boss ne anguthi deke choda
हेलो दोस्तों, मैं कोमल गुप्ता आपके लिए अपनी ऑफिस सेक्स स्टोरी लेके आ गई हूं। उम्मीद है मेरी ये रियल चुदाई की कहानी आप सब को पसंद आएगी। तो चलिए अब बिना ज्यादा वक्त गवाए सीधे कहानी पर आती हूं।
सबसे पहले जो लोग मुझे नहीं जानते, उनको मैं अपने बारे में बता दूं। मेरा नाम मैंने ऊपर बता ही दिया है। मेरा रंग गोरा है और फिगर 34-29-36 है। उमर मेरी 23 है, और मैं नौकरी करती हूँ।
पिछले दिनों हमारे ऑफिस में सक्सेस पार्टी थी। सब लोग आने वाले थे, तो मैं अच्छे से तैयार हो गई। मैंने रेड कलर का लॉन्ग स्लीवलेस फ्रॉक पहना, और रेड लिपस्टिक लगा ली होंठों पे। मेरे गोरे रंग पर लाल रंग बहुत सूट करता है, इसलिए मैं बहुत सेक्सी लग रही थी। जब मैं पार्टी में पहुंची, तो सब लोग मुझे देखने लगे, और मेरी तारीफ करने लगे। मेरे बॉस की नज़र भी मुझ पर पड़ गई।
फिर हमने एन्जॉय किया, खाया-पिया, बातों की, और फिर डांस करने लगे। मैंने नोटिस किया कि सब चीज़ों के दौरान मेरे बॉस की नज़र मुझ पर ही थी। ऐसा लग रहा था जैसे वो मुझे खा जाना चाहता हो।
मेरा बॉस एक 40 साल का आदमी है। पैसा बहुत है उसके पास, और अय्याश भी पूरा है। उसका कुछ सालों पहले तलाक हो चुका है। ऑफिस में वो अपना ठरकी-पना नहीं दिखाता, ताकि ऑफिस की महिला कर्मचारी असुरक्षित ना महसूस करें। लेकिन आज शायद दारू पीने की वजह से वो खुद पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था।
फिर उसने मुझे अपने पास बुलाया। मैं उसके पास गई तो वो बोला-
बॉस: कोमल तुम बहुत सुंदर लग रही हो।
मैं: थैंक यू बॉस।
बॉस: ड्राइव पर चलोगी मेरे साथ?
ये उसकी तरफ से दिया गया चुदाई का न्योता था, और मैं ये बात जानती थी। लेकिन मैं उसके साथ कुछ करना नहीं चाहती थी। तो मैंने उसको कहा-
मैं: नहीं सर, मुझे जल्दी घर जाना है। ऑफर के लिए धन्यवाद।
ये बोल कर जब मैं वापस मुड़ी, तो उसने कहा-
बॉस: वैसे मैं सोच रहा था कि इस ड्रेस के साथ ये रिंग अच्छी लगेगी।
मैंने पीछे मुड़ कर देखा, तो बॉस ने हाथ में हीरे की अंगूठी पकड़ रखी थी। वो काफ़ी महंगी लग रही थी, और उसको देख कर मेरा मुँह खुला रह गया। आप तो जानते ही होंगे कि हीरा औरत की कमजोरी होती है। फिर मैंने कहा-
मैं: हां सर अच्छा तो लगेगा, लेकिन ये मेरे बजट में नहीं आएगा।
बॉस: मैं बेच नहीं रहा, गिफ्ट दे रहा हूं।
मैं: आप मुझे गिफ्ट क्यों दे रहे हैं?
बॉस: क्योंकि तुम मेरे साथ ड्राइव पर जाओगी।
अब उन्हें हीरे की अंगूठी दिखाई दी थी, तो मैं कैसे मन कर सकती थी ड्राइव पर जाने के लिए। फिर मैंने उनको हाँ बोला, और हम दोनों पार्टी से निकल गये। पार्किंग में सर की बीएमडब्ल्यू खादी थी। हम गाड़ी में बैठे, और निकल लिये।
कुछ 15 मिनट की ड्राइव के बाद हम शहर से थोड़ी दूर आ गए। अब रास्ता सुनसान था, तो बॉस ने गाड़ी रोक ली। फ़िर बॉस ने रिंग अपनी जेब से निकाली, और मेरे आगे हाथ बढ़ाया। मैंने भी हाथ सीधा करके आगे कर दिया। तब वो बोले-
बॉस: क्या मैं पहना दू?
मैं: पहना दीजिए।
फ़िर बॉस ने मेरा हाथ पकड़ा, और रिंग पहनाने लगे। रिंग पहना कर वो बोले-
बॉस: वैसे तुम्हारे हाथ बहुत खूबसूरत है। क्या मैं इनको चूम सकता हूँ।
मैं: हम्म।
फिर वो मेरे हाथ को चूमने लगे, और चूमते हुए बाजु पर आने लगे। उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींचा, और चूमते हुए मेरे कंधे तक आ गए। मैं जानती थी कि अब कांड होने वाला था।
फिर वो मेरे गाल तक आये, और मेरे चेहरे को पकड़ कर मेरे होंठ चूसने लगे। मैं भी उनका साथ देने लगी। अब हम दोनों एक-दूसरे के होंठ और जीभ चूस रहे थे। साथ में उन्होंने अपना हाथ ऊपर से मेरी ड्रेस के अंदर डाल लिया, और मेरा एक बूब पकड़ कर दबने लगे। मैं गरम हो रही थी, और मेरी सांसें तेज़ हो रही थी। मैंने भी अपना हाथ पैंट के ऊपर से बॉस के लंड पर रखा, और उसको दबाने लगी।
फ़िर बॉस अपना हाथ नीचे लेके गए, और मेरी फ्रॉक उठा कर अंदर डाल लिया। मैंने नीचे सिर्फ पैंटी ही पहनी थी, तो उनका हाथ मेरी गीली पैंटी पर गया, जो चूत के पानी से गीली थी। वो अब मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से रगड़ने लगे, और मैं किस्स करते हुए हम्म हम्म करने लगी।
फिर वो मुझसे अलग हुए, और पैंट नीचे करके अपना लंड बाहर निकाल लिया। फिर उन्होंने मुझे लंड चूसने को बोला। मैं झुक कर उनका लंड मुँह में डाल ली, और चूसने लगी। वो आह्ह आह्ह करने लगे, और मेरी गांड दबाते रहे। उनका लंड बहुत टेस्टी था, और उनकी गांड दबाने से मैं मस्त हो गयी थी।
कुछ देर लंड चुसवाने के बाद उन्हें मेरी सीट सीधी की, और मुझे लिटा लिया। फिर उन्होंने मेरी फ्रॉक उठाई, और मेरी पैंटी निकाल दी। अब मेरी नंगी चूत उनके सामने थी। उन्होंने मेरी चूत पर अपना मुँह लगाया, और उसको चाटने लगे। मैं आह आह आह कर रही थी।
फिर वो मेरे ऊपर आये, और चूत पर अपना लंड रगड़ने लगे। मेरी सिसकारियां निकले जा रही थी। उन्होंने लंड चूत के मुँह पर सेट किया, और धक्का मारा। मेरी चीख निकली, और उनका लंड फिसला हुआ पूरा मेरे अंदर चला गया। मेरी गरम चूत की गरमी महसूस करके बॉस भी आह्ह आह्ह करने लगे।
अब वो मेरी चुदाई शुरू कर दिए। मेरी ड्रेस ऊपर करी, और ब्रा नीचे करके मेरे स्तन बाहर निकाल लिए। अब वो मेरे स्तन चूसते हुए मेरी चूत की चुदाई कर रहे हैं। मैं तो मानो सातवे आसमान पर थी। एक तो हीरे की अंगुठी मिल गई थी, और दूसरा कड़क लंड से चूत चुदवाने मिल रही थी।
कुछ देर उसकी पोजीशन में चुदाई चलती रही। फ़िर वो पीछे की सीट पर बैठ गए, और मुझे अपने गोद में बिठा कर लंड चूत में डाल दिया। आधा घंटा और उन्होंने मुझे अच्छे से पेला, और अपना माल मेरे अंदर ही निकाल दिया। फिर बॉस ने मुझे घर ड्रॉप कर दिया। उस दिन की रात यादगार रहेगी।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।