पापा और चाची के नाजायज ताल्लुकात

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Xxx फॅमिली सेक्स कहानी में मैं पापा के साथ गाँव वाले घर में रहता था. एक रात मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि मेरे चाची आई और पापा से चिपक कर बिस्तर पर लेट गई.

मैं और मेरे पापा एक गाँव में रहते थे, और मेरी मम्मी और मेरा छोटा भाई दूसरे सिटी में रहते थे, क्योंकि वहाँ मेरे भाई की स्टडी चल रही थी।
दरअसल, हमारी फैमिली अब अलग हो गई थी।
सब कारोबार और जमीन-जायदाद का बँटवारा हो चुका था, सो उसी की वजह से हम दोनों गाँव में रहते थे।

यह Xxx फॅमिली सेक्स कहानी एक रियल स्टोरी पर बेस्ड है, एक सच्ची कहानी है।

एक दिन की बात है, मेरे घर में दो दरवाजे हैं।
एक दरवाजे पे मैं सोता था, तो दूसरे पे पापा।
उस रात मुझे नींद नहीं आ रही थी।
थोड़ी देर फोन लेके बैठा।
बाद में मैं एक बात बता दूँ, मुझे ऑनलाइन शॉपिंग का बहुत शौक था, तो मैं कुछ ना कुछ मँगवाता रहता था।

मैंने नाइट विज़न गॉगल्स मँगवाए हुए थे।

उस दिन मुझे कुछ खटखटाने की आवाज आई।
मैंने उठकर देखने का सोचा, पर मुझे लगा पापा जग जाएँगे तो डाँटेंगे।

सो मुझे आइडिया सूझा कि मेरे पास वो नाइट गॉगल्स हैं।
वो मैंने ले लिए और उससे देखने लगा।
उसके बाद जो मैंने देखा, तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन हिल गई!

मैंने देखा कि पापा ने दरवाजा खोला और पिछले दरवाजे से मेरी चाची घर में आ रही थीं, और पापा उनसे धीरे से आने को कह रहे थे।

बाद में चाची अंदर आ गईं और डायरेक्ट मेरे पापा से लिपट गईं!
पापा ने फिर उनको किस किया और उनकी साड़ी निकालने लगे।
चाची क्या गजब लग रही थीं! 32-36 की कमर और वो बड़े-बड़े बूब्स!

बाद में पापा ने उनकी साड़ी निकाल के बाजू में रख दी और उन्हें बाहों में उठाके अपने बेड में ले गए।

मैं भी चुपचाप छुपकर ये सब देख रहा था।
मैंने देखा कि पापा मेरी चाची को किस कर रहे हैं और उनके बूब्स को दबा रहे हैं।

उसके बाद पापा ने चाची को सुला दिया और उनके पैरों में किस करते-करते ऊपर आने लगे।
उन्होंने उनकी सलवार भी निकाल दी।

चाची भी चुदने के लिए ही आई थीं, कम्प्लीटली शेव करके, चूत साफ करके आई थीं।

पापा ने उनकी जाँघों में किस किया, बाद में उनकी चूत को सहला कर उसको चूसने लगे।
वो सिसकारियाँ लेने लगीं।
पापा मजे से उनकी चूत का पानी पी रहे थे।

बाद में पापा उल्टे हो गए; अब पापा का लँड चाची के मुँह पर था और उनकी चूत पापा के मुँह पर।

चाची भी कुछ कम नहीं थीं, वो भी पापा के लँड को पूरा चूस रही थीं, पूरे मजे ले रही थीं।
उनको देख के लग रहा था कि ये उनके बीच काफी टाइम से चल रहा है।

उसके बाद वो बोलीं, “सुनिए जी, जल्दी करो! अब रहा नहीं जा रहा, डाल दो अब!”

और पापा खड़े हुए और उनकी दोनों टाँगों को अपने कंधे पर लिया और अपने लँड को चाची की चूत पे थोड़ा रगड़ा।
तो चाची बोलीं, “डाल दो अब!”

और पापा ने अपना मोटा लँड एक धक्के में काफी अंदर तक धुसेड़ दिया!
चाची आहें भरने लगीं।

पापा ने दूसरा धक्का दिया तो उनका पूरा लँड चाची की चूत में था।
चाची ने पापा को लपक लिया था।
पापा धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाने लगे और चाची की सिसकारियाँ बढ़ने लगीं। पापा ने उनका मुँह दबा दिया।

बाद में काफी देर तक चोदा। बाद में चाची को कुतिया बनाया और पीछे से अपना लँड चाची की चूत में पेल दिया।
धीरे-धीरे स्पीड में चोदने लगे, ‘पच-पच’ की आवाज आने लगी थी।

थोड़ी देर में आवाज तेज हो गई, मैं समझ गया अब दोनों का झड़ने वाला है।
थोड़ी देर बाद तेज आवाज के साथ आवाज बंद हो गई।
पापा चाची के ऊपर ही लेट गए।

थोड़ी देर तक दोनों की सांसें फूली हुई थीं।

बाद में पापा चाची को चूमने लगे।
वो बोले, “मेरी जान, मजा आया!”
तब चाची ने ‘हाँ’ बोला और कहा, “आज मेरा स्पेशल ट्राई करते हैं!”

मैं सोचने लगा ये क्या है नया? तो पापा खड़े हुए और कंडोम निकाला और पहन लिया।
तब तक पापा का लँड फिर से खड़ा हो चुका था।

और बाद में लँड पर जेल जैसा कुछ लगाया और चाची को वापस से कुतिया बनाया, थोड़ा सा थूक उनकी गांड पे लगाया और लँड का मुँह उनकी गांड पे रखा।
तब मैं समझा कि ये गांड मरवाने की बात कर रही थीं!

बाद में पापा ने धीरे से उनकी गांड मारना शुरू किया।
चाची तो उसमें बड़े मजे से चुदने लगीं।

दोनों ने चूत चोदने के बाद गांड मरवाने का मजा काफी देर तक लिया, बाद में दोनों झड़ गए और सो गए।

थोड़ी देर सोने के बाद वो चाची उठीं और पापा को किस करके कपड़े पहनने लगीं।
पापा बोलने लगे कि रुको थोड़ी देर!
पर वो बोलीं, “काफी देर हो गई है! तुम्हारी बेटी आई हुई है, वो जग जाएगी तो प्रॉब्लम हो जाएगा!”

और वो चली गईं।
मैं ये सुन के सन्न रह गया! पापा की बेटी?
मुझे पता था तब तक तो हम दोनों भाई ही थे।

बाद में मैंने चालाकी से थोड़ा पता किया तो मालूम चला कि चाची शादी के 1 साल बाद ही, चाचा की नौकरी ना होने की वजह से घर छोड़ के चली गई थीं। पर चाचा उसको बाद में ले आए, उसको मेरे चाचा ने ना जाने ऐसे समझाया कि ‘तू तेरे जेठ के साथ रह ले, तू उसको तन का सुख देना और वो तुझे पैसे देंगे’।
और उन्होंने पापा को भी कसम खिला के मना लिया था।

अब पापा बहाने से गाँव आ जाते थे।
तब हम बाहर सिटी में सब रहते थे, तो पापा बहाने से गाँव आ जाते और चाची के साथ रहते थे।
चाची बहुत चालाक थी, वे पापा से चुद के एक लड़की की माँ बन गई और पापा को भी बता दिया ताकि वो उनसे कभी दूर ना रहें।

ऐसे ही Xxx फॅमिली सेक्स सालों से चला आ रहा था।
आज वो लड़की 18 साल की हो गई है।

वैसे मेरी कंडीशन अभी ऐसी थी कि मैं कुछ कर नहीं सकता था इसलिए मैं चुप रहा।
और मुझे भी बहन ना होने से बहुत टाइम बुरा लगता था।

पर जब से मुझे पता चला कि वो मेरे पापा की ही बेटी है, तब से मैं भी सब भुला के उसको बहन जैसा प्यार करने लगा; आखिरकार खू.न तो एक है हम दोनों भाई-बहन का।

अभी भी पापा और चाची का चल रहा है, पर अब मुझे उससे फर्क नहीं पड़ता, इसलिए चलने दे रहा हूँ।

मुझे हर रात वो ‘पच-पचाने’ की आवाज आती रहती है।
कभी चाची आती हैं, तो कभी पापा जाते हैं।
उनके बीच का ये सिलसिला अभी भी चालू है, पर अब उनको भी मजे करने देता हूँ।
मेरा रास्ता ना काटे तब तक ठीक है, बाद में देखा जाएगा।

आपको मेरी Xxx फॅमिली सेक्स कहानी कैसी लगी?

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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