choti bahan ki chudai sex story
हाय फ्रेंड्स! आज मै आपको मेरे एक फ्रेंड की सेक्स स्टोरी उसकी जुबानी सुनाने वाला हूँ। ये स्टोरी मेरे दोस्त और उसकी बहन की चुदाई की है। सो अगर आप भाई बहन की चुदाई की कहानियाँ पढ़ने के लिए उत्सुक हो तो अभी इस साइट को बुकमार्क करके रख लो क्यूंकी इस कहानी को कई पार्ट मे लिखना पड़ेगा। तो अब ज्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए सीधे स्टोरी स्टार्ट करता हूँ।
मेरा नाम सुनील हैं और मै गुजरात के एक विलेज का रहने वाला हूँ. बहुत हिम्मत जुटाकर मै यह कहानी लिख रहा हूँ. इसमें आपको मै बताऊंगा की कैसे एक छोटी सी गलती ने मेरी बहन को मेरे लंड के आगे ला कर खड़ा कर दिया. अब मै ज्यादा वक़्त न लेते हुए स्टोरी स्टार्ट करता हूँ. मेरी फॅमिली मे हम टोटल 6 मेंबर्स हैं. पापा जो की टीचर हैं, मम्मी हाउस वाइफ और मेरे अलावा मेरी 3 सिस्टर्स हैं. मुझसे 3 साल बड़ी सिस्टर बिन्दु मुझसे 2 साल छोटी सीमा और सबसे छोटी सिस्टर धरा.
करीबन कुछ 5 साल पहले सबसे बड़ी बिन्दु की शादी और मेरी शादी एक साथ हो गयी. वो अपने हस्बैंड के साथ बड़ौदा शिफ्ट हो गई और मेरी भी अहमदाबाद मे एक कंपनी मे जॉब लग गई. पहले तो हम किराये पे रहते थे पर फिर लोन लेकर मैंने एक 3 बीएचके फ्लॅट ले लिया. मेरी वाइफ भाविनी को फ़िलहाल बच्चा नहीं चाहिए था इसलिए उसने 2 बार बच्चा गिरा दिया। फिर वो टेबलेट्स लेने लगी जिससे बच्चा न हो.
एक दिन खबर आयी की मेरी बहन सीमा ने अदर कास्ट के लड़के के साथ भागकर शादी कर ली हैं और मेरे घरवालों ने उसके साथ सारे रिलेशन्स कट कर दिए थे. अभी एक साल पहले सीमा और उसका हस्बैंड विनय भी अहमदाबाद शिफ्ट हुए जहा पे विनय ने पार्टनरशिप मे कुछ बिज़नेस चालू किया था. उस टाइम सीमा और विनय हमे मिलने आये थे पर ये बात भाविनी को अच्छी नहीं लगी. इसलिए आइंदा से फिर सीमा और मै कॉल/ व्हाट्सप्प पे ही चैट किया करते थे.
कुछ महीने पहले मुझे सीमा का कॉल आया की उसके हस्बैंड को नया बिज़नेस स्टार्ट करने के लिए कुछ पैसो की शोरटेज आ रही हैं तो उसने मुझसे 50 हज़ार रुपये उधार चाहिए. तो मैंने उसको वो पैसे मेरे घर आके शाम को ले जाने को कहा. जब वो शाम को घर आयी तो उसे देख के मै हैरान हो गया.
शादी के बाद मै उसको पहली बार देख रहा था. उसके बूब्स पहले से बड़े हो चुके थे और टाइट भी थे. नयी हेयर स्टाइल मे वो अलग ही दिख रही थी. उसकी गांड भी पहले से बड़ी हो गयी थी. शार्ट मे बोलू तो वो कली से गुलाब हो चुकी थी. कुछ देर तो सब भूल कर मेरी आँखों मे लस्ट आ गया जिसे शायद वो भांप चुकी थी और मुझे एक किलर स्माइल दी उसने. फिर वो अंदर आकर बैठी चाय नाश्ता किया और फिर मैंने अपनी बीवी को अंदर से पैसे लाने को कहा. भाविनी ने मुँह बनाते हुए पैसे लाकर दिए और पूछा की कब तक लौटाओगी तो सीमा ने मैक्सिमम 1 मंथ के अंदर देने को कहा और फिर वो चली गयी.
ऐसे ही 1 मंथ के ऊपर 1 वीक और हो गया. भाविनी मुझे रोज पैसे के बारे मे पूछती और मै उसे टाल देता. सीमा भी मुझे व्हाट्सप्प पे नेक्स्ट वीक का वादा करती रहती और मुझे फ़िलहाल पैसो की जरुरत नहीं थी इसलिए मैंने उसपे कोई दबाव नहीं डाला. ऐसे ही 2 महीने भी बीत गए. एक दिन खबर मिली की मेरे ससुर को हार्ट अटैक आया हैं और हाफ बॉडी पैरालिसिस हुआ हैं.
तो हम फ़ौरन गाँव चल दिए. मेरी मार्च एंडिंग होने से मै ज्यादा छुट्टी नहीं ले सकता था तो मैंने भाविनी को वही रुकने के लिए कहा जब तक उसके पापा ठीक नहीं हो जाते और मै वापिस अहमदाबाद आ गया और रूटीन जॉब चालू हो गई मेरी. 3 दिन बाद जब ऑफिस मे मेरी मीटिंग चालू थी और फ़ोन साइलेंट पे रखा था. जब दोपहर को मैंने देखा तो मोबाइल मे सीमा की 5 मिस कॉल थी. मैंने उसे व्हाट्सप्प किया:
मै: क्या हुआ?
सीमा: भाभी की कॉल आयी थी और वो पैसो के बारे मे पूछ रही थी.
मै: मुझे इसका कुछ नहीं पता.
सीमा: वो बोल रही थी की पैसे लौटाने का विचार हैं की नहीं.
मै: उसकी बातो को दिल पे मत ले मुझे फ़िलहाल पैसो की जरुरत नहीं हैं.
सीमा: पर भाभी….?
मै: उसको मै समझा लूंगा.
सीमा: ह्म्म्म तुम पैसे देने की टेंशन मत लो. विनय को अगर ज्यादा पैसे चाहिए तो मै तेरी भाभी से चुपके से तुझे दे दूंगा.
सीमा: थैंक्स भैया.
मै: यू आर वेलकम.
सीमा: 🙂।
मै: और तुम चाहो तो ये पैसा मुझे बाद मै पे कर सकती हो. 😉।
सीमा: भैया ये आप क्या कह रहे हैं?
मै:ठीक ही तो कह रहा हूँ. अगर कही और से लेती तो उसका ब्याज कितना देना पड़ता. इसलिए जो मै कहता हूँ वैसा कर. मुझे फ़िलहाल पैसो की कोई जरुरत नहीं हैं. कुछ देर के लिए सीमा का रिप्लाई नहीं आया जैसे की वो कुछ सोच रही हो.
मै: सीमा.
मै: आर यू देयर..?
मै: हेलो.
मै: क्या हुआ रिप्लाई क्यों नहीं दे रही…?
मै: हेलो.
सीमा: जी भैया.
मै: क्या हुआ कहा गई थी.
सीमा: कुछ नहीं भैया.
सीमा: भाभी घर पे नहीं हैं क्या…?
मै: नहीं. वो अपने मायके गई हैं 10 दिनों के लिए.
सीमा: ह्म्म्म।
मै: वो नहीं हैं इसलिए तो तुमसे ये बात कर रहा हूँ. 10 दिन घर पे अकेला ही हूँ.
सीमा: ओके!
सीमा: ठीक हैं भैया मै आपसे बाद मे बात करती हूँ! बाय.
मै: बाय! टेक केयर.
फिर जब मै शाम को ऑफिस से घर जाने की तयारी कर रहा था तब सीमा की कॉल आयी.
सीमा: हेलो भैया कहा पे हो?
मै: बस अब ऑफिस से निकल रहा हूँ.
सीमा: वो एक्चुअली क्या हैं की विनय को बिज़नेस के सिलसिले मै आउट ऑफ़ स्टेशन जाना पड़ा और मुझे अकेले मे डर लगता हैं तो क्या आज की नाईट आपके घर पे सो सकती हूँ?
मै: ओके! मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हैं.
सीमा: थैंक्स भैया.
तो फिर आप घर जाते वक़्त मुझे मेरे अपार्टमेंट के बहार वाले बस स्टॉप से पिक कर लेना.
मै: ओके! मै वह आधे घंटे मे पहुंच जाऊंगा.
सीमा: ठीक है! मै रेडी रहूंगी. मैंने सोचा अच्छा हैं बहुत दिन बाद अपनी सिस्टर की कंपनी मिलेगी.
मैंने सीमा को पिक किया. उसने उस टाइम सिंपल सी साड़ी पहनी हुई थी. उसने बीच मे अपना बैग रखा और हम घर आ गए. घर मे एंटर होते ही उसने एक ज़ोर से चैन की साँस ली.
मै: क्यों क्या हुआ…?
सीमा: कुछ नहीं बस ऐसा लग रहा हैं जैसे आज आज़ादी मिली हैं.
मै: क्यों…. लव मैरिज तो तूने खुद की हैं न.
सीमा: वह तो हैं भैया. विनय भी अच्छे हैं मेरा ख्याल भी रखते हैं लेकिन… (सीमा कुछ सोच मे पड़ गयी)
मै: लेकिन क्या कोई लड़की का चक्कर हैं क्या?
सीमा: अरे नहीं! वैसा कुछ नहीं. नए बिज़नेस के चक्कर मे उनको अब पहले जितना टाइम नहीं मिलता. (ये बोलकर वो थोड़ा उदास हो गयी मैंने उसके गाल पे चिमटी काटते हुए कहा:)
मै: तू टेंशन मत ले! सब अच्छा हो जायेगा. बोल तू आज तेरी आज़ादी तुझे कैसे एन्जॉय करनी हैं?
सीमा: (हँसते हुए) आज फुल धमाल. पहले खाना खाएंगे और बाद मे अच्छी मूवी देखेंगे! बहुत टाइम से मै थिएटर नहीं गयी.
मै: ठीक हैं फिर! पहले फ्रेश हो जाते हैं फिर चलते हैं.
सीमा: थैंक्स भैया!
और सीमा मेरे गले मे लिपट गयी. उसके ऐसे टच ने तो मानो मेरे अरमान हिला दिए. उसके बड़े बूब्स के पॉइंटेड निप्पल मेरी चेस्ट मे चुभ रहे थे. थोड़ी देर बाद हम अलग हुए और फ्रेश होने चले गए. मै रेडी होकर गेट पे इंतज़ार कर रहा था और जब सीमा बहार आयी तो मै तो देखता ही रह गया. उसने टाइट ब्लैक जीन्स और ऊपर रेड टी-शर्ट डाला हुआ था. बिलकुल पटाखा लग रही थी. मुझे उसे ऐसे घूरते हुए देख उसने पूछा..
सीमा: क्या हुआ भैया?
मै: कुछ नहीं! वो तो तुम्हे देख के ख्याल आया की आते वक़्त तो तुम सावित्री थी और अब तो सनी लग रही हो. वो हंसने लगी मुझे लगा उसे शायद सनी से कम्पेर किया तो उसे बुरा लगा होगा. वह बाइक पे पीछे बैठी तब मैंने उसे सॉरी बोला.
सीमा: सॉरी किसलिए?
मै: वो तुम्हे सनी जैसा बोलने के लिए.
सीमा: डोंट बी सॉरी भैया! मेरे कॉलेज मे सनी जैसा दिखना एक कॉम्पलिमेंट था. लगता हैं आप सनी के फैन हैं. (और वो हंसने लगी)
मै: वो तो सभी लड़के होंगे. तेरा विनय भी होगा शायद.
सीमा: पहले का पता नहीं पर अब तो वो सिर्फ मेरा फैन हैं. और मै सिर्फ सनी जैसी लगती हूँगी बाकि सब.
मै: (चिढ़ाते हुए)चुप क्यों हो गयी….? बाकि सब क्या….?
सीमा:(मुझे हलके से धक्का मारते हुए) आप भी न भैया. वो सब छोड़िये आप समझ लीजिये की बाइक पे आज पीछे मै नहीं सनी बैठी हैं.
और सीमा ने मेरे पेट के ऊपर हाथ बांध दिए और मुझसे चिपक कर बैठ गयी और अपना सर मेरे कंधो पे टिका दिया. मेरा लंड तो पेण्ट मे तम्बू बनाने लगा. फिर हमने होटल मे खाना खाया एक मूवी देखि. थिएटर मे भी सीमा मुझसे सटकर बैठी थी. उसके दिमाग मे क्या चल रहा हैं मुझे पता नहीं था. पर उसके ऐसे व्यव्हार से मै एक्साइट हो गया था. फिर करीबन 11:45 को हम वापस घर आ गए. हम घर पहुंचे तो मैं बुरी तरह थक चूका था. इसलिए मैंने सीमा को घर लॉक करने के लिए कहा और मैं सीधा अपने बैडरूम में आ गया और जाकर सीधा बेड पर गिरा और मेरी आंख लग गयी.
फिर कुछ देर बाद मुझे सपना सा आया की मेरी वाइफ भाविनी मेरा लंड चूस रही है. मुझे ये अजीब लगा क्यूंकि ऐसा सपना पहले कभी नहीं आया. फिर धीरे धीरे से जब मेरी आंख खुली तो पता चला की ये सपना नहीं है. ये रियल में मेरा लंड कोई चूस रहा था और चूसने वाली मेरी वाइफ नहीं बल्कि मेरी सिस्टर सीमा थी. वो भी ऐसे लंड चूस रही थी जैसे पोर्न मूवी वाली हीरोइन चूसती है. मेरी समझ में नहीं आ रहा था की ये क्या हो रहा है. मैंने सीमा के सर को हटाते हुए कहा.
मैं : ये क्या कर रही हो.?
सीमा : अपना क़र्ज़ चुका रही हूँ भैया.
मैं : मतलब ?
सीमा : अपने ही तो आज दोपहर में व्हाट्सप्प में कहा था की आपको वो 50 हज़ार रूपये के बदले मेरे साथ सेक्स करना है. और मेरे पास भी फ़िलहाल उतने पैसे नहीं है इसलिए मैं ये सब कर रही हूँ.
ये कहते ही सीमा फिर से मेरा लंड चूसने लग गयी. मैंने झट से अपना फ़ोन निकाला और व्हाट्सप्प में सीमा की चैट पढ़ने लगा और मेरा माथा जैसे चकराने लगा. मैंने उसे रिप्लाई किया था की.. मै: और तुम चाहो तो ये पैसा मुझे बाद मे पे कर सकती हो. और इस रिप्लाई में मैंने गलती से बाद की जगह बेड (बिस्तर) टाइप कर दिया था. जिसकी वजह से ये सब बवाल मचा हुआ था. और इसी एक वर्ड के कारण पूरी कन्वर्सेशन का मीनिंग ही चेंज हो गया.
मैं : तुम पैसे देने की टेंशन मत लो. विनय को वो लगेंगे पैसे बिज़नेस में. अगर ज्यादा पैसे चाहिए तो मै तेरी भाभी से चुपके तुझे दे दूंगा.
सीमा : थैंक्स भैया.
मैं : योर वेलकम.
सीमा : हम्म.
मैं : और तुम चाहो तो ये पैसा मुझे बेड मे पे कर सकती हो. (यहाँ गलती से मुझसे बाद के बदले बेड टाइप हो गया था जिससे सीमा को लगा की मै ये पैसे उससे अपने बिस्तर में वसूलना चाहता हूँ.)
सीमा : भैया ये आप क्या कह रहे हो? पहले उसको लगा की शायद मै उससे मज़ाक कर रहा हूँ. पर फिर मैं उसे समझाते हुए बोला.
मैं : ठीक ही तो कह रहा हूँ. अगर कही और से लेती तो उसका ब्याज कितना देना पड़ता तुझे. इसलिए मैं जो कहता हूँ वैसा कर. मुझे फ़िलहाल पैसो की कोई जरुरत नहीं है. (अब उसे लगा की दुसरो को तो उसे शायद ब्याज के साथ रूपये वापस देने पड़ते पर मैं दोनों चीज़ो के बदले उससे एक नाईट मांग रहा था.) कुछ देर के लिए सीमा का रिप्लाई नहीं आया जैसे की वो कुछ सोच रही हो इसलिए मैं बोला.
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मैं : सीमा.
मैं : आर यू देयर?
सीमा शायद अपने आप को इस सिचुएशन के लिए समझा रही थी.
मैं : हेलो.
मैं : क्या हुआ रिप्लाई क्यों नहीं दे रही हो तुम ?
मैं : हेलो.
सीमा : जी भैया.
मैं : क्या हुआ कहा चली गयी थी ?
सीमा : कुछ नहीं भैया. (दरसल वो अभी भी डीसाइड नहीं कर पा रही थी की उसे क्या करना चाहये.)
सीमा : भाभी घर पर नहीं है क्या? (वो मुझे टटोल रही थी जैसे छोटे बच्चे करते है.)
मैं : नहीं वो अपने मायके गयी है 10 दिनों के लिए. (अब उसे लगा के भाभी नहीं है. इसलिए मैं मौके पर चौका मार रहा हूँ.)
सीमा : हम्म्म्म.
मैं : वो नहीं है इसलिए तो तुमसे ये बात कर रहा हूँ. 10 दिन घर पर अकेला ही हूँ मैं अब. (अब उसे लगा की मै अपना अकेलापन आज अपनी सिस्टर के ज़रिये दूर करना चाहता हूँ.)
सीमा : ओके!
सीमा : ठीक है भैया मैं आपसे बाद मे बात करती हूँ. ओके बाय.
मैं : बाय! टेक केयर.
छोटी बहन को चोदा हिन्दी कहानी
तो इस तरह एक वर्ड की गलती के कारण आज मुझे अपनी सिस्टर की चूत मिलने वाली थी. पर मैं भी अब एक्साइट होने लग गया था. मैंने तो पहले से ही सीमा से वो उधार के रूपये वापस न लेने का मन बना लिया था. उसको उसकी शादी का प्रेजेंट समझ के उसे वो पैसे दे दिए थे. पर यहाँ तो मुर्ग़ी खुद कटने को आ गयी है. अगर उसने मुझे पहले किसिंग से स्टार्ट किया होता तो मै उसका विरोध करता और सारी मिस अंडर स्टैंडिंग दूर हो जाती. पर सीमा ने सीधा मेरा लंड अपने मुँह में लेकर मुझे सातवे आसमान तक पंहुचा दिया था.
इसलिए मैंने उसे मैसेज में स्पेलिंग मिस्टेक वाली कोई बात नहीं कही. और पिक्चर जैसे चल रही थी वैसे ही चलने दी. मैंने सोचा की जब सीमा एक लड़की होकर अपने भाई से सेक्स के लिए खुद तैयार है. तो मुझे भी पीछे नहीं हटना चाहिए. और जब एक दिन गलती से मैंने मेरी वाइफ के मुँह में अपने लंड का पानी छोड़ दिया था. तबसे से उस बहन की लोड़ी ने मेरा लंड चूसना बंद कर दिया था. तो मैं भी सीमा की चुसाई की वजह से खुद को अपनी बहन को चोदने के लिए मेंटली रेडी कर दिया.
वो बिलकुल एक पोर्न स्टार की तरह मेरा लंड चूस रही थी. उसने बताया की उसके हुब्बी को ये सब अच्छा नहीं लगता. वो न ही सीमा को चूसने देता है और न ही वो खुद उसकी चूसता है.
मैं : वो क्या नहीं चूसता तेरी ?
सीमा शरमाते हुए बोली : आपको तो पता ही है भैया मैं किस चीज़ की बात कर रही हूँ.
मैं : मुझे तो पता है सिस्टर लेकिन वो तेरे मुँह से सुनना चाहता हूँ.
सीमा : नहीं भैया , मुझे शर्म आ रही है.
मैं : तो फिर रहने दो मुझे कुछ नहीं करना तुम्हारे साथ.
सीमा : अरे भैया आप नाराज़ मत हो प्लीज. मैं बोलती हूँ और वैसे भी उन सब के नाम बोलने से ही तो आज की रात सुहानी बनेगी.
सीमा : विनय न ही मुझे अपना लंड चूसने देता है और न ही वो मेरी चूत की चुसाई करता है. क्या भैया आप अपनी छोटी बहना की चूत का स्वाद चखना चाहोगे ?
मैं : हाँ सीमा तेरे लिए तो मैं कुछ भी कर सकता हूँ.
और फिर मैंने अपने बाकि के कपडे निकालते हुए सीमा को पकड़ कर बेड पर पटक दिया. और उसके रसीले होंठो को चूसने लग गया! वाह!! क्या स्वीट से लिप्स थे मेरी बहन के। हम दोनों स्मूच करने लगे. तब उसने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने एक बूब्स को उससे दबाने लगी. तो मैं भी टीशर्ट के ऊपर से ही उसके निप्पल को काटने लगा. उसने अपना टीशर्ट निकाल फेंका और अब वो ब्रा में थी. मैं ब्रा में से ही उनको अच्छे से मसलने लग गया. वो आहे भरने लग गयी और मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया और मैं उसके नंगे बूब्स को देखता ही रह गया. वो मध्यम साइज के थे और एक दम टाइट थे.
सीमा : ऐसे क्या घूर रहे हो भैया पसंद नहीं आये क्या अपनी बहना के बूब्स?
मैं : अरे नहीं रे पगली. ये तो बहुत ही मस्त है. तेरी भाभी के बड़े है पर उसके लूस हो पड़े है. पर तेरे बूब्स तो एकदम परफेक्ट है. और ये बोलकर मैं उन्हें अच्छे से मसलते हुए चूसने लग गया. वो भी आह…आह कर रही थी और साथ ही बोल रही थी.
सीमा : भैया आज पूरा निचोड़ दो इन्हे भैया आह आह और जोर से.
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वो पूरे मजे में थी और धीरे धीरे मैंने उसके सारे कपडे भी निकाल दिए. अब हम दोनों पूरे नंगे थे. मैं सीमा की पूरी बॉडी को किस करने लग गया. वो भी मुझे यहाँ वहाँ चूम रही थी. फिर मैंने उसकी चूत को पकड़ा और उसकी टाँगे फैलाकर मै उसे चूसने के लिए घुटनो के बल बैठ गया. उसकी चूत पर अच्छे खासे बाल थे तो मैंने उसे हटाकर उसकी चूत को फैलाया. वो मस्त गुलाबी चूत थी और थोड़ी टाइट भी थी. शायद विनय उसे अच्छे से चोदता नहीं होगा. फिर मैं अपनी जुबान अंदर डालकर उसकी चूत चूसने लग गया और सीमा की सिसकारियां चालू हो गयी.
मैं : सीमा मैंने तो ऐसे ही चांस लिया था तुझे चोदने के लिए. पर तू इतनी जल्दी कैसे मान गयी?
ये कह कर मैं फिर से चूत चूसने लग गया. फिर सीमा सिसकारियां लेते हुए बोली.
सीमा : वो बात ऐसी है भैया की ये लावा तो कई दिनों से उबल रहा था. आह्ह्ह आहह पर ये ये तो एक्चुअली कहीं और फूटने वाला था पर आप का नसीब बहोत अच्छा है जो आपको मिला है.
मैं : मतलब? मैं कुछ समझा नहीं.
सीमा : विनय मुझे हर तरह से खुश रखता है मुझे कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होने देता. पर एक लड़की को उससे भी ज्यादा कुछ चाहिए होता है. आह्ह्ह आहह भैया शादी के बाद तो वो मुझे हर रोज़ चोदते थे पर अभी बिज़नेस की भाग दौड़ में वो मुझे सेटीसफ़ाई नहीं कर पाते है.
मैं : पर मैं ही कैसे?
सीमा : भैया मैंने ये बात अपनी एक फ्रेंड को कही तो उसने बताया की उसके हस्बैंड भी उसे सेटीसफ़ाई नहीं कर पाते है. इसलिए वो अपने एक पडोसी से चुदवाती है. और उसने मुझे बताया की उसका लंड भी अच्छा खासा मोटा और लम्बा है. और वो मस्त चोदता है, तो उसने मुझे भी उस पडोसी से चुदवाने का ऑफर दिया था.
मैं : तो तुमने क्यों नहीं लिया वो ऑफर?
सीमा : मैं भी अच्छे से चुदाई के लिए तड़प रही थी और क्या पता उसका वो पडोसी मेरी फ्रेंड के अलावा कितनो को चोदता होगा उसे एड्स वगैरह हुआ तो? और क्या पता की वो मेरी वीडियो बना के बाद में मुझे ब्लैकमेल भी कर सकता है. इसलिए मै कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी.
मैं: बात तो बिलकुल सही है तेरी.
सीमा: और इतने में आपका प्रपोजल आ गया मैंने सोचा, की आप भाभी के अलावा किसी और को तो चोदते नहीं होंगे. और मेरे साथ आपको भी मेरी इज़्ज़त की चिंता रहेगी और हमारी ये बात हम दोनों तक ही रहेगी.
मैं : और क्या?
सीमा : आपके लंड की साइज भैया. शादी के पहले गलती से एक बार आपका लंड बाथरूम में देख लिया था तबसे मन में एक ख्वाहिश थी की मेरे होने वाले पति का लंड भी ऐसा हो.
और वो मुझे जमकर चोदे पर विनय का आपके जितना तगड़ा नहीं है. और ये सब घटनाये एक साथ मिली और आज में आपके साथ यहाँ हूँ और मेरी चूत आपके मुँह में है भैया.
मैं : थैंक्स सिस्टर! अपने भाई को मौका देने के लिए. तू आज की रात को पूरी ज़िन्दगी याद रखेगी.
सीमा : हाँ भैया मै भी चाहती हूँ की आज की रात आप मुझे जमकर चोदो और आप मुझे ऐसा चोदना. जैसा आज तक आपने किसी को ना चोदा हो.
फिर मैं खड़ा हो गया और अपने लंड को उसके मुँह में देकर उसका मुँह चोदने लग गया. जब मेरा लंड एक दम तन गया तो मैंने सीमा को बेड पर लिटा के उसके पैर फैला दिए और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा गया.
सीमा : प्लीज भैया ऐसे न तड़पाओ अपनी सिस्टर को. जल्दी चोद डालो और अपने मोटे लंड से मेरी चूत को फाड़ दो मेरी फुद्दी को प्लीज भैया.
मैं : ओके सिस्टर तो फिर रेडी होजा अपनी लाइफ की फर्स्ट रियल सेक्स के लिए.
और मैंने लंड के टोपे को चूत के मुँह पर रख कर हल्का सा दबाया पर वो अंदर जा नहीं रहा था. मालूम हुआ की उसके हब्बी के लंड के साइज तक ही चूत खुली हुयी थी. इसलिए मैंने सीमा के पैर अपने दोनों कंधे पर रख दिए और लंड को पकड़ कर उसकी चूत पर सेट किया. और फिर एक जोर से धक्का लगाया. जिससे मेरा लंड अब उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ अंदर जा रहा था. और वो बिन पानी के मछली की तरह तड़फने लगी. मुझे लगा की शायद वो चुदाई से मना ना कर दे इसलिए मैंने लंड को बाहर निकाल दिया. जब वो कुछ सेटल हुई तो उसने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर रखा और कहा.
सीमा : अब की बार पूरा अंदर डाल देना चाहे कुछ भी हो.
मुझे तब पता चला की मेरी सिस्टर बड़ा लंड अपनी चूत में लेने के लिए कितनी डेस्पेरेट है. मैंने फिर से लंड को अंदर किया और आधा लंड उसने अंदर ले लिया. तब उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगी. मैं भी कुछ न देखते हुए लंड को अंदर डालने लगा और धीरे धीरे से पूरा लंड उसकी चूत में डालकर मैंने सांस ली. सीमा के तो पसीने छूट गए फिर थोड़ी देर बाद जब वो कम्फर्ट में हुई और उसने अपने पैर मेरे कंधे से हटा दिए और मुझे सेक्सी सी स्माइल दी और कहा.
सीमा : सुनील भगाओ अपने घोड़े को.
मैं अपने लंड को अब पूरा बहार निकाल के अंदर डालने लगा और सीमा भी अपनी गांड उछालकर मेरे ताल से ताल मिलाने लगी. पुरे कमरे में फच फ़च की आवाज़ें गूंजने लगी. वो नयी नवेली दुल्हन की तरह आवाजे कर के और अपने दोनों कूल्हे उछालते हुए बहुत अंदर तक मेरा लंड ले रही थी. अंदर उसकी बच्चेदानी को जब लंड टच होता तब वो बहुत ही एक्साइट हो जाती. मुझे लगा की आज सीमा की चूत मेरे लंड को पूरा खा जाएगी. और ऐसे ही हमारी ये चुदाई काफी देर तक चली।
हमने अलग अलग पोजीशन में सेक्स किया कभी डोगी, कभी वो मेरे ऊपर कभी एक साइड में. जब मेरा माल निकलने को आया तब मैंने उसे कहा की मैं उसकी चूत में छोड़ रहा हूँ. तो उसने मना कर दिया और बहार निकालने को कहा. मैंने भी बहार निकालने को मना कर दिया तो वो उठी और घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को पकड़ कर अपने मुँह में लेने लगी और जोर जोर जोर से हिलाने लगी. फिर वो बोली.
सीमा : आप समझो ये मेरा मुँह नहीं मेरी चूत है. अब आपको जो करना है वो करो.
तो मैं भी उसकी चूत की तरह उसके मुँह को चोदने लगा. पुरे का पूरा लंड उसके अंदर गले तक डालने लगा. और फिर कुछ देर बाद मेरे लंड से पिचकारी छूटी और उसके पुरे मुँह को भर दिया .शायद ये मेरा अब तक का सबसे ज्यादा पानी निकला हो ऐसा लगा. वो सारा पानी निगल गयी और फिर बाद में मेरे लंड की आखरी बून्द तक निचोड़ के पे ली उसने. मैं तो अपने आप को सातवे आसमान पर महसूस कर रहा था. फिर हम दोनों साथ बाथरूम में नहाये और बेड पर आकर सो गए. मैंने सोचा की कल ऑफिस से छुट्टी मार कर पूरा दिन अपनी सिस्टर को चोदूँगा और उसकी कुंवारी गांड भी मरूंगा .और फिर हम सो गए जब सुबह हुई तो मै देर से उठा. सीमा नहा धो कर रेडी हो गयी और मेरे लिए वो चाय लेकर आयी और मुझे जगाया. तब मैंने उसे पकड़ कर बेड में खींचा और उसे किस करने लगा पहले तो वो मना करने लगी फिर उसने भी साथ दिया. और जब हम अलग हुए तो उसने कहा.
सीमा : भैया इसे हमारी लास्ट किस समझिये.
मैं: क्या मतलब?
सीमा : मतलब के जो कल रात हुआ अब वो दोबारा नहीं होगा.
मैं: पर क्यों अब हुआ क्या ?
सीमा: मैंने पहले से ही डीसाइड किया था के आपके रुपयों के बदले में सिर्फ एक नाईट ही आपसे सेक्स करुँगी. और अब मै सिर्फ अपने हस्बैंड की हूँ. तो प्लीज मुझे ये सब दोबारा करने के लिए मत बोलियेगा. मैं अब वापस जा रही हूँ विनय को मै बोलके आयी थी की आपकी तबियत ठीक नहीं है. इसलिए रात को रुक कर सुबह वापस आ जाउंगी.
ये कह कर अब वो जाने लगी. मैं तो उसे देखता ही रह गया. मुँह से शब्द नहीं निकल रहे थे. गेट को ओपन कर के जब वो जा रही थी तब वो वापस मुड़ी और कहा.
सीमा : आई होप के हम अबसे फिर से वही भाई बहन रहेंगे पुराने वाले और बाई दा वे लास्ट नाईट बहुत मज़ा आया भैया. अपनी सिस्टर को इतना सेटीसफ़ाई करने के लिए थैंक्स.
और वो फिरसे वही सेक्सी वाली स्माइल देकर अपने घर चली गयी. सो फ्रेंड्स कैसी लगी आपको ये कहानी का आप मुझे कमैंट्स में जरूर बताये.
इस स्टोरी में आगे क्या हुआ मुझे सीमा की चूत फिरसे मिली की नहीं ये सब अगले पार्ट मे! तब तक के लिए इंतज़ार कीजिये।
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