abbu se chudai ki kahani hindi
दोस्तों मेरा नाम नीलम खान है! आज जो स्टोरी मै आपके लिए लेकर आई हूँ वो एक जबर्दस्त सेक्सी Hindi Sex story है। ये स्टोरी एक बाप और बेटी की एक दूसरे के लिए कामुक भावनाओं को लेकर है। ये बाप बेटी की चुदाई कहानी कई पार्ट मे होगी इसलिए हमारे साथ जुड़े रहें और पूरी कहानी का मज़ा लें। तो चलिये कहानी स्टार्ट करते है।
यूसुफ़ का ये ख्वाब पीछा नहीं छोड़ रहा था. बड़ा सा कमरा है. यूसुफ़ एक कमरे से दूसरे कमरे में कुछ तलाश कर रहा है. तभी एक कमरे में से कुछ आवाज़ सुनाई देती है. वो कमरे की तरफ बढ़ता है. दरवाज़े पर एक सफ़ेद पर्दा है जो की कुछ हटा हुआ है. यूसुफ़ का दिल धक धक करने लगता है जब उसकी नज़र कमरे में पड़ती है. कमरे में पलंग पर एक नंगी औरत लेटी हुई है. गोरी चिट्टी, बड़े बड़े चूचे, फैली हुई जांघें, बिना बालों के चमकती हुई चूत, चेहरा काले बालों से ढका हुआ.
उस औरत का एक हाथ उसकी चूत से खेल रहा था और उसके हाथ की दो उँगलियाँ उसकी चूत में घुसी हुई थी और वो अपनी चूत को उंगलिओं से ज़ोर ज़ोर से चोद रही थी जैसे की उसकी चुदाई कई सदियों से ना हुई हो। युसुफ का लंड ये देखकर खड़ा हो जाता है जैसे की उसकी आज सुहागरात हो.
वो आगे बढ़ता है और अपनी चूत को अपनी उँगलियों चोद रही औरत की जांघों पर हाथ रख देता है. वह औरत कुछ बुदबुदा रही है. अचानक वो अपने आप को झटका देती है और उसके काले बाल उसके चेहरे से हट जाते हैं.
“ओह्ह्ह्ह अब्बा आप? आप यहाँ क्या कर रहे हैं?”
वो औरत और कोई नहीं सायरा निकली, युसुफ की अपनी बेटी सायरा. तभी यूसुफ़ की आँख खुल जाती है. उसका जिस्म पसीने पसीने हो चूका है. लंड किसी खम्बे के माफिक खड़ा है. तभी उसको ख्वाब में सायरा के बड बड़ाने के शब्द याद आ जाते हैं. ख्वाब में वो बोल रही थी! “अब्बा अब डाल दो अपना लंड अपनी बेटी की चूत में. आज मुझे चोदकर मुझे अपनी बीवी बनो लो अब्बू! मुझे अम्मी की जगह दे दो अब्बू!!!!”
युसुफ(मन मे सोचते हुए) – या अल्लाह ये क्या हो रहा है मेरे साथ? अल्लाह क्यों मुझे ऐसे ख्वाब दिखा रहा है? क्यों मुझे शैतानी ख्वाब दिखा रहा है क्यों दोज़ख मे धकेल रहा है अल्लाह?
लेकिन वो चाहे जितनी भी कोशिश क्यों न करे उसका लंड बैठने का नाम नहीं ले रहा था. उसने लंड को पकड़ रखा था और सोच रहा था की क्या किया जाये. तभी उसकी बीवी नसीम जाग उठी और अपने खाविंद का तना हुआ लंड देख कर मुस्कुरायी.
नसीम – ये क्या जी अब आप आधी रात को भी मुझे सोने नहीं दोगे क्या? इस उम्र में तो संभल जाओ. अब तो सायरा की भी शादी हो चुकी है और आप अभी जवान लड़के बने हुए हैं. चलो अब लंड महाराज खड़े हो ही गए हैं तो इनका कोई इलाज तो करना ही पड़ेगा. लाओ इसको मेरे हाथ में दे दो. मैं जानती हूँ की ये लंड क्या मांगता है इस वक्त।
नसीम ने लंड पकड़ कर उस पर हाथ फेरा और फिर चूम लिया. यूसुफ़ और नसीम की उम्र 45 और 41 साल की थी और नसीम उसके चाचा की बेटी थी जिस से उसका निकाह आज से 22 साल पहले हुआ था. नसीम निकाह से पहले यूसुफ़ को “भाईजान” कह कर बुलाती थी और आज भी अगर वो ज़्यादा चुदासी हो जाती तो उसको “भाईजान” कह कर ही बुलाती.
युसुफ – तो फिर एक राउंड हो जाये बहना. मेरे लंड की भी अकड़न मिट जायेगी और मेरी बहना की चूत की खुजली मिट जाएगी. चल उतार अपनी सलवार और कर ले टाँगें चौड़ी और खोल दे अपनी चूत के दरवाज़े।
नसीम तो पहले ही नाडा खोल चुकी थी. यूसुफ़ ने लंड को नसीम की चूत पर रखा और गांड उछाल दी और यूसुफ़ अपनी बीवी पर चढ़कर धक्के पे धक्का मारने लगा.
नसीम चिल्लाई आराम से चोदो अपनी बहना को. मार ही डालोगे क्या बहनचोद?
लेकिन यूसुफ़ को महसूस हो रहा था की उसके नीचे नसीम नहीं बलकी उसकी बेटी सायरा पड़ी हो और वो उससे कह रही हो.. अब्बू चोद डालो अपनी बेटी को. चोदो अपनी प्यारी बेटी को मेरे प्यारे अब्बू!!! यूसुफ़ का लंड इतना तन चूका था जितना कभी जवानी में तन जाता था. वो अपनी बीवी को बेरहमी से चोदने लगा. नसीम जो की चौड़ी गांड वाली भरी चूचि वाली गोरी औरत थी नीचे से चूतड़ उठा कर जवाब देती हुई बोली..
नसीम – भाई जान आज आप को क्या हो गया है? आपने क्या खाया है जो किसी जानवर की तरह चोद रहे हो. किस रंडी का ख्वाब देख कर इतना जोश आया हुआ है भाईजान? जो अपनी बहन की चूत का कचूमर निकाल रहे हो? हाय मेरी चूत झड़ने वाली है!! मार डाला आपने मुझे हाय!! अल्लाहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह…उफ़्फ़फफफफफफफफफ, मर गयी मैं तो!!
लेकिन यूसुफ़ ने तो ऑंखें बंद की हुई थी और वो मन ही मन अपनी बेटी सायरा को चोद रहा था लो मेरा लंड बेटी ले लो अब्बू का लंड मेरी बेटी. तेरा अब्बू भी झड़ने वाला है बेटी. चोद ले अपने अब्बू को!!
यूसुफ़ ने हाँफते हुए कहा और वो नसीम की चूत में झड़ गया. पहले तो नसीम ने कोई ध्यान नहीं दिया लेकिन झड़ने के बाद बोली”
नसीम – ये क्या बक रहे थे “बेटी”? ये बेटी कौन है? लगता है तुम चढ़े मुझ पर हुए थे लेकिन चोद किसी और को रहे थे!!
यूसुफ़ एक दम सकते में आ गया और बोला..
युसुफ – बेग़ुम कुछ नहीं. तुम चोदते वक्त मुझे भाईजान बोलती हो तो मैंने सोचा क्यों न अपनी बेगम को बेटी कह कर पुकारूँ. लेकिन क्या चोदती हो तुम जब मैं तुझे बेटी कहता हूँ।
नसीम अजीब नज़रों से अपने शौहर को देख कर बोली..
नसीम – कोई तो बात है पहले तो मुझे बहना बुलाते थे आज बेटी बुला रहे हो. चलो कोई बात नहीं चोदते तो मुझे ही हो ना।
अब्बू ने बेटी को चोदा हिन्दी कहानी
यूसुफ़ चुप हो गया. पूरी चुदाई के बाद भी उसका लंड बैठ नहीं रहा था. सायरा का नंगा जिस्म उसकी आँखों के सामने था. साथ वाले कमरे में सायरा का भी कुछ यही हाल था. जिस वक्त यूसुफ़ ख्वाब देख रहा था उसी वक्त सायरा अपने बिस्तर में सो रही थी. उसका पति साजिद जो की उसके अब्बू के घर में ही रहता था अपने अब्बू अम्मी के घर गया हुआ था और सायरा अकेली थी. लंड न होने की वजह से सायरा अकेली ही कपडे उतार कर बिस्तर में सो रही थी.
तभी उसने एक ख्वाब देखा की वो एक सुनसान हवेली में अकेली है बिलकुल नंगी है और उसके हाथ बिस्तर से किसी रस्सी से बंधे हुए हैं. कमरे में अँधेरा है. तभी दरवाज़ा खुलता है और कोई मर्द कमरे में दाखिल होता है. मर्द हट्टा कट्टा है और नंगा है. उसकी पीठ दरवाज़े की तरफ और चेहरा सायरा की तरफ है लेकिन रौशनी कम होने की वजह से चेहरा साफ़ दिखाई नहीं पड़ रहा था। Abbu se chudai ki kahani
वो मर्द नज़दीक आ कर उसकी जांघों से खेलने लगता है. उसकी चूत को सहलाने लगता है. लेकिन डरने की बजाये सायरा उत्तेजित होने लगती है और उसकी चूत पानी छोडने लगती है. वो आदमी झुक कर अपना मुँह सायरा की चूत पर रख देता है और सायरा हैरान हो जाती है क्यों की उस मर्द की शकल उसके अब्बा से मिलती है.
ओह्ह्ह अब्बू आप? आप यहाँ क्या कर रहे हैं? जानते नहीं मैं नंगी हूँ? आप अम्मी के पास जाएँ. अपनी बेटी के साथ कोई ऐसा करता है क्या? आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह…अब्बू नहीं……..ऊऊओह्ह्ह्हह…अब्बू!!!!”
वो मर्द सायरा की चूत पर ज़ुबान फेरता हुआ बोला॥ बेटी तू ही तो मेरा प्यार है. तेरी अम्मी से निकाह तो मैंने इसलिए किया था की तुझे पैदा कर सकूँ. बेटी तेरे साथ तो मैंने ज़िन्दगी बितानी है तुझे अपनी बीवी बना के रखना है. तेरी ये रेशमी चूत मेरे लिए ही तो बनी है. तेरा ये मखमली बदन मेरे लिए ही तो है. तेरी चूत का ये अमृत मेरे लिए ही तो है बेटीईईईईईई।
“नहींईईईईईईईईईईईईईईईईईई….अब्बू ये गुनाह है…………………..आप जाईये अब्बू!!”
सायरा चिल्लाई और उसकी आँख खुल गयी. उसका जवान जिस्म पसीने से नहाया हुआ था और उसकी चूत से पानी टपक रहा था. उसने जब हाथ लगा कर देखा तो चूत पानी से पूरी भीगी हुई थी जैसे कोई उसकी चूत को चाट कर गया हो. सायरा के जिस्म में एक सिरहन उठी और चूत में एक जवाला.
अब्बू जान से बेटी चुद गयी
सायरा – ओह्ह्ह्ह ये कैसा ख्वाब था? मेरे अब्बा? ओह्ह्ह मेरी आग शांत कर दो मुझे अब्बू जैसा लंड मेरी चूत में पिलवा दो!”
वो उठी और पानी पीने जाने लगी. अब्बू के रूम से आवाज़ें सुन कर रुक गयी. लो मेरा लंड बेटी ले लो अब्बू का लंड मेरी बेटी. तेरा अब्बू भी झड़ने वाला है बेटी. चोद ले अपने अब्बू को। सायरा आवाज़ सुन कर पागल हो गयी. लेकिन असल में अब्बू अम्मी की बात सुन कर और भी परेशान हुई.
क्या अब्बू सच में अम्मी को “बेटी” मज़ाक से कह रहे थे?
लेकिन कुछ भी हो जब से सायरा ने अब्बू का लंड अम्मी की चूत में जाता हुआ देखा तो सायरा की चूत की आग और भी भड़क गयी. उस रात उसने ऊँगली से काम चलाना चाहा, लेकिन सायरा की आँखों के सामने तो अब्बू का लंड घूम रहा था। पूरी रात उसने छटपटा कर काटी. और सुबह से ही स्कीम बनाने लगी की किस तरह वो अम्मी की सौतन बन सके और अब्बू की बीवी.
आगे की कहानी अगले पार्ट मे। कहानी कैसी लगी, कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कमैंट्स में जरूर लिखे ताकि मै आपके लिए ऐसी ही मज़ेदार सेक्सी कहानियाँ ला सकूँ।
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