मालिक की बीवी की चुदाई की-1

malik ki biwi ki chudai ki

नमस्कार दोस्तों, कैसे हो आप सब लोग? उम्मीद करता हूं आप सब लोग एक-दम बढ़िया होंगे। आपने मेरी पिछली कहानी में पढ़ा था कैसे मैं और मेरे मालिक अमित ने उसकी साली बीना को भयंकर रूप से चोदा था।

बीना ने मेरा नंबर ले लिया था और कभी-कभी वह मुझे फोन करके पूछती थी अगर मैं उसके घर पर आ सकता हूं या नहीं। मैं उसके घर दो बार गया हूं। दोनों बार मैंने जम कर उसकी चुदाई की थी और वह मुझसे बहुत संतुष्ट रहती थी।

बीना बहुत अच्छी चुदाई करती थी मगर वो दिल लगाने के काबिल नहीं थी, क्योंकि वह और भी मर्दों के साथ चुदाई करती थी। उसकी पूरी जीवन शैली ही वही थी।

मेरा दिल तो अमित की बीवी पर आ गया था। वैसे भी जब से मैं बीना के घर से आया था, मैंने अमित की बीवी को बदला-बदला पाया था। वह मुझसे बहुत हंस के बातें किया करती थी। कभी-कभार वो मजाक भी कर दिया करती थी। हम दोनों काफी मजाक करने लगे थे। वह कभी-कभी मुझे छू भी दिया करती थी, लेकिन मेरी आज तक उसे कभी छूने की हिम्मत नहीं हुई।

उसके छूते ही मेरे बदन में आग लग जाती थी। मेरा रोम-रोम खड़ा हो जाता था, पेट में कुछ गुदगुदी होने लगती थी। अमृता बहुत ज्यादा हंसमुख लड़की तो नहीं थी, मगर काफी ज्यादा सुंदर और शालीन थी। वह कोई 24 साल की लड़की जैसे ही थी। उसने डाइटिंग भी शुरू कर दी थी, जिससे उसका पूरा शरीर तो काफी सुडौल हो गया था। मगर गांड और स्तन दोनों ही थमने का नाम नहीं ले रहे थे। लेकिन वो कहते हैं ना घर की मुर्गी दाल बराबर।

अमित शायद अमृता का बहुत ज्यादा ख्याल नहीं रखता था। अमृता इस बात से काफी बेचैन रहती थी क्योंकि वह अमित को बाहर जाता देखी और पार्टियों में से फोटो सोशल मीडिया पर डालते हुए देखती थी।

ऐसा ही एक बहुत ही अच्छा दिन था। मैं अमृता के कमरे में घुसने ही वाला था कि मैंने देखा उसका कमरा का गेट हल्का सा खुला हुआ था, और अंदर से आवाज आ रही थी। मैंने अंदर झांकने की कोशिश की तो अमृता ने अपने पेंट को निकाल दिया था। वह टीवी में कोई गंदी पिक्चर देख रही थी, साथ ही अपनी चूत में उंगली कर रही थी।

उसकी चूत वाकई में बहुत ज्यादा गोरी थी। चूत पर एक भी निशान नहीं था और चूत के अंदर की फांके पूरी तरीके से गुलाबी थी, मानो किसी ने गुलाब का फूल उसकी चूत पर रख दिया हो।

वह उस वीडियो को देखने में इतनी ज्यादा मगन थी कि गेट पर खड़ा हुआ मैं उसको दिखाई नहीं दिया। उसके नंगे बदन को देख कर मेरा जिस्म करंट मारने लगा। मेरा हाथ अपने आप ही अपनी पेंट के अंदर चला गया और मैंने पाया कि मेरा लंड बहुत देर से खड़ा था। ऐसा लग रहा था मानो वह फट पड़ेगा और उसमें से खून की धारा है दरवाजे पर लग जाएंगे।

मैंने अपने लंड को सहलाने शुरू किया और उसे सांत्वना देने लगा कि चुप-चाप शांत बैठ जा, यह माल तेरी औकात से बाहर का है। मगर लंड था कि मन नहीं रहा था। लंड के साथ जबरदस्ती किया और अब मैं भी अपने चरम पर था। अंदर से आई हुई आवाज से मेरे अंदर के आग को भड़का रही थी।

थोड़ी देर के अंदर मैंने पाया मेरा कच्छा पूरी तरीके से गिला हो चुका है। बहुत सारा माल मैंने अपने कच्छा में ही गिरा दिया था। मैं पीछे हटा और बाहर जाने लगा। बाहर जाते समय हल्का सा गेट मेरी कोहनी से टच हो गया और एक आवाज आ गई। मैंने देखा दूर से ही कि वह अपने बिस्तर से उठ गई थी, शायद उसने एक मुझे एक परछाई के रूप में देखा होगा। तुरंत उसने अपने कमरे को बंद कर दिया और मैं भागता हुआ घर से बाहर निकल गया।

उसे दिन के बाद से तो मैं अमृता को जब भी देखा था उसे नंगा ही सोचा करता था। वह अपने पूरे कपड़ों में भी खड़े होती तो मुझे वह नंगी दिखाई देती थी। मुझे उसकी वह गुलाबी चूत याद आ जाती थी जो मैंने आज तक कभी किसी लड़की की नहीं देखी। बीना से हट कर अमृता की चूत ज्यादा चुदी हुई नहीं थी क्योंकि बीना तो कई मर्दों से अपनी चूत चुदवाई थी। मगर शायद अमृता का यह दूसरा या तीसरा ही प्यार होगा।

जब अमित चला जाया करता था और मैं घर के आस-पास रहा करता था, तो मेरी अमृता से काफी अच्छी बात-चीत होनी शुरू हो गई थी। अब हम उसी कमरे में बैठ करके फिल्म भी देखा करते थे। अमृता अंग्रेजी जानती थी तो मैंने अंग्रेजी पिक्चर भी देखी थी‌। वह ज्यादातर अंग्रेजी पिक्चर ही देखी थी मुझे अंग्रेजी समझ नहीं आती तो मैं उसे देखा भी नहीं था।

हम एक दिन टीवी पर टाइटैनिक पिक्चर देख रहे थे। मैंने टाइटैनिक का बहुत नाम सुना था, लेकिन सब गलत चीज़ो की वजह से। मुझे यह तो पता था कि टाइटैनिक के अंदर एक लड़का और लड़की पानी में डूब जाते हैं, मगर और भी काफी सारी चीज़ें उस पिक्चर में है जो लड़कों को पता होगी।

मैं और अमृता बैठ कर टीवी देख रहे थे कि तभी वह सीन आ गया जिसके अंदर अभिनेत्री ऊपर से पूरी नंगी लेटी होती है और अभिनेता उसका चित्रण कर रहा होता है। अमृता ने अपनी शर्म से गर्दन झुका ली थी और उठ कर कमरे से बाहर चली गई। मैं उसे सीन को एक तक निहारता रहा, बाहर जाके अमृता ने आवाज लगाई ‘प्रतिक बाहर आओ।’ मैं बाहर गया। मेरा लंड खड़ा हुआ था, जिस पर मैंने ध्यान दिया नहीं। मैं यूं ही उठ कर बाहर चला गया।

अमृता का इस समय चेहरा भी नीचे था और शायद इस समय उसने मेरे भरे हुए लंड को देख लिया। उसने कहा, “बाहर जाओ और कुछ खाने का सामान लेकर आ जाओ। समोसा ले आओ।”

मेरा मन पिक्चर देखने का था। मैंने कहा पिक्चर खत्म कर लेते हैं उसके बाद। वो बोली, “नहीं बोला ना अभी जाओ।”

मैं थोड़ा निराश हो गया और तुरंत दुकान की तरफ बढ़ गया। जाते समय मुझे ध्यान आया कि मेरा पर्स तो ऊपर ही रह गया था। मैं वापस भागा और वापस कमरे की ओर जाने लगा। इस बार मैं कमरे की ओर जाने की कोशिश की, मगर एक बार फिर से कमरों के अंदर से फिर वही आवाज आने लगी। मगर इस बार कमरा बंद था और अंदर से आवाज आ रही थी।

मैंने कमरे पर कान लगाए तो अंदर से आवाज आई, “प्रतीक आराम से करो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह धीरे-धीरे करो मुझे इतनी जोर से मत चोदो। तुम्हारे भैया देख लेंगे क्या कहेंगे? अह्ह्ह्हह्हह प्रतीक मेरे बूब्स को मत पियो। अह्ह्ह्ह आराम-आराम से करो। मैं भागी नहीं जा रही हूं।” अपना नाम सुन कर मैं तो एक-दम खुश हो गया मेरे मन में लड्डू फूटने लगा।

मैं अब में गेट से बाहर की तरफ आया। घर से बाहर घंटी को बजाया ताकि मैं उससे अपना पर्स ले सकूं। उसने पर्स ऊपर से नीचे फेंक दिया।

मैं समोसे लेकर वापस अब आ चुका था। मैं आया था तब उसने कोई और पिक्चर लगा दी थी। मैंने कहा, “भाभी वही वाली पिक्चर देखते हैं ना।” वह बोली, “बड़ा शरारती हो रहा है। तुझे पिक्चर नहीं देखना है। तुझे उसे एक्ट्रेस को देखना है।”

मैं हंस और बोला, “और मैं क्या देखेगा? मुझे यह अंग्रेजी पिक्चर समझ में नहीं आती। अपनी देसी पिक्चरें बेस्ट होती हैं।
अंग्रेजी पिक्चरों में तो खाली चुम्मा-चाटी होती है और कुछ नहीं।”

अमृता मुस्कुराई और बोली, “तो तुझे क्या खाली चुम्मा-चाटी देखनी है? तू चुम्मा-चाटी देखेगा तो क्या करेगा? तेरी तो कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है।”

मैं हंसा और मन ही मन सोचने लगा कि इसे क्या पता कि मैं इसकी बहन को इतनी बार चोद चुका हूं कि क्या बताऊं? इसकी बहन मेरी गर्लफ्रेंड तो नहीं मगर मेरी रंडी बन चुकी है। मैं अभी इस सोच में पड़ा ही था कि वह सामने से बोली, “बीना तुम्हारी बहुत तारीफ करती है। बोली तुम बहुत अच्छे लड़के हो।”

मैं अपने ख्यालों से बाहर आया और कहा, “अच्छा ऐसा बोलती है क्या बीना दीदी?”

अमृता हंसी और बोली, “अच्छा तो वह तुम्हारी दीदी है क्या?”

उसकी आंखों में और उसके पूछने के अंदाज में अजीब सी शरारत थी। मानो वह जानना चाह रही हो कि आखिर सच क्या था। मैं उसकी स्टाइल को भांप गया और कहा, “और क्या बोलती हैं बीना जी?”

उसने तुरंत मेरे इस बदले हुए शब्दों को पकड़ा और बोली, “दीदी से सीधा जी पर आ गए हो। ना जाने और क्या-क्या छुपा के रखा है?”

मैं मुस्कुराया और शर्माने लगा। अमृता बोली, “क्या सच में तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं है प्रतीक?”

मैंने अपने सर पर हाथ रखा और कहा, “नहीं भाभी, मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, और मैं इतना स्मार्ट थोड़ी हूं कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड होगी।”

इसके आगे की कहानी अगले पार्ट में।

अगला भाग पढ़े:- मालिक की बीवी की चुदाई की-2

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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