hot girl desi kahani
हॉट गर्ल देसी कहानी में एक सुबह मैं सैर करने पार्क में गया तो वहां एक जवान लड़की अकेली बैठी थी. मैंने उसके सामने की तरफ बैठ कर उसे देखने लगा. वह मुस्कुरा दी.
सभी चूत की रानियों को मेरा सलाम! मेरा नाम लविश (बदला हुआ) है और मैं जोधपुर (राजस्थान) से हूँ।
यह मेरे जीवन का पहला अनुभव है जो मैं आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ जो मेरे और एक लड़की के बीच हुआ जो मुझे पार्क में मिली थी।
हॉट गर्ल देसी कहानी की शुरुआत करने से पहले बता देता हूँ कि मेरे लंड का साइज 6 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है जो किसी को भी अच्छे से संतुष्ट कर सकता है।
उस लड़की का नाम श्वेता (बदला हुआ) है और वह 22 साल की है।
उसका साइज 32B-30-34 है, जो बहुत ही आकर्षक है।
चलिए शुरू करते हैं।
पार्क में पहली मुलाकात
एक दिन मैं शाम को बहुत बोर हो रहा था, तो सोचा कहीं घूम कर आऊँ।
मैं अपनी बाइक स्टार्ट करके शास्त्री सर्किल की तरफ चला गया।
उस समय वहाँ इतनी भीड़ नहीं होती है।
मैंने जाकर एक कॉफी ली और सामने पार्क में जाकर बैठ गया।
थोड़ी देर बाद सामने की तरफ बैठी एक लड़की मुझे दिखाई दी जो बहुत ही सुंदर थी, तो मैं उसे बस एक नजर से देखे जा रहा था।
इस समय पार्क में भी इतनी भीड़ नहीं थी, बहुत कम लोग थे जो भी अपने-अपने पार्टनर के साथ बैठे एंजॉय कर रहे थे।
कुछ देर देखने के बाद वह भी मेरी तरफ देखे जा रही थी और हल्की-हल्की स्माइल पास कर रही थी।
मैंने 15 मिनट बाद उसकी तरफ जाने का सोचा और उससे बात करने का, क्योंकि वह भी दिखने में बहुत ही सुंदर थी और लाइन भी दे रही थी।
मैं उठकर गया और उसके पास जाकर बैठ गया।
मैंने उसको ‘हाय’ बोला तो उसने भी वापस हाथ हिलाया और ‘हेलो’ किया।
फिर कुछ देर इधर-उधर की बात करके मैंने उसको सीधा पूछ लिया कि यहाँ किसका इंतज़ार कर रही हो?
उसने बताया कि वह यहाँ पास में ही रहती है और घर पे बोर हो रही थी, तो यहाँ आकर बैठ गई।
फिर उसने पूछा, “आप यहाँ कैसे?”
मैंने भी उसको वही जवाब दिया और हम बात करने लगे।
मैंने धीरे से उसके हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया।
उसने मेरी तरफ देखा और थोड़ा सा स्माइल किया और हाथ को वहीं रखे रखा।
मेरी थोड़ी और हिम्मत बढ़ गई.
तो मैंने 5 मिनट बाद उसके थोड़ा और करीब जाकर अपने हाथ को वहाँ से उठाया और उसकी जाँघ पर रख दिया।
वह थोड़ी सी ऊपर उठी और साँस तेज़ी से लेने लगी।
मैंने अपने हाथ को थोड़ा सा घुमाया उसकी जाँघ पर, तो वह अपनी टाँगों को खोलने लगी और मेरे हाथ पे अपना हाथ रख कर उसको ऊपर की ओर ले जाने लगी और अपने होठों को काटने लगी।
मैंने इधर-उधर देखा तो लोग घूम रहे थे.
तो मैंने ये सब वहाँ करना सही नहीं समझा और धीरे से उसको बोला, “लोग देख रहे हैं!”
उसने झट से मेरा हाथ छोड़ दिया और अच्छे से बैठ गई।
लेकिन उसकी इस हरकत से मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया था और वह भी।
मैंने उसको बोला कि कहीं और चलते हैं, तो उसने बोला, “नहीं! टाइम होने वाला है और मुझे ट्यूशन भी जाना है। हम कभी और मिलेंगे!”
वह उठकर जाने लगी.
तो मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसको नंबर के लिए बोला।
उसने अपने नंबर बता दिए और कॉल करने के लिए मना किया।
वह बोली, “रात को मैं अपने आप मैसेज कर दूँगी। तब तक इसको तेल लगाकर तैयार रखो तुम!”
बोलते हुए उसने मेरे लंड पर अपने हाथ को ज़ोर से दबाया।
रात का मैसेज और प्लान
मैं अपने हथियार को मसलते हुए घर की तरफ चल पड़ा और घर जाकर उसको याद करके मूठ मारी।
फिर मैं इधर-उधर घूम कर उसके मैसेज का वेट कर रहा था।
रात को खाना खा कर अपने रूम में गया और 9 बजे किसी अनजान नंबर से मैसेज आया, “तेल लगाया या नहीं?”
मैं मैसेज पढ़ते ही समझ गया कि ये श्वेता का ही मैसेज है।
मैंने वापस जवाब दिया कि तुम्हारी याद में तो एक बार हिला चुका हूँ।
वह पढ़ते ही हँसने लगी।
फिर हमारी इधर-उधर की बात हुई और उसने पूछा, “फिर अब आगे क्या सोचा है? मिलना है या सिर्फ याद करके हिलाते रहोगे?”
मैंने उसको बोल दिया कि कल सुबह ही मिलते हैं।
उसने पूछा, “कल सुबह कैसे और कहाँ?”
मैंने उसको बोला कि कायलाना (जोधपुर की झील) चलते हैं। वहाँ पर छोटे-छोटे पहाड़ हैं आस-पास में और सुबह के समय कोई आता भी नहीं।
उसने कुछ देर सोचने के बाद ‘हाँ’ बोल दिया।
फिर हमारी थोड़ी देर बात हुई और फिर सो गए क्योंकि सुबह जल्दी उठना था।
पर मेरी आँखों में नींद नहीं थी, बार-बार पार्क वाला सीन याद आ रहा था।
कल क्या होगा और कैसे करूँगा, वो सोच कर मेरा खड़ा हो रखा था।
रात को मैंने दो बार वो सब सोच कर मूठ मारी और फिर पता नहीं कब नींद आ गई।
कायलाना झील और सुबह का रोमांस
मैंने सुबह 4 बजे का अलार्म लगा रखा था।
मैं जल्दी से उठकर तैयार हुआ और 4:30 बजे घर से निकल गया।
उसको मैसेज किया तो वह भी उठकर मेरा इंतज़ार कर रही थी।
फिर मैंने उसको पार्क के पास ही बुला लिया और वहाँ से उसको लेकर हम कायलाना की तरफ निकल पड़े।
वह सुबह-सुबह भी इतनी सुंदर लग रही थी।
उसने एक दम चिपकी हुई लोअर पहनी थी और ऊपर टी-शर्ट।
बाइक पर वह मुझसे पूरी चिपक कर बैठी थी, जिसकी वजह से उसके बूब्स मुझे महसूस हो रहे थे और मेरा खड़ा हो चुका था।
उसने बाइक पर बैठे-बैठे ही अपना हाथ आगे रखा और मसलने लगी।
मेरे से बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था और सोच रहा था कि यहीं पटक कर चोद दूँ उसको, पर मैंने इंतज़ार किया।
हम जल्दी से वहाँ पहुँच गए और बाइक को साइड में लगाकर एक पत्थर के पीछे चले गए।
सुबह-सुबह वहाँ कोई भी नहीं था और थोड़ा-थोड़ा अंधेरा भी था क्योंकि अभी 5 ही बजे थे।
मैंने जाते ही पीछे हाथ लगाकर उसकी गांड मसल दी, जिसकी वजह से उसकी सिसकी निकल गई, “आ आआह हहह!”
वह हँसने लगी।
मैंने ज्यादा देर ना करते हुए उसको अपनी तरफ खींचा और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए।
हमने 15 मिनट तक लगातार किस किया और मैं साथ में ही उसके बड़े-बड़े बूब्स दबा रहा था, जिसकी वजह से वह बहुत गरम हो चुकी थी।
उसके निप्पल खड़े हो चुके थे।
फिर वह नीचे बैठने लगी और मेरी लोअर नीचे करके फटाक से मेरे लंड को मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी।
उसकी इस हरकत की वजह से मैं मदहोश हो चुका था और बस आहें भर रहा था।
उसने 10 मिनट तक चूसा और मेरा निकलने वाला था तो मैंने उसको बताया।
वह बोली, “मुँह में ही डाल दो!”
फिर उसने जल्दी-जल्दी मुँह में लेकर हिलाया तो मैं 2 मिनट में उसके मुँह के अंदर ही ढीला हो गया।
उसने वो पी लिया और फिर अच्छे से साफ करके वापस उठ गई और किस करने लगी।
चूत की ठुकाई
फिर मैंने उसको उल्टा घुमाया और उसकी गर्दन पे किस करने लगा और धीरे-धीरे नीचे जा रहा था।
वह शायद उसकी वजह से पूरी गीली हो चुकी थी।
फिर मैं पूरा नीचे बैठ गया और उसको थोड़ा झुकने को बोला और उसकी पेंट नीचे कर दी।
उसकी गांड बहुत बड़ी और पूरी गोल आकार में थी।
मैंने जल्दी से उसकी गांड में मुँह डाल कर सूँघने लगा।
उसकी पूरी पैंटी गीली थी और वह ज़ोर-ज़ोर से आहें भर रही थी।
मैंने उसकी पैंटी नीचे करके नीचे जीभ से चाटने लगा और वह मेरा सर पकड़ कर अंदर की तरफ दबा रही थी।
5 मिनट बाद ही उसकी चूत से बहुत तेज़ पिचकारी निकली और वह एक बार और ढीली हो गई।
सारा चूत का पानी मेरे मुँह में आ गया।
मैं जल्दी से उठा और अपनी लोअर नीचे करके अपने लंड को नीचे लगा दिया।
जैसे ही उसको महसूस हुआ, वह अपनी गांड पीछे की तरफ दबाने लगी और बोलने लगी, “जल्दी डाल दो अब! और इंतज़ार नहीं होता!”
मैंने अपने लंड को सेट करके एक धक्का मारा!
उसकी चूत पूरी गीली होने की वजह से बहुत आसानी से मेरा लंड अंदर चला गया.
और उसकी चीख निकल गई, “मार दिया यार! इतनी तेज़ कौन डालता है? आराम से करो!”
उसको देख कर मुझे पता चल गया था कि ये पहले भी चुद चुकी है।
फिर मैंने धीरे-धीरे अंदर किया और 5 मिनट बाद वह फिर से गरम हुई और बोलने लगी, “अब तेज़ करो!”
फिर मैंने उसके कंधों पर हाथ रखे और लगातार उसकी 20-25 मिनट तक पीछे से मारी।
फिर उसको मैंने वहीं पर लेटने को बोला तो वह बोली, “नहीं! मैं ऊपर आऊँगी, तुम लेटो!”
फिर मैं नीचे बैठा और वह सीधा आकर मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत में डाल कर बैठ गई और उछलने लगी।
5 मिनट बाद वह फिर से ढीली हो चुकी थी और मेरे को पानी महसूस हो रहा था।
फिर हम 20 मिनट तक वैसे ही लगे रहे और मेरा निकलने वाला था तो मैंने उसको बोला, “खड़ी हो जा! मेरा होने वाला है!”
वह झट से खड़ी हुई और मुँह में ले लिया और फिर से चूसने लगी।
5 मिनट तक करने के बाद मैं उसके मुँह में ही निकल गया, जिसे वह एक बार फिर पूरा पी गई और चाट कर मेरे लंड को साफ किया।
फिर हमने अपने कपड़े सही किए और मैं उसको पीछे से पकड़ कर थोड़ी देर वहीं बैठ गया और किस करने लगा।
पूरी सुबह हो चुकी थी और टाइम देखा तो 7 बजने वाले थे।
फिर वहाँ से उठकर हमने आगे जाकर चाय पी और थोड़ी बातें की।
तब फिर उसको मैंने पार्क के पास छोड़ दिया।
तो ये थी मेरी कहानी।
अगर कोई गलती हुई हो तो प्लीज मुझे माफ करना और कमेंट करके जरूर बताना कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी।
उसके बाद मैंने उसकी गांड भी मारी और उसकी सहेली को भी चोदा, वो अगली कहानी में बताऊँगा।
धन्यवाद!
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।