अब्बू के साथ पहली चुदाई-2

abbu ne ki kuwari beti ki chudai

पिछला भाग पढ़े:- अब्बू के साथ पहली चुदाई-1

मैं जोया, अपनी चुदाई कहानी का अगला हिस्सा लेके हाजिर हूं। अगर आपने पिछला पार्ट अभी तक नहीं पढ़ा है, तो पहले उसको जरूर पढ़ें।

पिछले हिस्से में आपने पढ़ा कि स्कूल के बाद मैं कॉलेज नहीं गई, और मुझे सेक्स के बारे में कुछ नहीं पता था। फिर एक दिन अब्बू ने मुझे रात में लड़की से औरत बनाने की बात कही, और रात को मेरे कमरे में आके वो मुझे प्यार करने लगे। अब आगे-

मैं ब्रा और सलवार में लेटी थी अब्बू के साथ, और उनके चूत को छूने से मेरा पानी निकल चुका था। मेरी बॉडी ढीली पड़ गई थी। फिर अब्बू ने मेरी जांघों पर किस्स करना शुरू किया, और पीछे हाथ डाल कर मेरी ब्रा खोल दी। मेरी ब्रा निकाल कर मेरे स्तनों को नंगा कर दिया। मैंने जल्दी से अपने हाथ स्तन पर रख कर उनको ढका। लेकिन अब्बू ने मेरे हाथ हटाये, और मेरे स्तन चूसने लगे।

उनको ऐसा करने से मेरी सांसें तेज़ होने लगी। आज पहली बार मेरे अलावा किसी ने मेरे स्तनों को स्पर्श किया था। अब्बू मेरे निपल्स मुँह में लेके खींच रहे थे। जैसे ही वो मेरे निपल को खींचते, मेरे नीचे एक करंट सा लगता है।

फ़िर उन्होंने मेरे स्तन छोड़ें। मैंने देखा मेरे निपल्स लाल हो चुके थे। फ़िर अब्बू नीचे गये और मेरे ऊपर आ गये। उनका मुँह मेरी कमर के पास था। वो मेरी नाभि में जीभ डालने लगे, जिससे मेरे जिस्म में अलग सी तड़प उठने लगी।

नाभि को चूमते हुए मेरी सलवार पैंटी समेत नीचे कर दी। अब मेरी चूत उनके सामने नंगी थी। मुझे बहुत शर्म आ रही थी, और मैं चूत को हाथों से ढकने की कोशिश करने लगी। पर उन्होंने मुझे चूत को छुपाने नहीं दिया।

तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसने मुझे हैरान कर दिया। अब्बू ने मेरी चूत पर अपना मुँह लगा दिया, और उसको चाटने लगे। मुझे बहुत घिन आने लगी, कि वो मेरी सुसु वाली जगह को चाट रहे थे। लेकिन फिर मुझे स्वर्ग का मजा आने लगा। मेरे हाथ अपने आप ही अब्बू के बालों में चले गए, और मैं उनके सर को अपनी चूत में दबाने लगी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरा सुसु दोबारा निकल जाएगा।

तभी अब्बू ने मेरी चूत से मुँह हटा लिया, और मेरी साँसों में साँस आई। अब्बू अब बिस्तर पर घुटनो के बल खड़े थे। वो मुझे देखे जा रहे थे। मैं पूरी नंगी थी, और समझ नहीं पा रही थी कि क्या छुपाऊं।

फिर अब्बू बिस्तर से नीचे उतर गए, और अपना पायजामा और अंडरवियर दोनों उतार दिए। नीचे से उनका लंड निकला, जो बिल्कुल तना हुआ, बड़ा, और मोटा था। ये पहली बार था जब मैंने किसी मर्द का लंड देखा था। उसके साइज़ को देख कर मैं हैरान थी।

अब्बू ने लंड को हाथ में लिया, और मुझे पास बुलाया। मैं उठ कर घुटनों के बल उनके सामने जाके बैठ गयी। फिर उन्हें मेरे बालों में हाथ डाला, और मेरे मुँह को नीचे धकेल कर लंड के सामने कर दिया। मैं अंजान समझ नहीं पा रही थी कि मुझे क्या करना था। फ़िर वो बोले-

अब्बू: मुहं खोलो।

मैंने मुँह खोला, तो लंड मुँह में डाल दिया। फिर वो लंड को चूसने के लिए बोले। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे करूँ। तभी उन्होंने फ़ोन में वीडियो चलायी, जिसमें लड़की लंड चूस रही थी, और मुझे भी वैसा ही करने को बोला।

मैं भी उसको कॉपी करते हुए लंड अंदर-बाहर करने लगी। तभी उन्होंने मेरे मुँह पर जोर का तमाचा मारा। मैं हैरान हो गई कि क्यों मारा। फ़िर वो बोले-

अब्बू: हरामजादी, दांत मत मार उस पर, सिर्फ जीभ चला।

मैं फिर आराम से चूसने लगी। तभी उन्होंने मेरे बाल पकड़े, और मेरे मुँह में तेज़ धक्के देने लगी। मेरी सांस रुकने लगी, लेकिन वो नहीं रुके। उनका लंड मेरी थूक से पूरी तरह सन्न चुका था। कुछ समय मुँह चोदने के बाद उनका लंड बाहर निकाला। मेरा मुँह अब दर्द करने लगा था।

फिर अब्बू ने मुझे बिस्तर पर धक्का देके सीधी लिटाया, और मेरे ऊपर आ गए। मेरी टांगें खोल कर वो टांगों के बीच आ गये। फिर उन्होंने अपना लंड हाथ में लिया, और मेरी चूत के मुँह पर रगड़ने लगे। मेरा शरीर कांपने लगा। तभी अब्बू ने झटका मारा, और मुझे ऐसा दर्द हुआ, जैसे किसी ने चाकू घोंप दिया हो।

मैं चिल्लाने लगी, लेकिन अब्बू ने मेरे मुँह को अपने मुँह से बंद कर दिया। वो मेरे होंठ चूसने लगे, और नीचे से धक्के पे धक्का मारते गए। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरे नीचे कोई खुदाई कर रहा हो, और सब कुछ बर्बाद हो रहा हो।

कुछ सेकंड बाद अब्बू रुक गए। मुझे उनका लंड अपना पेट तक लग रहा था। मैं बहुत दर्द में थी, और मेरी आंखों से आंसू निकल रहे थे। लेकिन अब्बू मेरे हाथ चूमते जा रहे थे, और मुझे गालियां भी नहीं दे रहे थे।

कुछ देर बाद मेरा दर्द कम होने लगा। फिर अब्बू ने लंड बाहर निकाला। उसके बाद उन्हें दोबारा डाला तो इतना दर्द नहीं हुआ। फ़िर अब्बू लंड बार-बार मेरे अन्दर-बाहर करने लगे। अब मुझे मजा आने लगा, और मेरे मुंह से आहें निकलने लगी।

मैंने अब्बू को अपनी तरफ खींचा, और उनके हाथ चूमने लगी। उनके लगाए हर धक्के पे मुझे बहुत मजा आने लगा, और मैं भी गांड उठा-उठा कर लंड लेने लगी। ऐसे ही हमारी स्पीड बढ़ती गई, और कमरे में आह्ह आह्ह और थप थप की आवाज गूंजने लगी।

अब्बू मुझे तेजी से चोद रहे थे, और मेरे होंठ और स्तन चूसते चले जा रहे थे। कुछ देर बाद उनका लंड बाहर निकला। मैंने देखा तो उनका लंड लाल हुआ पड़ा था। फिर उन्होंने मुझे उल्टी लिटा लिया, और मेरी टांगें खोल कर पीछे से मुझे चोदने लगे।

इससे मुझे फिर से दर्द होने लगा, लेकिन इतना ज़्यादा नहीं था। कुछ मिनट बाद मेरा पानी दोबारा से निकल गया। फिर कुछ देर में अब्बू भी आह्ह आह्ह करने लगे, और मुझे मेरी चूत में कुछ गरम-गरम भरता हुआ महसूस हुआ। फ़िर अब्बू मेरे साथ ही लेट गए। मैं इतनी थक गई थी कि सीधी भी नहीं हो पाई, और वैसे ही सो गई।

काफ़ी वक़्त बाद मुझे पता चला कि हमारे बीच क्या हुआ था। लेकिन तब तक मेरे पेट में अब्बू का बच्चा था, और मैं उनकी बीवी बन चुकी थी।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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