गुरूजी टीचर्स डे पर चोद दिए

teachers day par chudai story

नई युवा टीचर प्रिया टीचर्स डे के दिन स्कूल में अकेली रह जाती है, जहां वरिष्ठ शिक्षक राजेश सर उनके साथ स्कूल की बेंच, कुर्सी और खड़े होकर शारीरिक संबंध बनाते हैं।

स्कूल की घंटी बज चुकी थी। टीचर्स डे का समारोह खत्म हो चुका था और छात्र-छात्राएं घर जा चुके थे।

प्रिया मैम स्टाफ रूम में बैठी अपनी सीट पर कुछ कागजात देख रही थीं।

वह इस स्कूल में नई टीचर थीं, केवल तीन महीने पहले ही ज्वाइन किया था। उनकी उम्र 26 साल थी और वह बेहद खूबसूरत थीं।

प्रिया ने आज हल्के नीले रंग की साड़ी पहनी थी जो उन पर बेहद खूबसूरत लग रही थी।

उनके स्तन बड़े और गोल थे, लगभग 36 इंच के। उनकी कमर पतली थी और गांड बेहद मोटी और गोल।

उनकी हाइट 5 फुट 6 इंच थी और उनका फिगर 36-28-40 था।

स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक राजेश सर, जिन्हें सभी गुरूजी कहते थे, वहां से गुजर रहे थे।

राजेश सर की उम्र 45 साल थी लेकिन वह बेहद फिट और हैंडसम थे।

उनकी हाइट 6 फुट थी और उनका बदन मजबूत था। उन्होंने हल्के भूरे रंग का सूट पहना था।

“प्रिया जी, अभी तक यहीं हैं?” राजेश सर ने पूछा।

“जी सर, थोड़े काम हैं। छात्रों के प्रोजेक्ट्स चेक करने हैं,” प्रिया ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

“आज टीचर्स डे है, आराम कर लीजिए। काम कल भी हो जाएगा,” राजेश सर ने कहा।

“नहीं सर, आज ही खत्म करना है। आप जाइए, मैं कर लूंगी,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर वहां खड़े रहे। उनकी नजरें प्रिया के स्तनों पर टिक गईं। वह उन्हें घूर रहे थे।

प्रिया ने नोटिस किया लेकिन कुछ नहीं कहा। उसे भी राजेश सर पसंद थे। वह उनकी मैच्योरिटी और व्यक्तित्व से बेहद प्रभावित थीं।

“प्रिया जी, मैं भी रुक जाता हूं। अकेले रात हो गई है,” राजेश सर ने कहा।

“ठीक है सर,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर पास की कुर्सी पर बैठ गए। वह प्रिया को देख रहे थे।

प्रिया कागजात देखते हुए अपने स्तनों को सहला रही थीं। उन्हें गर्मी लग रही थी।

“बड़ी गर्मी है आज,” प्रिया ने कहा।

“हां, बहुत गर्मी है। आपका गला सूख गया होगा। पानी पी लीजिए,” राजेश सर ने कहा।

राजेश सर उठे और पास रखे जग से पानी का गिलास भरकर प्रिया को दिया।

पानी पीते समय कुछ पानी प्रिया के गले से नीचे बह गया और उनके स्तनों पर गिरा। राजेश सर की नजर उस पर टिक गई।

“सॉरी सर,” प्रिया ने शर्माते हुए कहा।

“कोई बात नहीं प्रिया जी,” राजेश सर ने कहा और उनके करीब आ गए।

वह अचानक प्रिया के कंधों पर हाथ रखने लगे। प्रिया ने कुछ नहीं कहा। उनका दिल तेजी से धड़क रहा था।

“प्रिया जी, आप बेहद खूबसूरत हैं,” राजेश सर ने कहा।

“सर, आप क्या कह रहे हैं,” प्रिया ने शर्माते हुए कहा।

“सच कह रहा हूं। मैं पहले दिन से ही आपको पसंद करता हूं,” राजेश सर ने कहा।

प्रिया ने उनकी तरफ देखा। उनकी आंखों में प्यार और प्यास दोनों थे। वह भी राजेश सर को पसंद करती थीं।

“मुझे भी आप पसंद हैं सर,” प्रिया ने धीमी आवाज में कहा।

राजेश सर ने उनका चेहरा पकड़ा और उनके होठों पर चुंबन कर दिया।

प्रिया ने भी उनका साथ दिया। वे दोनों एक-दूसरे को गहरे चुंबन देने लगे।

कुछ देर बाद राजेश सर ने प्रिया को खड़ा किया। “आइए, क्लासरूम में चलते हैं। वहां कोई नहीं होगा,” उन्होंने कहा।

प्रिया मान गई। वे दोनों पास के क्लासरूम में गए।

वह कक्षा खाली थी और अंधेरा हो चुका था। केवल बाहर से आती हल्की रोशनी थी।

राजेश सर ने दरवाजा बंद कर दिया और प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया।

वे दोनों फिर से एक-दूसरे को चूमने लगे। राजेश सर ने प्रिया की साड़ी खोलनी शुरू कर दी।

“सर, यह सही नहीं है,” प्रिया ने हल्का विरोध किया।

“आज टीचर्स डे है प्रिया। आज हम दोनों एक-दूसरे को गिफ्ट देते हैं,” राजेश सर ने कहा।

प्रिया ने विरोध करना बंद कर दिया। राजेश सर ने उनकी साड़ी खोल दी।

अंदर प्रिया ने एक गहरे लाल रंग का ब्लाउज पहना था जो उनके बड़े स्तनों को बांधने में संघर्ष कर रहा था।

“क्या बड़े बूब्स हैं तुम्हारे प्रिया,” राजेश सर ने कहा और उनके स्तनों पर हाथ रख दिया।

प्रिया ने सिसकी। “सर, धीरे दबाइए।”

राजेश सर ने उनका ब्लाउज खोल दिया। अंदर एक काले रंग की लेस वाली ब्रा थी।

उन्होंने ब्रा भी खोल दी और प्रिया के स्तन बाहर आ गए।

वे बेहद बड़े और गोल थे। निप्पल हल्के भूरे रंग के थे।

राजेश सर एक स्तन को हाथ में लेकर दबाने लगे।

“तुम्हारे दूध बहुत नरम हैं प्रिया,” राजेश सर ने कहा।

“सर, आप भी ना,” प्रिया ने शर्माते हुए कहा।

राजेश सर ने एक निप्पल को मुंह में ले लिया और चूसने लगे।

प्रिया ने उनका सिर अपने स्तनों पर दबा दिया।

“आह… बहुत मजा आ रहा है सर, आप बहुत अच्छा चूस रहे हैं, और जोर से चूसिये सर” प्रिया कहने लगीं।

राजेश सर तेज़ी एक दूध को तेज़ी से चूसते हुए दूसरे दूध को भी चूसने के लिए अपना मुंह बढ़ाये।

वह दोनों स्तनों को बारी-बारी से चूसने लगे। प्रिया की सांसें तेज हो गई थीं।

“सर, अब मेरी बुर को भी देखिए,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर नीचे बैठ गए और प्रिया की पेटीकोट उठाई। अंदर उन्होंने एक मैचिंग काली पैंटी पहनी थी।

“क्या गोरी जांघें हैं तुम्हारी प्रिया,” राजेश सर ने कहा और उनकी जांघों पर चुंबन किया।

फिर उन्होंने प्रिया की पैंटी नीचे खींची। प्रिया की बुर साफ शेव की हुई थी और गुलाबी रंग की थी। एकदम मुलायम प्रतीत हो रहा था।

“कितनी सुंदर बुर है तुम्हारी प्रिया,” राजेश सर ने कहा।

उन्होंने प्रिया की बुर पर चुंबन किया और फिर अपनी जीभ निकालकर चाटने लगे और साथ में दो फिंगर्स भी डाल दिए और जीभ से चाटते हुए अँगुलियों से चोदने लगे।

“ओहhhhh…. और जोर से चाटिये सर, फिंगर्स से और तेज़ी से पेलिए,” प्रिया चीखीं।

“तुम्हारी बुर चाट रहा हूं प्रिया। मजा आ रहा है?” राजेश सर ने पूछा।

“बहुत मजा आ रहा है सर… इसी तरह से चाटते रहिये सर,” प्रिया कहने लगीं।

राजेश सर ने प्रिया की बुर में अपनी जीभ डाल दी और अंदर-बाहर करने लगे। प्रिया कांप रही थीं। उनकी बुर से पानी निकलने लगा था।

“मैं झड़ने वाली हूं सर,” प्रिया ने कहा।

“झड़ जाओ प्रिया, मेरे मुंह में ही,” राजेश सर ने कहा।

प्रिया ने अपना पानी छोड़ दिया और राजेश सर ने सब कुछ पी लिया।

अब राजेश सर खड़े हुए। उन्होंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए। उन्होंने अपना सूट उतारा, फिर शर्ट। उनका बदन मजबूत था और छाती पर बाल थे। फिर उन्होंने अपना लोअर उतारा।

अंदर उन्होंने अंडरवियर पहना था जिसमें से उनका लंड तनकर खड़ा था। उन्होंने अंडरवियर उतारा और उनका लंड बाहर आ गया।

वह लंड देखकर प्रिया की आंखें चौड़ी हो गईं। वह लगभग 9 इंच लंबा और बहुत मोटा था। उसका सिर ब्लैक रंग का हो चुका था।

“सर, आपका लंड तो बहुत बड़ा है,” प्रिया ने कहा।

“आज यह तुम्हारी बुर को चोदेगा प्रिया,” राजेश सर ने कहा।

“लेकिन सर, यहां कुर्सी पर?” प्रिया ने पूछा।

“हां, पहले कुर्सी पर फिर बेंच पर और फिर खड़े होकर भी चोदूंगा तुम्हें,” राजेश सर ने कहा।

राजेश सर ने कुर्सी पर बैठने के लिए कहा। प्रिया कुर्सी पर बैठ गईं और अपने पैर फैला दिए। राजेश सर ने अपना लंड प्रिया की बुर के मुहाने पर रखा।

“तैयार हो प्रिया?” राजेश सर ने पूछा।

“हां सर, डाल दीजिए,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर ने धीरे से धक्का मारा और उनके लंड का सिरा प्रिया की बुर में घुस गया।

“ओहhhhh… बहुत मोटा है सर,” प्रिया ने कहा।

“पूरा ले लो अपनी बुर में,” राजेश सर ने कहा।

उन्होंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड प्रिया की बुर में डाल दिया। वह उनके गहरे तक जा चुका था।

“अब धक्के मारिए सर,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर ने धक्के मारने शुरू किए। वह धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर कर रहे थे।

“ओहhhhh… बहुत मजा आ रहा है सर… और जोर से,” प्रिया कहने लगीं।

राजेश सर ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब वह जोर-जोर से धक्के मार रहे थे। कुर्सी पर बैठे-बैठे प्रिया उछल रही थीं।

पच पच पच की आवाजें क्लासरूम में गूंज रही थीं। प्रिया के स्तन उछल रहे थे और राजेश सर उन्हें पकड़कर दबा रहे थे।

“क्या बुर है तुम्हारी प्रिया… इतनी टाइट,” राजेश सर कहने लगे।

“आपका लंड भी बहुत मोटा है सर,” प्रिया ने कहा।

लगभग 15 मिनट तक कुर्सी पर चुदाई चली। फिर राजेश सर ने कहा, “अब बेंच पर चलते हैं।”

प्रिया खड़ी हो गईं। राजेश सर ने उन्हें एक बेंच के पास ले गए जो छात्रों के लिए थी। उन्होंने प्रिया को बेंच पर लेटने के लिए कहा।

प्रिया बेंच पर लेट गईं और अपने पैर फैला दिए। उनकी बुर गीली हो चुकी थी और उसमें से पानी निकल रहा था।

राजेश सर ने अपना लंड फिर से उनकी बुर में डाल दिया। अब वह बेंच पर लेटी हुई प्रिया को चोद रहे थे।

“ओहhhhh… और जोर से सर… फाड़ दीजिए मेरी बुर,” प्रिया चीखने लगीं।

राजेश सर पूरी ताकत से धक्के मार रहे थे। उनका लंड प्रिया की बुर के सबसे अंदर तक जा रहा था।

“मैं झड़ने वाली हूं सर,” प्रिया ने कहा।

“रुको प्रिया, अभी और चुदवाओ,” राजेश सर ने कहा।

वह और तेजी से धक्के मारने लगे। प्रिया की बुर में से आवाजें आ रही थीं और वह बेहद उत्तेजित थीं।

“ओहhhhh… बहुत गहरा है… मैं मर जाऊंगी सर,” प्रिया चीखीं।

“नहीं मरेगी, बहुत मजा आएगा,” राजेश सर ने कहा।

लगभग 20 मिनट तक बेंच पर चुदाई चली। प्रिया दो बार झड़ चुकी थीं।

“अब खड़े होकर चोदते हैं,” राजेश सर ने कहा।

उन्होंने प्रिया को खड़ा किया और उनके पीछे आ गए। उन्होंने प्रिया की एक टांग उठाई और अपना लंड उनकी बुर में डाल दिया।

यह स्टैंडिंग पोजीशन थी। राजेश सर पीछे से प्रिया को पकड़कर धक्के मार रहे थे।

“ओहhhhh… यह पोजीशन तो बहुत अच्छी है सर,” प्रिया ने कहा।

“हां प्रिया, इसमें और गहरा जाता है,” राजेश सर ने कहा।

वह जोर-जोर से धक्के मार रहे थे। प्रिया की गांड उनके पेट से टकरा रही थी और आवाजें आ रही थीं।

“क्या गांड है तुम्हारी प्रिया… इतनी मोटी,” राजेश सर ने कहा।

“आपके लंड के लिए ही तो है सर,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर ने प्रिया के बाल पकड़े और उनका सिर पीछे खींचा। “आज तुम्हें पूरी तरह चोदूंगा प्रिया,” उन्होंने कहा।

“हां सर, चोद दीजिए मुझे… जी भर के चोदिए,” प्रिया कहने लगीं।

लगभग 25 मिनट तक खड़े होकर चुदाई चली। प्रिया की टांगें दुखने लगी थीं लेकिन वह मजा ले रही थीं।

“मैं झड़ने वाला हूं प्रिया,” राजेश सर ने कहा।

“मैं भी सर,” प्रिया ने कहा।

“कहां निकालूं?” राजेश सर ने पूछा।

“अंदर ही डाल दीजिए सर… अपना सारा वीर्य मेरी बुर में डाल दीजिए,” प्रिया ने कहा।

राजेश सर ने जोर से धक्के मारे और प्रिया की बुर में ही अपना वीर्य निकाल दिया। वह इतना ज्यादा था कि बाहर बहने लगा।

प्रिया भी उसी समय झड़ गईं। थककर दोनों एक-दूसरे से लिपटकर खड़े रहे।

कुछ देर बाद राजेश सर ने कहा, “प्रिया, आज का दिन मैं कभी नहीं भूलूंगा।”

“मैं भी सर, यह मेरा सबसे बेहतरीन टीचर्स डे था,” प्रिया ने कहा।

उन्होंने एक-दूसरे को कपड़े पहनाए और फिर स्टाफ रूम में वापस आए।

“प्रिया, क्या तुम मुझे अपना नंबर दोगी?” राजेश सर ने पूछा।

“जी सर, लेकिन यह हमारे बीच का राज रहेगा,” प्रिया ने कहा।

“बिल्कुल प्रिया, यह सिर्फ हम दोनों का राज है,” राजेश सर ने कहा।

उस दिन के बाद प्रिया और राजेश सर का रिश्ता बदल गया।

वे अक्सर स्कूल में एक-दूसरे से मिलते और जब भी मौका मिलता, चुदाई का खेल खेलते।

कभी-कभी वे स्टाफ रूम में, कभी क्लासरूम में, कभी लाइब्रेरी में, और कभी प्रिंसिपल के केबिन में भी एक-दूसरे को चोदते।

प्रिया को राजेश सर का लंड बेहद पसंद आया था।

वह हर बार उनसे अपनी बुर और गांड दोनों चुदवाती।

राजेश सर भी प्रिया के दूध पीना और उनकी बुर चाटना बेहद पसंद करते थे।

और इस तरह उनका यह रिश्ता चलता रहा।

एक गुरु और शिष्या का रिश्ता जो शारीरिक सुख में बदल गया।

दोनों एक-दूसरे से बेहद खुश थे और यह रिश्ता सालों तक चलता रहा।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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