंस दिया।
तब प्रिया ने मुझ ऐसे ही एक कोहनी मार दी और खुद भी हँस पड़ी।

फ़िर शाम हो गई।
हम लोग खाना खा कर सोने चले गए।

कल की तरह आज फ़िर प्रिया मेरे पास सोने आ गई।
करीब 12 बजे मैंने उसकी एक चूची को दबा दिया।

फ़िर प्रिया के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और उन्हें चूसने लगा।
चूचियां दबाने से उसकी चीख निकलने को हुई परंतु उसके होंठों पर मेरे होंठों की वजह से नहीं निकली।

तब मैंने प्रिया के कानों में कहा– चलो प्रिया दूसरे कमरे में चलते है।
हमारे घर में एक ऐसा कमरा है जहां फालतू टूटी–फूटी चीज़ें पड़ी रहती है।

पहले मैं उस कमरे में गया और कुछ देर बाद प्रिया भी वहां आ गई।
आते ही उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया।

मैंने प्रिया की टीशर्ट उतार दी।
उसने अंदर से कुछ भी नहीं पहन रखा था।

मैं उसकी चूचियों को देखते ही उन पर टूट पड़ा और उन्हें दबाने लगा।
वह सिसकारियां लेने लगी।

प्रिया ने भी मेरे सारे कपड़े निकाल दिए।
तब मैंने भी उसके पजामे को उतार दिया।

फ़िर प्रिया की पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमने लगा।
मैं उसको नीचे चूम रहा था और वह मेरा लंड सहला रही थी।

कुछ देर बाद वह नीचे बैठी और मेरा लंड चूसने लगी।
फ़िर हम 69 की अवस्था में आ गए।

लगभग 5 मिनट बाद मैं उठा और उसकी चूत पर लंड सेट किया और एक हल्का सा धक्का लगाया।
उसकी चूत में 2 इंच लंड अन्दर आराम से चला गया।

इसका मतलब वह पहले चुदवा चुकी थी।
तब मैंने पूछना सही नहीं समझा और उसे चोदने लगा।

धीरे–धीरे मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी।
प्रिया की हल्की–हल्की सी आवाज निकलने लगी।

वह जैसे ‘ओह येस बेबी’ बोली, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

लगभग 5 मिनट तक चोदने के बाद मैंने प्रिया को उल्टा किया और धकपेल चुदाई की।
फिर उसे कुतिया बना कर पीछे से पकड़ कर लंड डाल दिया और चोदने लगा।

इस तरह लगभग 15 मिनट तक हमने चुदाई की।
फिर हम दोनों साथ में झड़ गए।

हॉट Xxx विद कज़िन सिस्टर करने के बाद मैं और प्रिया हम एक–दूसरे को खूब चूम रहे थे और मैं उसकी चूचियों को मसले जा रहा था।
फ़िर हमने अपने–अपने कपड़े पहने और एक चुम्बन किया।

कुछ देर बाद एक–एक करके अपने बिस्तर पर आ गए।
हमने सोने से पहले एक बार फिर चुंबन किया।

फ़िर हम चिपक कर सो गए।
इस तरह हमने खूब चुदाई की।

दोस्तो, आपको मेरी हॉट Xxx विद कज़िन सिस्टर कहानी पसंद आई होगी।
तो कमेंट जरूर करें।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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