प्यासी भाभी को बड़े लंड से चुदवा दिया- 1

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वर्जिन बॉय फर्स्ट Xxx कहानी में मैं जवान हुआ ही था कि रिश्ते की एक भाभी ने मेरा लंड चूस कर मुझे गर्म किया और मेरे लंड को अपनी चूत में घुसवा कर मुझे सेक्स का पहला मजा दिया.

नमस्ते दोस्तो, मैं सोनम वर्मा आज अपनी एक और सेक्स कहानी के साथ आप सभी लोगों का स्वागत करती हूँ.
आज की कहानी मेरे एक नए नए बने पाठक ने भेजी है, उनका नाम रवि है.

मुझे इनकी कहानी काफी दिलचस्प और उत्तेजना से भरी हुई लगी इसलिए मैं आप लोगों के लिए इसे पेश कर रही हूँ.
यह कहानी सच्ची है या बनाई हुई, यह तो पता नहीं, लेकिन कहानी बहुत दिलचस्प है.

आइए वर्जिन बॉय फर्स्ट Xxx कहानी उन्हीं ही जुबानी सुनते हैं.

दोस्तो, मेरा नाम रवि है और मेरी उम्र 22 साल है.
अभी मैं कॉलेज के आखिरी वर्ष में हूँ.

आज जो बात मैं बताने जा रहा हूँ, वह 4 साल पहले की है जब मैं जवान होना शुरू हुआ था.

अभी तक मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं हुई है लेकिन मैं अपनी भाभी के साथ सेक्स कर चुका हूँ.

जिन भाभी की मैंने चुदाई की है, रिश्ते में वे मेरी सगी भाभी नहीं हैं, परिवार के एक भैया की पत्नी हैं.

उनकी उम्र 28 साल है और दिखने में वे बहुत सेक्सी हैं.
उनके फिगर के बारे में बताऊं, तो उनका फिगर 36-30-38 का है.
उनके जिस्म में सबसे ज्यादा आकर्षित चीज़ उनके दूध हैं क्योंकि उनके दूध बड़े होने के साथ-साथ बहुत ही टाइट हैं.
वे जब साड़ी-ब्लाउज पहनती हैं तो ब्लाउज से उनके दूध ऐसे लगते हैं जैसे ब्लाउज फाड़ कर बाहर निकल आएंगे.

इसके साथ ही भाभी की उभरी हुई गांड भी देखने लायक है.
वे किसी फिल्म एक्ट्रेस के जैसी लगती हैं.

मैंने अब तक उनके साथ कई बार चुदाई की हुई है लेकिन सच बताऊं तो मैं उनको कभी संतुष्ट नहीं कर पाया क्योंकि मैं मुश्किल से 5 मिनट ही टिक पाता हूँ.
सबसे पहली बार जब मैंने उनके साथ सेक्स किया था तो वह मेरे जीवन की पहली बार वाली चुदाई थी.

सही बात तो यह है कि मुझे चुदाई करना भी उन्होंने ही सिखाया है.
आज की तारीख में मैं इतना ज्यादा मंजा हुआ खिलाड़ी कहें या प्लेब्वॉय लड़का बन गया हूँ तो इसकी देन मेरी भाभी और मेरे पहचान के एक अंकल हैं.
उन दोनों ने ही मुझे चुदाई के कई सारे गुण सिखाए हैं.

पहले मैं लड़कियों के गुप्त अंगों के बारे में या चुदाई के बारे में कुछ नहीं जानता था.
लेकिन अब मुझे सब कुछ पता है.

भाभी मुझसे वह सब करवाती हैं जिससे कि उनको संतुष्टि मिल सके.

भाभी के साथ मेरी चुदाई की शुरुआत कैसे हुई थी और कैसे भाभी को मैंने उन अंकल से चुदवाया … इसको जानते हैं.

यह बात 2020 की है, मैं तब 12 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था.
उस समय मुझे सेक्स के बारे में न के बराबर ही पता था.
मैंने कभी किसी लड़की या औरत को नंगी तक नहीं देखा था और न ही उनके दूध या चुत आदि अंगों के बारे में मुझे कोई खास जानकारी थी.

उस समय मैं जवान होना शुरू हुआ ही था.
मेरे शरीर में कई तरह के परिवर्तन आ रहे थे जैसे कि मेरी हल्की-हल्की मूँछें आ रही थीं और मेरे लंड के इर्द-गिर्द झांट के बाल भी आने लगे थे.

मेरे छोटे से लंड में भी तनाव आना शुरू हो गया था.
उस समय मेरे लंड की लंबाई मुश्किल से 4 इंच रही होगी.
जिन भाभी को मैंने चोदा था, वे मेरे परिवार की ही भाभी हैं, उनका नाम प्रिया है.

भाभी का घर दूसरे मोहल्ले में पड़ता था और मैं कभी-कभी उनके यहां घूमने के लिए चला जाता था.

भाभी अपने सास-ससुर के साथ रहती हैं और उनके पति, मतलब रिश्ते में मेरे भाई साहब बाहर जॉब करते हैं.
वे महीने में एक-दो दिन के लिए ही घर आ पाते हैं.

जब भाभी के सास-ससुर को कहीं किसी कार्यक्रम जैसे शादी में बाहर जाना पड़ता है तो मुझे भाभी के साथ रहने को कहा जाता है.
मैं भी बड़ी खुशी से भाभी के साथ उनके घर पर रहता हूँ.

भाभी के अभी कोई बच्चे भी नहीं हैं.
मेरे मोहल्ले में एक अंकल हैं, जिनका नाम अजीत है. उनकी उम्र 44 साल है, वे मुझसे बहुत ज्यादा बड़े है.

जब भी मैं ग्राउंड में क्रिकेट खेलने जाया करता था, तो उनसे मेरी मुलाकात होती थी.
अंकल बहुत ठरकी किस्म के आदमी हैं और हम लड़कों से बहुत गंदी-गंदी बातें किया करते थे.

वे हमेशा चूत, लंड और चुदाई की ही बातें किया करते थे.
अंकल इतने बेशर्म थे कि अपना लंड निकाल कर हम लोगों को दिखाया करते थे.
उनका लंड देखकर मुझे अपना लंड ब.च्चा लगता था क्योंकि उनका लंड करीब 8 इंच का था और बेहद मोटा था.

उनका लंड देखने में कुछ अलग ही तरह का दिखाई देता था.
फिर बाद में मुझे पता चला कि कई बार कम उम्र में लंड की त्वचा डॉक्टर काट देते थे इन्फेक्शन से बचाने के लिए.
अजीत अंकल हमेशा कहते थे कि जब मैं किसी लड़की के अन्दर अपना लंड डालता हूँ, तो वह लड़की तड़प जाती है.

पहले मुझे समझ में यह नहीं आता था कि ये लंड कहां डालते हैं.
बाद में अजीत अंकल ने ही मुझे मोबाइल में चुदाई की वीडियो दिखाई थी, तो उसमें मुझे समझ आ गया था कि लंड को किधर किधर डाला जाता है.

हम लड़कों को उनकी बातें सुनकर बहुत मजा आता था और उनकी बातें सुनकर हमारा लंड भी खड़ा हो जाया करता था

ऐसे ही जब मैं प्रिया भाभी के पास जाता था तो भाभी भी हमेशा कुछ न कुछ मज़ाक किया करती थीं.
वे मुझसे कहा करती थीं- अब तो तेरी मूँछें आने लगी हैं, तू भी जवान हो गया है. अब तेरी भी शादी होगी. तुझे पता भी है कि शादी के बाद क्या होता है?

मैं उनकी बातों को हमेशा मज़ाक में लिया करता था क्योंकि मुझे उतनी जानकारी नहीं थी.
कई बार तो भाभी मज़ाक में मुझसे कहा करती थीं- तेरा आइटम अभी भी नुन्नी जैसा है या बड़ा हो गया है!

उनकी यह बात सुनकर मैं बस हंस दिया करता था.
मैं हफ्ते में एक-दो बार उनके यहां चला ही जाता था और भाभी मुझे कुछ न कुछ बनाकर खिलाया करती थीं, साथ ही मेरे साथ हंसी-मज़ाक भी खूब किया करती थीं.

फिर जल्द ही हम दोनों के बीच का हंसी-मज़ाक बिस्तर तक जा पहुंचा और हम दोनों चुदाई तक करने लगे.
अभी तक भाभी ही एक ऐसी औरत हैं, जिनको इन 4 सालों में मैंने कई बार चोदा है.

चुदाई का पहला मज़ा मुझे भाभी ने ही दिया था और झड़ने में क्या मज़ा मिलता है, यह भी उन्होंने ही दिया था.
इन 4 सालों में मैं कभी भी भाभी को संतुष्ट नहीं कर पाया क्योंकि उनके हिसाब से मेरा लंड बहुत छोटा है.

हम दोनों के बीच चुदाई कैसे शुरू हुई, अब यह बताता हूँ.

ये बात 2020 की गर्मियों की छुट्टियों की है.
भाभी के सास-ससुर किसी शादी में गए हुए थे और मुझे उनके साथ रहने के लिए बोला गया था.

ये पहली बार नहीं था कि मैं उनके साथ रहने वाला था क्योंकि पहले भी कई बार मैं उनके घर पर रुक चुका था.
मैं शाम को 7 बजे भाभी के पास चला गया और मैंने अपने कुछ कपड़े भी रख लिए क्योंकि मुझे उनके साथ 10 दिन तक रहना था.

रात में खाना खाने के बाद मैं सोने के लिए चला गया क्योंकि क्रिकेट खेलने के कारण मैं बहुत थक चुका था जिससे जल्दी ही मेरी नींद लग गई.

रात में अचानक से मेरी आंख खुल गई क्योंकि मुझे अपने ऊपर कुछ वजन सा महसूस हो रहा था.
मैंने देखा कि प्रिया भाभी मुझसे सट कर लेटी हुई थीं और अपना एक पैर मेरे ऊपर रखी हुई थीं.
उनका पैर मुझे बहुत वजनी लग रहा था क्योंकि वह हेल्दी शरीर की थीं.

उस समय मेरा वजन मात्र 35 किलो था और भाभी 60-65 किलो की रही होंगी.
उनकी जांघ पूरी तरह से खुली हुई थी, जो कि बहुत गोरी और चिकनी थी.
उनका एक हाथ मेरी पैंट में लंड के ऊपर रखा हुआ था, जैसे वह उसे थामे हुई हों.

मुझे उनका वजन सहन नहीं हो रहा था इसलिए मैंने उन्हें हल्का सा धक्का दिया जिससे वे पलट कर सो गईं.
जैसे ही वे पलटीं, मेरी नजर उनकी गांड पर पड़ी क्योंकि उनका गाउन उनकी कमर तक उठा हुआ था और पीछे से उनकी बड़ी सी गांड दिखाई दे रही थी.

हालांकि उन्होंने चड्डी पहनी हुई थी लेकिन उनकी चड्डी से आधे से ज्यादा चूतड़ बाहर दिखाई दे रहे थे और बीच में उनकी गांड में चड्डी घुसी हुई थी.
भाभी की गांड बहुत बड़ी और बहुत गोरी थी.

कुछ देर तो मैं उनकी गांड देखता रहा, फिर मेरी भी नींद लग गई.

सुबह करीब 4 बजे फिर से मेरी आंख खुली और मैंने देखा कि प्रिया भाभी फिर से मुझसे लिपटी हुई थीं.

इस बार तो उनका हाथ मेरी पैंट के अन्दर घुसा हुआ था और वह मेरे लंड को पकड़ी हुई थीं.
मुझे बहुत अजीब सा लगा क्योंकि आज तक भाभी ने ऐसा कभी नहीं किया था.

किसी तरह मैंने उनके हाथ को अपनी पैंट से बाहर निकाला और फिर से सो गया.

सुबह मैं देरी से उठा, तब भाभी काम कर रही थीं.

ब्रश करने के बाद भाभी ने मुझे चाय-नाश्ता दिया और मुझसे मज़ाक में बोलीं- रात में तुम्हारा हाथ बहुत इधर-उधर जा रहा था, जरा अपने हाथ को काबू में रखा करो!

मैं सोचने लगा कि मेरा हाथ तो कहीं नहीं गया, बल्कि भाभी ने ही पैंट में हाथ डाला था, फिर वह ऐसा क्यों कह रही हैं?

मैंने भाभी से बोला- मेरा हाथ कहीं नहीं गया, मैं तो चुपचाप सो रहा था.
भाभी हंसती हुई बोलीं- अच्छा दिखाऊं कहां जा रहा था तुम्हारा हाथ?
मैंने भी मज़ाक में बोला- हां दिखाओ!

भाभी अपने सीने पर हाथ रखते हुए बोलीं- यहां हाथ क्यों डाल रहे थे?
मैं शर्म से बोला- हट्ट … मैंने नहीं डाला वहां!

भाभी के मन में क्या चल रहा था, मैं बिल्कुल समझ नहीं पाया.

इसके बाद भाभी बोलीं- मैं जा रही हूँ नहाने, तुम नाश्ता करो.
भाभी नहाने चली गईं.

नाश्ता करने के बाद मैं टीवी देख रहा था और तभी भाभी ने मुझे आवाज़ लगाई.
मैं जल्दी से बाथरूम के पास पहुंचा और बोला- क्या हुआ भाभी .. आपने बुलाया?

भाभी बोलीं- हां बुलाया है, जरा अन्दर आ जाओ और मेरी पीठ में साबुन लगा दो, मेरा हाथ वहां तक नहीं पहुंच रहा है.
मैंने बाथरूम का दरवाजा खोला और अन्दर चला गया.

भाभी ब्रा और चड्डी पहने बैठी हुई थीं.
उनका पूरा गोरा जिस्म चमक रहा था.

मैं उन्हें इस स्थिति में देख कर सकपका गया.
फिर किसी तरह से खुद को संयंत किया और उनकी पीठ की तरफ बैठ कर साबुन लगाने लगा.

उनकी चिकनी पीठ पर साबुन लगाने से मेरे अन्दर भी अजीब सा महसूस हो रहा था.
फिर भाभी ने अपनी ब्रा की पट्टी खोल दी और बोलीं- अब अच्छे से लगा!

मैं उनकी पीठ में साबुन लगा रहा था और उसी समय उनकी बगल से उनके बड़े-बड़े स्तनों का आधा भाग मुझे दिखाई दे रहा था.

उस वक्त मेरे हाथ अपने आप ही कांप रहे थे.

भाभी बोलीं- तू तो कांप रहा है, कभी किसी को साबुन नहीं लगाया क्या?
मैं चुप रहा.

फिर उन्होंने मुझे पीठ रगड़ने को कहा और मैं हाथों से ही उनकी पीठ रगड़ने लगा.
उनकी पीठ के बीच से साबुन का झाग बहते हुए नीचे की तरफ जा रहा था और वह झाग उनकी चड्डी के अन्दर घुस रहा था.

मेरे कांपते हुए हाथों को भाभी ने महसूस कर लिया और बोलीं- तू तो इतना शर्मा रहा है यार, शादी के बाद क्या करेगा? जानता है न शादी के बाद क्या होता है!
मैं बोला- मतलब?

भाभी बोलीं- इतना भी नहीं पता कि शादी के बाद क्या होता है?
मैं चुप रहा.

फिर भाभी खड़ी हुईं तो मैं भी खड़ा हो गया.
अचानक से भाभी मेरी तरफ पलटीं और उनके बड़े-बड़े नंगे स्तन देख मैं चौंक गया.

मैंने अब तक कभी किसी महिला के स्तन नहीं देखे थे, वे भी इतने बड़े और तने हुए.
उनके निप्पल बिल्कुल गुलाबी रंग के थे.

भाभी को बिल्कुल भी शर्म नहीं आ रही थी.
मैंने अपनी नज़रें नीचे कर ली थीं.

भाभी बोलीं- चल, अब मैं तुझे भी नहला देती हूँ.
मैं बोला- नहीं भाभी, मैं खुद नहा लूँगा.

भाभी बोलीं- अरे तू क्यों शर्मा रहा है? तेरे भैया को भी तो मैं ही नहलाती हूँ … जब वे इधर आते हैं.
इसके बाद भाभी खुद मेरे कपड़े निकालने लगीं और मुझे बस चड्डी में कर दिया.

चड्डी के अन्दर मेरा लंड पूरी तरह से तना हुआ था, जिसे देख भाभी हंसती हुई बोलीं- अरे तेरी नुन्नी तो टाइट हो गई.
वे ज़ोर ज़ोर से हंसने लगीं.

फिर भाभी ने मेरे ऊपर पानी डाला और साबुन लगाने लगीं.

मेरे पूरे शरीर में साबुन लगाकर भाभी ने अचानक मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मैं सीधा उनके स्तनों से टकरा गया.
मेरा चेहरा उनके जिस्म से सटा हुआ था; उनके स्तन बहुत टाइट और निप्पल नुकीले थे.

भाभी मुझसे लिपट गईं और मुझे सहलाने लगीं.
मुझे बहुत अजीब लग रहा था लेकिन साथ ही बहुत मज़ा भी आ रहा था.

मैंने कोई विरोध नहीं किया, बस भाभी से लिपटा रहा और वे मुझे ऊपर से नीचे तक सहलाती रहीं.

कुछ देर बाद मेरे भी हाथ चलने लगे और मैं भी भाभी को सहलाने लगा.

उसी वक्त भाभी ने अपना एक निप्पल मेरे मुँह में डाल दिया और मैं उसे चूसने लगा.

कुछ देर बाद भाभी ने अपनी और मेरी चड्डी निकाल दी और हम दोनों ही नंगे हो गए.

भाभी मेरे लंड को देखकर बोलीं- अभी तेरा छोटा है, लेकिन बड़ा हो जाएगा!

भाभी ने मुझसे कहा कि यह सब बात किसी को मत बोलना, यह सब गंदी बात होती है. इसे बस हम दोनों तक ही रखना. अपने दोस्तों से भी नहीं कहना!
मैंने भी कह दिया- जी भाभी.

फिर भाभी मेरे लंड को सहलाने लगीं और नीचे बैठकर उन्होंने मेरे लौड़े को अपने मुँह में डाल लिया.
वे मेरे लंड को आगे-पीछे करती हुई उसे मस्ती से चूस रही थीं.

मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था, फिर भी वह 4 इंच से ज्यादा नहीं था.

कुछ देर बाद भाभी खड़ी हुईं और मेरे लंड को अपनी चूत में रगड़ने लगी.

रगड़ते हुए ही उन्होंने लंड को चूत के अन्दर ले लिया और मेरा लंड पूरा उनके अन्दर समा गया.

भाभी ने मेरी कमर पकड़ी और अपनी गांड आगे-पीछे करने लगीं.
मुझे उनकी चूत बहुत गर्म लग रही थी और वहां से चिपचिपा पानी भी निकल रहा था.

भाभी ने मुझे जोर से जकड़ लिया और बहुत बुरी तरह से ‘आआह … आआह …’ करने लगीं.

उन्होंने मेरे होंठ अपने मुँह में ले लिए और मेरी जीभ को चूसने लगीं.
भाभी जोर-जोर से गांड हिला रही थीं और मदभरी आवाजें निकाल रही थीं.

मेरा लंड तेजी से उनकी चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था.
अभी 2 मिनट ही हुए थे कि अचानक मेरा पूरा शरीर अकड़ने लगा और ऐसा लगा जैसे मैं हवा में तैर रहा हूँ.

फिर लंड में महसूस हुआ कि कुछ चीज़ तेजी से बाहर आने वाली है.
मेरे मुँह से जोर से आवाज निकली- आह भाभी आह … यह क्या हो रहा है!

वर्जिन बॉय फर्स्ट Xxx करने से मेरे लंड से बहुत तेज स्पीड से गर्म पानी किसी फव्वारे की तरह भाभी की चूत में जाने लगा.

भाभी ने मुझे जोर से जकड़ लिया और बोलीं- बस इतने में ही निकल गया तेरा तो!
मैं एकदम से शिथिल हो गया था.

फिर भाभी बोलीं- अभी तुझे सिखाना पड़ेगा, तुझसे कुछ नहीं बनता.

नहाने के बाद हम दोनों बाहर आ गए.

फिर तैयार होकर भाभी बोलीं- चल, बाजार चलना है.

भाभी अपनी स्कूटी से मुझे बाजार ले गईं, मैं उनके पीछे ही बैठा था.

बाजार की एक दुकान में भाभी सामान ले रही थीं और मैं बाहर आते-जाते लोगों और गाड़ियों को देख रहा था.

अचानक मेरी नजर अजीत अंकल पर पड़ी, जो मुझे ही देख रहे थे.
अजीत अंकल मुझे देखकर मुस्कुराए और भाभी की तरफ इशारा करते हुए पूछा- यह कौन है?

मैं उनके पास चला गया और बोला- वे मेरी भाभी हैं, दूसरे मोहल्ले में रहती हैं.
अजीत अंकल अपनी आदत के हिसाब से बोले- मस्त टाइट माल है तेरी भाभी … उछल-उछल कर लंड लेती होगी!

मैं बोला- हट … आप गंदी बात न करो.
अंकल बोले- अबे सच बोल रहा हूँ, मुझे भी ऐसी कोई माल दिला दे अगर तेरी पहचान में कोई हो तो!

मैंने कहा- अरे अंकल, यह सब क्या बोलते रहते हो.
अंकल बोले- तू अभी छोटा है, तू क्या जाने ऐसी माल को ही चोदने में असली मजा है. कोई होगी तो मुझे जरूर बताना.

मैंने मुँह बना लिया.

फिर अंकल बोले- अरे नाराज मत हो यार.
इतना कह कर वे हंसने लगे.

इतने में भाभी सामान लेकर आ गईं और हम दोनों फल की दुकान पर चले गए.
भाभी फल ले रही थी और सामने ही अजीत अंकल खड़े हुए थे.

अंकल लगातार भाभी को बहुत गंदी निगाह से देख रहे थे.
इसके बाद मैं और भाभी घर आ गए.

शाम को जब मैं क्रिकेट खेलने ग्राउंड गया तो अंकल फिर मिल गए.
उन्होंने मुझे पास बुलाया और बोले- दोपहर में तो भाभी के पीछे स्कूटी में बैठा था, उसकी गांड को छुआ या नहीं?

मैं बस उनकी बात सुनकर हंस रहा था और वे ऐसी ही गंदी बातें करते हुए पैंट में अपना लंड मसलते जा रहे थे.

दोस्तो, इस सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगा कि किस तरह से मैंने भाभी और अंकल का मेल करवाया और उन दोनों में मस्त चुदाई भी हुई.

अगला भाग: प्यासी भाभी को बड़े लंड से चुदवा दिया- 2

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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