पड़ोसन चुदासी लड़की मुझे पटा कर चुद गयी

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टीन गर्ल Xxx स्टोरी में हमने किराये का घर बदला तो पड़ोस की एक लड़की मुझे पटाने की कोशिश करने लगी. मैं समझ गया कि उसकी चूत मेरे लंड की तलबगार है.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम सूर्या है (नाम बदला हुआ) और मैं नागपुर का रहने वाला हूँ.

आज मैं आपको एक मस्त सच्ची घटना पर आधारित सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने एक सेक्सी और चुदासी लड़की को उसके घर में घुस कर चोदा.

यह टीन गर्ल Xxx स्टोरी पिछले महीने बनी थी.
बात कुछ ऐसी थी कि हम किराये के घर में रहते थे.

मेरे परिवार वालों ने दूसरा घर ढूँढ़ा था क्योंकि जहां रह रहे थे, वहां का किराया ज़्यादा हो गया था.

मेरे परिवार वालों ने जिस नए घर को देखा था, वहां फ्लैट टाइप मकान थे और आस-पास दो फ्लैट और बने थे.
वे दोनों एक-एक रूम के फ्लैट थे.
सामने की तरफ छत थी, जो पूरी खुली हुई थी और मेरे बाजू में एक मकान भी था.

हम लोग इस नए घर में रहने आ गए.

हमारे बगल में जो परिवार रहता था, उसमें एक 18 साल की लड़की, उसका छोटा भाई, उसकी मम्मी और पापा रहते थे.
उसका एक बड़ा भाई भी था लेकिन वह बाहर किसी रिश्तेदार के यहां रहता था और हर रविवार को परिवार से मिलने आता था.

कुछ दिन तो हम लोग वहां रहने में थोड़ी असहजता हुई लेकिन एडजस्टमेंट तो करना ही था.
मैं दिन भर कॉलेज में रहता था और घर के सारे लोग काम पर जाते थे, इसलिए दिन में कोई घर पर नहीं रहता था. किसी तरह से गुजारा होने लगा था.

एक दिन शाम की बात है, मैं छत पर कुर्सी पर बैठा था और फोन पर अपने दोस्त से बात कर रहा था.
उसी वक्त पड़ोस वाली लड़की ने अपनी खिड़की से कुछ चीज फेंककर मारी, मैंने देखा तो वह भिंडी थी.

मैंने पहली बार में नजरअंदाज कर दिया.
उसने वही हरकत दो-तीन बार की.

एक बार मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वह खिड़की से हाथ बाहर निकाल कर हाथ से कुछ नंबर बता रही थी.
मैंने तब भी उसे इग्नोर कर दिया.

वह बार-बार यह करती रही लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया क्योंकि उस समय मेरे घर में पूरा परिवार था.

फिर भी मैं समझ गया था कि उस लड़की को मैं पसंद आ गया हूँ.

ऐसे ही सिलसिला चलता रहा.

फिर पता नहीं एक दिन कैसे क्या हुआ कि मैं उस दिन घर पर ही था.
मेरे घर में कोई नहीं था और उसके घर में भी कोई नहीं था.

वैसे तो वह हमेशा दरवाजा बंद करके रखती थी तो उससे बात करने का कोई रास्ता दिखाई ही न दे रहा था.
उसका फ़ोन नंबर भी नहीं था.

लेकिन उस दिन मुझे पता नहीं क्या हुआ कि मेरा लंड अचानक खड़ा हो गया.
मैंने सोचा क्यों न आज उस लड़की से पूछ ही लूँ कि उस दिन वह क्या कर रही थी?

मैंने उसका दरवाजा खटखटाया.
वह डर गई और बिना दरवाजा खोले अन्दर से बोली- कौन है?

मैंने कहा- मैं आपके बगल में रहने वाला आपका पड़ोसी हूँ!
उसने अन्दर से ही पूछा- क्या हुआ? क्या काम है?

मैंने कहा- उस दिन आप क्या कर रही थीं?
उसने पूछा- किस दिन क्या कर रही थी?

मैंने बताया कि आप उस दिन सब्जी फेंक कर मार रही थीं.
उसने कहा- सॉरी.
मैंने कहा- दरवाजा तो खोलो, आपकी आवाज साफ नहीं आ रही है.

उसने दो-तीन बार मना किया, फिर बाद में दरवाजा खोल दिया.

जब उसने दरवाजा खोला तो पता नहीं मेरी नजरें सीधे उसके मम्मों पर चली गईं.
उसने अपने टॉप के ऊपर के बटन खोले हुए थे और उसके बड़े बड़े दूध की दरार मस्त दिख रही थी.

वह दिखने में सांवली थी, लेकिन अच्छी लगती थी.
उसकी हाइट 5 फुट 4 इंच थी और उस समय वह हाफ पैंट पहनी हुई थी.

वह एकदम सेक्सी माल लग रही थी.
उसे देख कर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया.

मैंने उससे पूछा- आप उस दिन क्या कर रही थीं?
वह बोली- सॉरी कहा तो है!
मैंने कहा- अरे सॉरी से क्या होता है. प्लीज बेहिचक बताइए न … कुछ तो होगा जो आप बोलना चाहती थीं!
उसने कहा- नहीं .. कुछ नहीं!

मैंने सामने से कहा- ठीक है.
और अपने मन में कहा- मां चुदाओ, मुझे क्या!

मैं वापस अपने कमरे में चला आया.

मैं वैसे तो बहुत शरीफ लड़का हूँ.
उस दिन मैंने इस बात को जाने दिया और कमरे में आकर उसके दूध याद करके मुठ मारने लगा.

ऐसे ही एक-दो हफ्ते चल गए और मैं अपने काम में लग गया.

वह मुझे देख कर छत पर आती और अपने छोटे छोटे कपड़ों में मुझे रिझाने की कोशिश करती.

उस लड़की को देखकर मुझे ऐसा ही लगने लगा था कि उसको लंड चाहिए.

इतने दिनों में मैंने एक बात और नोटिस की थी कि उसका पहले से एक बॉयफ्रेंड था, जो रोज शाम को उससे मिलने आता था.
शायद उसकी मम्मी को भी कोई ऑब्जेक्शन नहीं था.

यह देख कर मैं थोड़ा असमंजस की स्थिति में था कि जब इसके पास लंड की जुगाड़ है, तो यह मुझे क्यों देखती है!

फिर सोचा कि पता नहीं वह लड़का इसका ब्वॉयफ्रेंड है या कुछ और है … यही सब सोच सोच कर मैं अपने लंड को सहला लेता था.

फिर एक दिन मैंने कॉलेज से छुट्टी ली क्योंकि मुझे प्रोजेक्ट बनाकर दूसरे दिन देना था.
मेरे घर के लोग अपने-अपने काम पर चले गए और उसके घर में भी कोई नहीं था.

उस दिन फिर से हम दोनों अकेले थे.
मैं शांति से अपना प्रोजेक्ट कर रहा था, पता नहीं उस दिन मेरा लंड बार-बार खड़ा हो रहा था.

मैं मुठ मारकर उसे शांत करने की सोच रहा था.
फिर मैंने सोचा कि आज इसकी चुदाई हो ही जाए.

मैं बाहर गया तो देखा कि आज उसका दरवाजा खुला ही था.

मैंने उसे बाहर बुलाया और फिर वही बात पूछी.
उसने ‘सॉरी’ बोला और अन्दर चली गई.

आज मैं भी उसके पीछे पीछे उसके घर के अन्दर घुस गया और उससे पीछे से पकड़ कर चूमने लगा.

वह कसमसा कर बोली- क्या कर रहे हो? मैं घर में सबको बता दूँगी!
मैंने उसकी एक न सुनी और चूमता ही गया.

चूमते-चूमते मैंने उसे उठाकर अपने से चिपका लिया.
अब उसकी चूत मेरे लंड से लग रही थी.

मेरे लंड ने कुछ महसूस किया कि मेरा पैंट गीला हो चुका था क्योंकि उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था.
अब मेरा लंड उसकी चूत से लग रहा था तो लवड़े को भी ताव आ गया था.

मैं उसे चूमता ही रहा.
बाद में वह भी शांत होकर मजे लेने लगी.

उसके मुँह से निकला- तुम क्या चूतिया हो!
मैंने उसका दूध मसल कर पूछा- हां चूतिया भी हूँ और गंडफट भी हूँ!
वह हंस दी.

उस वक्त तकरीबन 12:00 बज रहे थे और हम दोनों ने बस शुरू ही किया था.

मेरे घरवाले 3:00 बजे तक घर आ जाते थे तो यह सोचकर कि मेरे पास 3 घंटे हैं.

मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया.
जैसे ही मैंने उसे लिटाया, उसने मेरे होंठों को अपने होंठों से पकड़ लिया और हमारा चुंबन चालू हो गया.

कम से कम 5 से 6 मिनट तक हम दोनों किस करते रहे.

उसके घर में पता नहीं, पलंग नहीं था या क्या बात थी … लेकिन उस दिन धरती पर गद्दे वाला बिस्तर बिछा हुआ था तो मैंने उतना ध्यान नहीं दिया.

मैंने अपने होंठ छुड़ा कर उसके टॉप को उठाते हुए उसके सर की तरफ से बाहर निकाल दिया.
टॉप हटा तो मैंने देखा कि उसने सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी.

मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके दोनों निप्पलों को बारी बारी से चूसा.
फिर उसकी ब्रा के एक कप को ऊपर उठाया … पूरी ब्रा नहीं निकाली, तो उसका एक दूध बाहर आ गया.

ब्रा का एक कप ऊपर करने के बाद मैं उसके निप्पल को अपने मुँह में दबा कर चूसने और चाटने लगा.
वह भी वासना से भड़क गई थी और काम की हवस में मदभरी सिसकारियां लेने लगी थी.

उसने खुद अपने हाथ से अपनी ब्रा को उतार दिया और मेरे सर को अपने मम्मों पर खींचने लगी, दबाने लगी.

फिर उसने मेरा लंड पैंट के ऊपर से ही पकड़ लिया और सहलाने लगी.

कुछ देर बाद मैं थोड़ा नीचे गया और उसकी शॉर्ट्स भी सरका दी.

उसने नीचे भी सफेद रंग की पैंटी पहनी हुई थी.
मैंने चूत को सूंघ कर उसे वासना से देखा और अपने लौड़े को सहलाया.

वह समझ गई और उसने मेरा पैंट खोलना शुरू कर दिया.

मैंने कहा- रुक जा डार्लिंग, मैं खुद सारे कपड़े उतार देता हूँ.

तब मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसके सामने नंगा हो गया.

वह मेरे कड़क लंड को देखती हुई खुद अपनी चूत को रगड़ कर मस्त हो रही थी.

मैंने अभी तक उसकी पैंटी नहीं उतारी थी, तो मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी गीली पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत में अपना लंड रगड़ने लगा.
वह टीन गर्ल Xxx करके मादक सिसकारियां लेने लगी थी.

यह सब करते हुए हमें आधा घंटा हो चुका था.

वह मेरे लंड को पकड़ कर मसलने लगी.

मैंने कहा- क्या करना है?
वह बोली- मुझे चूसना है.

मैं उठ कर चित लेट गया और वह मेरे लंड पर झुक गई.
उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और अन्दर-बाहर करने लगी.

मुझे उससे लौड़े को चुसवा कर बहुत मजा आने लगा.
मैं उसके मुँह में जोर जोर से लंड अन्दर करने लगा.

वह एकदम बाजारू रांड के जैसे लंड चूस रही थी और मेरे टट्टे भी सहला रही थी.
मैंने अचानक से अपना सारा वीर्य उसके चेहरे पर छोड़ दिया.

अब लंड मुरझा गया था तो आगे जल्दी से कुछ कर नहीं सकते थे.
उसके भी चेहरे पर वीर्य लग गया था, तो वह कुछ मुँह सा बनाने लगी थी.
वह उठ कर बाहर बने बाथरूम में जाकर चेहरा धोने लगी.

मेरा लंड भी छोटा हो चुका था.

कुछ मिनट बाद वह नंगी ही वापस अन्दर आई और मुझसे बोली- अब मेरी बारी!
मैंने उसकी चूत देखते हुए कहा- क्या करना होगा?

उसने अपनी चूत में उंगली करते हुए कहा- अब तुम मेरी चूत चाटो.
मैंने साफ-साफ मना कर दिया क्योंकि मुझे अच्छा नहीं लगता.

उसने कहा- ठीक है, चलो हम 69 पोजीशन में करते हैं. तुम फिंगर करना और मैं मुँह में लूँगी!
मैं राजी हो गया.

अब उसकी चूत मेरे मुँह के पास थी और मेरा लंड उसके मुँह के पास.
उसने मेरा लंड फिर से मुँह में ले लिया और मैं उसकी चूत में उंगली करने लगा.

कुछ देर बाद वह झड़ गई, मैं भी उत्तेजित हो गया था.

मैंने अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकाल लिया.
वह मुझे देखने लगी और बोली- क्या हुआ?

मैंने बिना कुछ कहे उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसे बिस्तर पर चित लिटा दिया.
वह समझ गई कि चुदाई होना है.

मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और चूत पर लंड रगड़ने लगा.
कुछ ही देर में वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी और मेरा लंड भी तना हुआ था.

मैंने अपना लंड उसकी गीली चूत में सैट किया और एकदम से झटका देकर अन्दर घुसेड़ दिया.

एकदम से लंड घुसा तो उसने बहुत जोर से चीख मारी.

उसकी आवाज सुनकर मैं डर गया और मैंने तुरंत ही अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया.
क्योंकि उस फ्लोर पर सब लोग आस-पास ही रहते थे.

उसने मुझसे पूछा- लंड बाहर क्यों निकाल दिया?
मैंने कहा- तुमने इतनी जोर से चीख मारी कि मेरी गांड फट गई!
उसने हंस कर कहा- सॉरी, अब जल्दी से अन्दर डालो!

इस बार मैंने पहले से ही उसके होंठों को अपने होंठों से पकड़ लिया था ताकि अब उसकी आवाज बाहर न जाए.
फिर मैंने एक झटके में सारा लंड उसकी चूत में घुसा दिया.

वह फिर से चिल्लाने लगी लेकिन मैंने उसके मुँह को बंद कर रखा था तो आवाज बाहर नहीं गई.

मैंने दो-तीन जोर से शॉट मारे और वह कराहने लगी.

कुछ ही पल बाद वह सहज हो गई.

अब मैं अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा और वह कामुक आवाज निकालने लगी- आह आह आह!

कुछ देर बाद हम दोनों ने चुदाई की पोजीशन चेंज की.

इस बार मैं उसे डॉगी स्टाइल में चोदने लगा.
कुछ मिनट तक हम दोनों ने चुदाई की.

उसके बाद वह बोली- पोज बदलो!
मैंने उसे खड़ी किया और खिड़की के पास ले गया.

उसके दोनों हाथ खिड़की की रॉड से पकड़ा दिए और मैंने धीरे से नीचे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया.

अब हम दोनों खड़े-खड़े चुदाई कर रहे थे.
उसे डर लग रहा था कि कोई खिड़की से हमें देख न ले, फिर भी हम चुदाई में मगन थे.

हम दोनों चुदाई करते रहे.
उसे खड़ी करके चोदने में मुझे बहुत मजा आ रहा था.

फिर दस मिनट बाद हम दोनों झड़ गए और बिस्तर पर आकर लेट गए.

वह मेरे ऊपर लेटी थी और उसकी चूत मेरे लंड को छू रही थी.
इतना सब करने के बाद हम दोनों ने अपने-अपने कपड़े पहन लिए.

उसी समय मेरा लंड फिर तनकर खड़ा हो गया.

मैंने चैन खोलकर अपना लंड निकाला और इस बार बिना सारे कपड़े उतारे उसकी पैंटी को नीचे करके चूत के छेद में लंड डालकर रगड़ना शुरू कर दिया.
वह भी इस तरह से शायद पहली बार चुद रही थी तो उसे भी मजा आ रहा था.

दूसरी बार में मैंने पंद्रह मिनट तक उसे किस करते हुए चोदा और इस बार मैंने अपने लंड से निकले वीर्य को उसकी चूत से खींच कर पैंटी में ही टपका दिया.
इस तरह से उसे दो बार चोद कर मैं अपने कमरे में आ गया.

दोस्तो, यह एक सच्ची सेक्स घटना है.

इसके आगे और भी बहुत कुछ हुआ था,

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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