मेरी बहन आलिया के इच्छा पर ग्रुप चुदाई करवाया

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होटल में एक रात गुज़ारने के बाद आलिया की हवस और बढ़ गई। एक दिन उसने अपने भाई किशोर से एक ऐसी ख्वाहिश ज़ाहिर की जिसे सुनकर वो चौंक गया… वो चाहती थी कि एक साथ कई मर्द उसे चोदें। किशोर ने अपने कॉलेज के तीन दोस्तों को चुना और एक शुक्रवार की रात को होटल में एक ऐसा गैंगबैंग आयोजन किया जिसकी आलिया हमेशा याद रखेगी… पढ़िए कैसे एक बहन अपने भाई और उसके दोस्तों की रंडी बनी।

होटल वाली रात के बाद से आलिया बदल सी गई थी।

वो और भी ज़्यादा बोल्ड हो गई थी, और भी ज़्यादा खुली विचारों वाली।

हम अक्सर रात को फोन पर सेक्स चैट करते, एक-दूसरे को नंगी तस्वीरें भेजते।

{अगर आपने पिछली कहानी नहीं पढ़ी है तो पहले वह पढ़ लें की कैसे मैं अपनी बहन आलिया को होटल में ले जाकर चोदा}

एक दिन रात को करीब बारह बजे जब मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था, आलिया का मैसेज आया, “किकू… सोए नहीं अभी तक?”

मैंने रिप्लाई किया, “नहीं तुम्हारी याद में लेटा हूँ… तुम्हारी चूचियों को सोच-सोचकर मुठ मार रहा हूँ।”

उसने टाइप किया, “वो सब छोड़ो… मुझे तुमसे कुछ सीरियस बात करनी है। कल सुबह मम्मी-पापा जा रहे हैं नानी के यहाँ, याद है ना?”

“हाँ, तो?”

“तो मुझे तुमसे कुछ कहना है… पर डर लग रहा है कि तुम बुरा मान जाओगे।”

मैंने कहा, “अरे पागल, अब हमारे बीच क्या छुपाना? बोलो।”

कुछ देर टाइपिंग होती रही, फिर मैसेज आया, “मैं… मैं सोच रही थी कि… एक से ज़्यादा लोगों के साथ… मतलब…”

मेरा दिल ज़ोर से धड़का। मैं समझ गया था वो क्या कहना चाह रही थी।

मैंने लिखा, “तुम गैंगबैंग की बात कर रही हो?”

“हाँ… मुझे पता है ये बहुत गंदी बात है… लेकिन मैंने इंटरनेट पर वीडियो देखी हैं… मुझे बहुत एक्साइटमेंट होती है सोचकर कि एक साथ कई लोग मुझे छुएँ, चोदें… मैं तुम्हारे साथ तो रहना चाहती हूँ, लेकिन मुझे ये एक्सपीरियंस भी चाहिए… प्लीज़ मना मत करना…”

मैंने सोचा। ये सच में बड़ा स्टेप था। लेकिन देखा जाए तो ये मेरे लिए भी एक्साइटिंग था।

मैंने कहा, “ठीक है… मैं सोचता हूँ। लेकिन ये बहुत रिस्की है। किसी को पता नहीं चलना चाहिए।”

“मुझे पता है तुम कुछ न कुछ कर लोगे… मैं तुम्हारी हूँ, जैसे चाहो वैसे इस्तेमाल करो मुझे…”

अगले दिन मैंने सोचना शुरू किया। मेरे कॉलेज में मेरे तीन दोस्त थे जिन पर मुझे भरोसा था – राहुल, विराज और सिद्धार्थ।

ये सभी मेरे क्लोज़ फ्रेंड्स थे और हम अक्सर पार्टियों में साथ जाते थे।

मैंने उन्हें अलग-अलग बुलाकर बात की। पहले राहुल को बुलाया, जो कि एक लंबा-चौड़ा, जिम जाता हुआ लड़का था।

“राहुल, एक बात पूछूँ… तू कभी ग्रुप सेक्स किया है?” मैंने सीधा सवाल पूछा।

राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, “अबे, क्या बात कर रहा है? नहीं यार, लेकिन करना चाहूँगा… क्यों? कोई सेटिंग है?”

“मेरी बहन है… वो चाहती है कि… समझ रहा है ना?”

राहुल की आँखें चौड़ी हो गईं।

“सच में? तेरी बहन? वो जो आलिया है? अबे वो तो बहुत हॉट है यार… मैंने उसे कई बार नोटिस किया है… लेकिन तू ठीक तो है ना?”

“मैं ही अरेंज कर रहा हूँ… तू इंटरेस्टेड है?”

“बिल्कुल यार! जब चाहे बोल दे!”

फिर मैंने विराज और सिद्धार्थ से भी बात की। दोनों ने तुरंत हाँ कर दी।

विराज एक पतला-दुबला लेकिन काफी हैंडसम लड़का था, जबकि सिद्धार्थ थोड़ा मोटा लेकिन मज़बूत बदन वाला था।

अब मेरे पास तीन दोस्त थे, प्लस मैं खुद… कुल चार लोग।

मैंने ग्रुप चैट बनाया और सबको नियम समझाए – किसी को पता नहीं चलेगा, कंडोम ज़रूरी है, और आलिया जो कहेगी वो होगा।

वो क्वीन होगी उस रात, हम सब उसके गुलाम।

शुक्रवार आ गया। मम्मी-पापा सुबह ही निकल गए थे।

मैंने होटल में एक बड़ा सूट बुक किया – दो बेडरूम, एक लिविंग एरिया, और बड़ा बाथरूम। शाम को छह बजे मैं आलिया को लेकर निकला।

उसने पहनी थी एक सफ़ेद रंग की छोटी सी ड्रेस जिसमें उसकी जांघें पूरी दिख रही थीं और ऊपर से उसके चूचियों की क्लीवेज बहुत हद तक नज़र आ रही थी।

उसने मेकअप किया हुआ था – गहरे लाल होंठ, आँखों में काजल, और गुलाबी ब्लश। वो किसी पोर्न स्टार से कम नहीं लग रही थी।

“तुम सच में स्योर हो?” मैंने गाड़ी चलाते हुए पूछा।

आलिया ने मेरे हाथ पर हाथ रखा और कहा, “हाँ किशोर… मैं इसके लिए पिछले एक महीने से तरस रही हूँ… मुझे पता है तुमने जो दोस्त चुने हैं वो अच्छे होंगे… मैं आज रात पूरी तरह से तुम लोगों की हूँ… जैसे चाहो वैसे इस्तेमाल करना मुझे… मैं तुम्हारी रंडी हूँ आज…”

ये शब्द सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। हम होटल पहुँचे। रिसेप्शन से चाबी ली और सीधे सूट में गए।

अंदर पहले से ही मेरे तीनों दोस्त मौजूद थे। वो सब सोफे पर बैठे थे और शराब का ग्लास हाथ में लिए बातें कर रहे थे।

जब आलिया अंदर आई, तो तीनों खड़े हो गए। उनकी आँखें आलिया के बदन पर टिक गईं।

“वाओ… आलिया… तुम तो… बहुत खूबसूरत लग रही हो…” राहुल ने कहा।

आलिया ने शरारती मुस्कान दी और कहा, “शुक्रिया… और थैंक्यू कि तुम लोग मेरी इस ख्वाहिश को पूरा करने आए…”

विराज ने कहा, “ये हमारा सौभाग्य है… तुम जैसी खूबसूरत लड़की के साथ…”

सिद्धार्थ ने शराब का ग्लास उठाया और कहा, “तो फिर शुरू करें?”

आलिया ने कहा, “हाँ… लेकिन पहले मैं कुछ कहना चाहती हूँ… आज रात मैं सिर्फ़ तुम्हारी रंडी हूँ… जो चाहो करो मुझसे… कोई लिमिट नहीं… बस एक शर्त है – कोई ज़बरदस्ती नहीं, सब कुछ मर्ज़ी से… और हाँ, मैं चाहती हूँ कि तुम सब मुझे गंदी-गंदी गालियाँ दो… मुझे वो पसंद है…”

राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेबी, तुम चिंता मत करो… आज रात हम तुम्हें ऐसा चोदेंगे कि तुम कभी नहीं भूल पाओगी…”

मैंने शराब की बोतल खोली और सबको ग्लास दिए।

हमने टोस्ट किया – “आलिया की हवस के लिए!” फिर हमने शराब पी।

आलिया ने भी एक घूँट लिया। उसके चेहरे पर लाली छा गई।

वो सोफे पर बैठी और अपने पैर फैला दिए, जिससे उसकी सफ़ेद पैंटी दिखने लगी।

“कौन पहले आएगा मेरे पास?” आलिया ने पूछा।

राहुल सबसे पहले उठा। वो आलिया के पास गया और उसके सामने घुटनों के बल बैठ गया।

“तुम्हारी ये ड्रेस उतारूँ?” राहुल ने पूछा।

“हाँ… निकाल दो इसे… फाड़ दो अगर मन हो तो…” आलिया ने कहा।

राहुल ने उसकी ड्रेस के ऊपर से ही चूमना शुरू किया।

उसने आलिया की गर्दन पर किस किया, फिर धीरे से ड्रेस के स्ट्रैप नीचे किए।

आलिया ने हाथ ऊपर उठाए और राहुल ने उसकी ड्रेस ऊपर से निकाल दी।

अब आलिया सिर्फ़ सफ़ेद ब्रा और पैंटी में थी। उसका गोरा बदन चमक रहा था।

“वाओ… क्या बदन है… क्या माल है ये…” विराज ने कहा।

राहुल ने आलिया की ब्रा खोल दी। उसके चूचियाँ बाहर आ गए।

राहुल ने तुरंत एक चूची मुँह में ले ली और चूसने लगा।

आलिया ने सिर पीछे किया और आँखें बंद कर लीं।

“आह… हाँ… चूसो… और ज़ोर से…” वो कराही।

मैं और बाकी दोस्त उन्हें देख रहे थे। मेरा लंड पैंट में तनकर दर्द दे रहा था।

सिद्धार्थ ने अपनी पैंट खोली और अपना लंड निकाला। वो 6 इंच का मोटा लंड था।

वो आलिया के पास गया और उसके मुँह के पास लंड ले आया।

आलिया ने आँखें खोलीं और उसका लंड पकड़ लिया। “म्म्म… और मोटा है तुम्हारा…” वो बोली और उसे मुँह में ले ली।

अब आलिया एक हाथ से सिद्धार्थ का लंड चूस रही थी और राहुल उसकी चूचियाँ चूस रहा था।

विराज भी नंगा हो चुका था। उसका लंड करीब 7 इंच का था, पतला लेकिन लंबा।

वो आलिया के पीछे गया और उसकी पैंटी नीचे खींची।

आलिया ने अपनी टांगें उठा दीं और विराज ने उसकी पैंटी उतार दी।

अब आलिया पूरी तरह नंगी थी, सिर्फ़ हाई हील्स पहने हुए।

विराज ने आलिया की गांड पर थप्पड़ मारा। “क्या गांड है साली… बहुत मस्त माल है तू…” विराज ने कहा।

“हाँ मारो… और ज़ोर से मारो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ…” आलिया ने मुँह से लंड निकालकर कहा।

विराज ने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटके में आधा अंदर डाल दिया।

“आह… माँ… धीरे…” आलिया चीखी।

“चुप कर साली… ले अंदर…” विराज ने उसकी कमर पकड़ी और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।

अब आलिया के मुँह में सिद्धार्थ का लंड, चूचियों पर राहुल का मुँह, और चूत में विराज का लंड था।

मैं देख रहा था और मुठ मार रहा था।

“किशोर… तू क्यों दूर खड़ा है… आ… मेरे पास…” आलिया ने मुझे बुलाया।

मैं नंगा होकर उसके पास गया।

उसने मेरा लंड पकड़ा और कहा, “ये मेरे भाई का लंड है… सबसे प्यारा… इसे भी लूँगी मैं…” और उसे मुँह में ले लिया।

अब चारों लंड आलिया के इस्तेमाल में थे। वो एक पोर्न स्टार की तरह लग रही थी।

मैंने सोचा था कि शायद वो डर जाएगी या पछताएगी, लेकिन वो तो पूरी तरह मज़े में थी।

विराज उसे पीछे से चोद रहा था, उसकी गांड थपथपा रहा था।

राहुल अब उसके ऊपर आ गया और 69 की पोजीशन में उसकी चूत चाटने लगा जबकि आलिया उसका लंड चूस रही थी।

सिद्धार्थ और मैं उसके दोनों हाथों में थे, उसे हम दोनों का लंड हिला रहे थे।

“ओह… बहुत मज़ा आ रहा है… और करो… मेरी चूत फाड़ दो…” आलिया कराह रही थी।

राहुल ने उसकी चूत में उँगली की और फिर अपना लंड डालने लगा।

विराज बाहर आ गया था। अब राहुल मिशनरी पोजीशन में आलिया को चोद रहा था।

उसके मोटे लंड से आलिया की चूत फैल रही थी।

“देखो इस रंडी को… कितनी मस्त चूत है इसकी…” राहुल बोल रहा था।

“हाँ… मेरी चूत मारो… मैं तुम्हारी हूँ… सबकी हूँ…” आलिया ने टांगें उठाकर उसकी कमर पर लपेट लीं।

सिद्धार्थ ने कहा, “अबे इसकी गांड भी तो मारनी है… वो भी तो बहुत मस्त है…”

“हाँ… मारो… मेरी गांड भी मारो… मुझे हर छेद में चाहिए…” आलिया ने कहा।

मैं थोड़ा चौंका। गांड मारना एक बड़ी बात थी। लेकिन आलिया तैयार थी।

राहुल ने उसे घोड़ी बनाया। सिद्धार्थ आगे से उसका मुँह चोद रहा था और राहुल पीछे से उसकी चूत।

फिर विराज ने अपना लंड उसकी गांड पर रखा। उसने थूक लगाया और धीरे से अंदर डालने की कोशिश की।

“आह… बहुत दर्द हो रहा है… धीरे…” आलिया ने मुँह से लंड निकालकर कहा।

“साली रंडी… थोड़ा सहन कर… मज़ा आएगा…” विराज ने कहा और एक ज़ोर का झटका दिया।

उसका आधा लंड आलिया की गांड में घुस गया।

“माँ… बहुत मोटा है… रुको…” आलिया ने कहा।

“रुकूँगा नहीं… ले पूरा…” विराज ने और ज़ोर से धक्का दिया और पूरा लंड अंदर कर दिया।

अब आलिया तीनों छेदों में भरी हुई थी – मुँह में सिद्धार्थ, चूत में राहुल, और गांड में विराज। मैं देख रहा था।

ये नज़ारा अविश्वसनीय था। मेरी बहन, जो कभी शरीफ़ लड़की लगती थी, आज तीन लोगों से एक साथ चुद रही थी और मज़े ले रही थी।

“और ज़ोर से… मेरी गांड फाड़ दो… मैं झड़ने वाली हूँ…” आलिया चीख रही थी।

तीनों ने स्पीड बढ़ा दी। थप-थप-थप की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी।

आलिया का शरीर कांप रहा था। अचानक वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाई, “आह… मैं झड़ गई… मैं झड़ गई…”

उसकी चूत से पानी निकलने लगा। राहुल और विराज भी रुक गए।

सिद्धार्थ ने अपना लंड उसके मुँह से निकाला और हिलाते हुए उसके चेहरे पर झड़ गया।

गर्म पानी आलिया के चेहरे पर गिरा। उसने जीभ निकाली और कुछ पानी चाट भी लिया।

“अबे ये तो सच में रंडी निकली…” सिद्धार्थ ने कहा।

“अभी तो शुरुआत है…” आलिया ने मुस्कुराते हुए कहा और अपने चेहरे पर पड़ा पानी चाटने लगी।

मैं अब और नहीं रुक सका। मैंने उसे खींचा और बेड पर लिटाया। “मेरी बारी…” मैंने कहा।

मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।

वो गीली थी, तीन लोगों के वीर्य और उसके अपने रस से भरी हुई। मैं ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लगा।

“कैसी लगी मेरी रंडी बहन… तीन लोगों से चुदवाकर?” मैंने उसके कान में पूछा।

“बहुत मज़ा आया… तुमने मेरी ख्वाहिश पूरी की… मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ…” आलिया ने कहा।

“प्यार बाद में करना… अभी ले मेरा लंड…” मैंने कहा और और तेज़ी से चोदने लगा।

बाकी तीनों देख रहे थे और अपने लंड हिला रहे थे। थोड़ी देर में वो फिर से खड़े हो गए।

राहुल ने आलिया का एक हाथ पकड़ा और अपना लंड उसमें दे दिया।

विराज ने दूसरा हाथ पकड़ा। सिद्धार्थ उसके ऊपर बैठा और उसके चेहरे पर अपनी गांड रख दी। “चाट मेरी गांड रंडी…” सिद्धार्थ ने कहा।

आलिया ने जीभ निकाली और सिद्धार्थ की गांड चाटने लगी। वो चारों लोगों को एक साथ सर्विस दे रही थी।

मैं उसकी चूत चोद रहा था, दोनों हाथों से लंड हिला रही थी, और मुँह से एक और की गांड चाट रही थी।

“ये लड़की तो सुपर सेक्सी है यार…” विराज ने कहा।

“हाँ… इसकी चूत बहुत टाइट है…” राहुल ने कहा।

मैंने आलिया को उठाया और खुद बेड पर लेट गया।

वो मेरे ऊपर बैठ गई और मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया।

अब वो मुझ पर झूल रही थी, उसके चूचियाँ मेरे मुँह के सामने थे।

मैंने एक चूची पकड़ी और चूसने लगा। राहुल पीछे से आया और उसकी गांड में अपना लंड डाल दिया।

अब आलिया डबल पेनेट्रेशन में थी।

“आह… दो दो लंड… बहुत भरा हुआ लग रहा है…” आलिया चीख रही थी।

“ले… ले पूरा… रंडी…” राहुल ने उसकी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लगा।

मैं नीचे से ऊपर की तरफ धक्के दे रहा था। हम दोनों का रिदम एक हो गया था।

आलिया बीच में कसी हुई थी, उसका शरीर पसीने से तर हो गया था।

उसके बाल बिखरे हुए थे, चेहरा लाल हो चुका था, और वो बुरी तरह चिल्ला रही थी।

विराज और सिद्धार्थ साइड में खड़े होकर अपने लंड हिला रहे थे।

वो आलिया के चेहरे को देख रहे थे जो मज़े और दर्द के बीच था।

“देखो इस रंडी को… कितनी मस्त लग रही है…” विराज ने कहा।

“आह… मैं फिर से झड़ने वाली हूँ… और ज़ोर से…” आलिया ने कहा।

हम दोनों ने स्पीड और बढ़ा दी। थप-थप की आवाज़ तेज़ हो गई।

अचानक आलिया ज़ोर-ज़ोर से कांपने लगी और फिर वो झड़ गई।

उसकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया और मैं भी झड़ गया। मेरा गर्म पानी उसकी चूत में भर गया।

राहुल भी उसी वक्त उसकी गांड में झड़ गया।

हम तीनों एक दूसरे से लिपटे हुए सांसें ले रहे थे। विराज और सिद्धार्थ ने आलिया के चेहरे पर आकर अपना पानी छोड़ दिया।

वो दोनों भी झड़ चुके थे। आलिया का चेहरा पूरी तरह वीर्य से ढका हुआ था।

उसने आँखें बंद कर लीं और जीभ निकालकर चेहरे पर लगा पानी चाटने लगी।

“मज़ा आया?” मैंने पूछा।

“बहुत… ये रात मैं कभी नहीं भूलूँगी…” आलिया ने कहा।

हम सब बेड पर गिर गए। आलिया बीच में थी, हम चारों उसके चारों तरफ।

उसने अपने हाथ फैलाए और हम सबको गले लगाया।

“थैंक्यू… सबको…” वो बोली।

“नहीं… थैंक्यू तुम्हें… ये रात हमेशा याद रहेगी…” राहुल ने कहा।

हमने थोड़ी देर आराम किया। फिर आलिया ने कहा, “एक बार और करें?”

“क्या? तुम अभी भी…” मैं हैरान हो गया।

“हाँ… मुझे और चाहिए… इस बार मैं चाहती हूँ कि तुम सब एक-एक करके आओ… मुझे अलग-अलग तरीके से चोदो…”

हम सबने फिर से तैयारी की। इस बार सिद्धार्थ पहले गया।

उसने आलिया को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया। “आह… हाँ… मारो…” आलिया बोली।

सिद्धार्थ ने उसकी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से झटके देने लगा।

उसका पेट आलिया की गांड से टकरा रहा था। “क्या मस्त चूत है ये… बहुत टाइट है…” सिद्धार्थ बोल रहा था।

“हाँ… मेरी चूत मारो… और ज़ोर से…” आलिया चीख रही थी।

सिद्धार्थ ने करीब दस मिनट तक उसे चोदा और फिर उसकी चूत में ही झड़ गया।

वो बेड पर गिर गया। अब विराज की बारी थी। उसने आलिया को उठाया और खिड़की के पास ले गया।

उसने उसे खड़ा किया और एक टांग उठाकर खिड़की पर रख दी।

फिर उसकी चूत में लंड डाल दिया। “देखो बाहर… कोई देख रहा होगा तो…” विराज ने कहा।

“मुझे फर्क नहीं पड़ता… मुझे बस तुम्हारा लंड चाहिए…” आलिया ने कहा।

विराज ने उसे खड़े-खड़े चोदना शुरू किया।

उसके झटके इतने तेज़ थे कि आलिया की चूचियाँ उछल रही थीं।

मैं और बाकी दोस्त देख रहे थे। हमारे लंड फिर से खड़े होने लगे थे।

“आह… बहुत गहरा जा रहा है… मैं झड़ने वाली हूँ…” आलिया ने कहा।

विराज ने स्पीड और बढ़ा दी। वो ज़ोर-ज़ोर से धक्के दे रहा था।

अचानक आलिया चिल्लाई और झड़ गई। विराज भी उसी वक्त उसकी चूत में झड़ गया।

अब राहुल की बारी थी। उसने आलिया को बाथरूम में ले जाकर शावर चालू किया।

पानी की बूंदों के नीचे उसने आलिया को दीवार से सटाया और एक टांग उठाकर उसकी चूत में लंड डाल दिया।

“गर्म पानी के नीचे चोदने का अलग ही मज़ा है…” राहुल ने कहा।

“हाँ… बहुत अच्छा लग रहा है…” आलिया ने कहा।

राहुल ने उसे धीरे-धीरे चोदा। पानी की बूंदें उन दोनों पर गिर रही थीं।

आलिया के बाल भीग गए थे, उसका मेकअप बह रहा था, लेकिन वो उससे भी ज़्यादा सेक्सी लग रही थी।

“मैं झड़ने वाला हूँ…” राहुल ने कहा।

“मेरी चूत में ही झड़ जाओ…” आलिया ने कहा।

राहुल ने ज़ोर से धक्का दिया और उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया। वो दोनों एक-दूसरे से लिपटकर खड़े रहे।

अब मेरी बारी थी। मैंने आलिया को बेड पर लिटाया और उसके ऊपर आ गया।

मैंने धीरे से उसके चेहरे को सहलाया। “तुम ठीक हो ना?” मैंने पूछा।

“हाँ… बस तुमसे प्यार करो…” आलिया ने कहा।

मैंने धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाला। वो फैली हुई थी, तीन लोगों के वीर्य से भरी हुई, लेकिन फिर भी टाइट।

मैं धीरे-धीरे चोदने लगा।

“तुम मेरी हो…” मैंने कहा।

“हाँ… सिर्फ़ तुम्हारी… हमेशा…” आलिया ने कहा।

मैंने उसे चूमा, उसकी गर्दन पर किस किया, उसके चूचियाँ चूसे।

वो मेरी कमर को पकड़कर अपनी तरफ खींच रही थी। हम दोनों एक दूसरे में खोए हुए थे।

बाकी तीन देख रहे थे, लेकिन उन्हें लग रहा था कि ये कुछ अलग था – ये सिर्फ़ सेक्स नहीं, प्यार भी था।

मैंने स्पीड बढ़ाई। आलिया की साँसें तेज़ हो गईं। “मैं… मैं फिर से…” वो बोली।

“मैं भी…” मैंने कहा।

हम दोनों एक साथ झड़े। मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत में छोड़ दिया।

वो मेरी बाहों में सिमट गई। हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटे हुए लेट गए।

बाकी तीनों ने कपड़े पहने और कमरे से बाहर निकल गए।

उन्होंने समझदारी दिखाई। अब कमरे में सिर्फ़ मैं और आलिया थे।

“कैसा लगा?” मैंने पूछा।

“सपना सच हो गया…” आलिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “थैंक्यू… मेरी हर ख्वाहिश पूरी करने के लिए…”

“मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ…” मैंने कहा।

“मैं भी…” आलिया ने कहा और मेरे होंठों पर चूमा।

हम दोनों उसी बेड पर एक-दूसरे से लिपटकर सो गए।

सुबह जब आँख खुली, तो सूरज की रोशनी खिड़की से आ रही थी।

आलिया मेरे सीने पर सिर रखे सो रही थी। मैंने उसके बालों को सहलाया। वो जाग गई।

“गुड मॉर्निंग…” उसने कहा।

“गुड मॉर्निंग…” मैंने कहा।

“कल रात… वो सच में हुआ था ना?” उसने पूछा।

“हाँ… और तुम्हें मज़ा आया ना?” मैंने पूछा।

“बहुत… लेकिन अब मैं चाहती हूँ कि ये सिर्फ़ हम दोनों के बीच रहे… वो तीन… उन्हें भूल जाओ…” आलिया ने कहा।

“ठीक है… वो भी समझदार हैं… किसी को कुछ नहीं बताएँगे…” मैंने कहा।

हमने कपड़े पहने और होटल से निकल गए। घर पहुँचकर हमने एक-दूसरे को फिर से चूमा।

वो रात हमारे जीवन की सबसे यादगार रात थी… एक रात जिसमें हदें टूटीं, ख्वाहिशें पूरी हुईं, और एक नया रिश्ता जन्मा।

अगली कहानी में बताऊँगा की कैसे आलिया की बचपन की ख्वाहिश थी की किसी ओल्ड मैन से सेक्स करे को पूरा किया।

NEXT PART: मेरी बहन की ओल्ड मन से चुदवाने की इच्छा पूरी की

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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