पुरानी दोस्त की चूत चोदने का मौक़ा मिला

young hot girl ki chudai

यंग हॉट गर्ल की चुदाई का मौका मुझे मिला जब एक पुरानी दोस्त का फोन नम्बर मेरे सामने आ गया. मैंने उसे कॉल किया तो वो मिलने के लिए आ गयी.

दोस्तो, मेरा नाम निक्की है और मैं मध्यप्रदेश के भोपाल शहर का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 27 साल है. मैं दिखने में सुंदर हूँ. मेरी हाइट 5 फीट 8 इंच है और चुस्त-दुरुस्त शरीर का मालिक हूँ.

ये रियल सेक्स कहानी है.
मैं और मेरी फ्रेंड सुहानी की गोपनीयता की वजह से मैंने उसका नाम और शहर का नाम बदल कर लिखा है.

मैंने अभी तक बहुत सी लड़कियों और भाभियों को चोदकर संतुष्ट किया है.
अब तक मेरे लौड़े से चुदी सारी की सारी चूतें मुझसे चुदवा कर बहुत खुश हैं.

उनमें से एक यंग हॉट गर्ल की चुदाई का किस्सा आपके सामने पेश कर रहा हूँ.

ये कहानी तब शुरू हुई थी जब मैं जवान हुआ ही था और अपनी मौसी की शादी में गया था.
मुझे वहां एक लड़की मिली थी जिसका नाम सुहानी था.

उस वक्त वह दिखने में कुछ खास नहीं लगती थी लेकिन मेरी उससे बात हुई और हम दोनों ने अपने नंबर आपस में बदल लिए.
फिर कुछ दिनों तक फोन पर बात होती रही.

फिर हम दोनों में बात होनी बंद हो गई.
दरअसल हम दोनों अपनी अपनी पढ़ाई में मशरूफ़ हो गए थे.
आमने सामने से मुलाकात न होने के कारण कोई खास रुचि भी नहीं रह गई थी.

फिर काफी समय बाद अचानक एक दिन मैं अपने मोबाइल में किसी का नंबर खोज रहा था तो सामने से सुहानी का नंबर आ गया और मैंने उसे फोन कर लिया.

उसके मोबाइल से मेरा नंबर शायद डिलीट हो गया था तो वह अनजान नंबर देख कर मुझे पहचान नहीं पा रही थी.

फिर मैंने उसे याद दिलाया कि मैं निक्की हूँ तो वह झट से मुझे पहचान गई.

फिर हमारी बात शुरू हुई.
बात शुरू हुई तो पता चला वह यूपी के किसी शहर में रह रही थी.

वह 15 दिन बाद वापस आने वाली थी और मेरे शहर से होकर जाने वाली थी तो मैंने उसे मेरे रूम में 2 दिन रुककर जाने के लिए बोला.
वह मान गई.

वह दिन आ गया, जब वह आने वाली थी.
उस दिन मैंने रूम अच्छे से सजाया और उसे लेने स्टेशन गया.

जैसे ही मैंने उसे देखा, तो मैं तो समझो कहीं खो ही गया था.
उसमें भारी बदलाव आ गया था.

उभरा हुआ सीना और फूल हुआ पिछवाड़ा देख कर यकीन ही नहीं हो रहा था कि ये वही सुहानी है, जिसे मैंने कभी देखा था.

एक दुबली-पतली सी लड़की एकदम हॉट माल हो गई थी.
उसका साइज़ 34-30-36 का हो गया था.

मस्त गदराया सा बदन, रसभरे होंठों पर लाल लिपस्टिक लगी हुई थी.

उसने मुझे देखा और झट से मेरे गले से लग गई.
उसके दोनों मम्मे मेरे सीने से दब गए और मेरा लंड खड़ा होने लगा.

लेकिन उस समय कुछ कर नहीं पाया, बस … बातों में मैं उसकी तारीफ के पुल बांध रहा था.

फिर मैं उसे लेकर रूम पर आया.
उस दरमियान हम दोनों में लगातार इधर-उधर की बातें होती रहीं.

बातों-बातों में उसने मुझे बताया कि उसका एक बॉयफ्रेंड है और उससे वह बहुत बार चुद चुकी है.
लेकिन वह उस लड़के से दूर रहती है, जिसकी वजह से कम मिल पाती है और उन दोनों में लड़ाई-झगड़े हमेशा चलते ही रहते हैं.

मुझे बस इसी बात की खुशी थी कि आज एक और नई चूत चोदने को मिल सकती है.
मैं सोचने लगा कि इसको चोदने के लिए कैसे राजी किया जाए.

तभी मेरे दिमाग में आइडिया आ गया.

मैंने उससे पूछा- ड्रिंक्स लोगी?
तो उसने ‘हां’ कहा.

ठंड का समय था, तो शाम होते ही मैंने जल्दी से खाना बनाया और आग जला दी.

फिर मैं रम की एक बोतल निकाल लाया और साथ में चखना भी सजा दिया.
हम दोनों बैठकर साथ में शराब पीने लगे.

बातों-बातों में मैं उसे कभी हाथ से तो कभी पैर से छूने की कोशिश करता.
वह समझ रही थी लेकिन विरोध नहीं कर रही थी तो मेरी हिम्मत बढ़ती गई.

मैंने उसे थोड़ी ज्यादा पिला दी.
उसको न/शा होने लगा था.

मैंने सबसे पहले उसे खाना अपने हाथ से खिलाया और फिर अपने साथ ही बिस्तर में लिटा लिया.
ठंड ज्यादा थी, तो वह भी मेरे साथ चिपक कर सोने लगी.

अब मेरा रास्ता साफ होने लगा.

मैंने उसे कमर से पकड़ा और धीरे से अपनी तरफ खींचा. वह मेरे करीब आ गई.
उसे न/शा हो गया था.
वह मेरी आंखों में देखने लगी तो मैंने उसके गुलाबी होंठ चूम लिए.

फिर एक जोरदार किस शुरू हो गई.
वह गर्म होने लगी.

उसने मुझसे रुकने को बोला और लाइट की तरफ इशारा किया.
मैं उठकर लाइट बंद कर आया.

बाथरूम से हल्की रोशनी आ रही थी, तो मैं उसे अच्छे से देख पा रहा था.

उसने मेरी टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाल दिया और मेरी पीठ सहलाने लगी.
मैंने भी एक हाथ में उसके मम्मे को लेकर मसलना शुरू कर दिया.

वह हल्की-हल्की आवाजें निकालने लगी- आह … उम्म्म …

मैंने उसकी टी-शर्ट निकाल दी और फिर ब्रा भी उतारकर उसे ऊपर से पूरी तरह नंगी कर दिया.
वह मना करने लगी- नहीं, ये सब गलत है, मैं नहीं करना चाहती!

लेकिन मैं रुकने वाला था कहां, मैंने उसे किस किया और नीचे आकर एक मम्मे को मुँह में भरकर चूसने लगा.
वह कसमसाने लगी और मेरे मुँह को अपने बूब्स में दबाने लगी.

आखिरकार वह अपनी चुदास को रोक न सकी और नशीले अंदाज में बोली- चूसो मेरे दूध … और आज मस्त कर दो मुझे!

मैं मजे से उसके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा और एक हाथ उसकी चड्डी के अन्दर डालकर उसकी चूत को छूने लगा.
एकदम मस्त, फूली हुई और शेव की हुई चूत थी.
उसकी चूत थोड़ी गीली हो गई थी.

यही सही मौका था, मैंने उसकी चड्डी निकाली और चूत पर टूट पड़ा.
जैसे ही मैंने अपनी जुबान उसकी चूत में रखी, वह कसमसा गई.

अब तो वह अपने आपे से बाहर जाने लगी और कमर उठा कर मेरे मुँह पर अपनी चुत दबाने लगी.
उसकी तेज आवाजें बता रही थीं कि वह ज्यादा देर नहीं रुक पाएगी.

वही हुआ भी … वह अकड़ कर झड़ गई और उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया.
मैंने उसकी चुत से निकला सारा माल चाट कर इलाका साफ कर दिया.

चुत को देर तक चाटते रहने से वह दुबारा से भभक गई और अब उसने मेरे सारे कपड़े निकालने शुरू कर दिए.
जैसे ही मैं नंगा हुआ, उसने मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया.

मैं आपको बता दूँ, मेरे लंड का साइज़ काफी अच्छा है और यह सात इंच लंबा व ढाई इंच मोटा है.
मेरे लंबे मोटे लवड़े को देखकर उसकी आंखों में किसी भूखी रंडी के जैसी चमक आ गई.

मैंने उसे अपना लंड चूसने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया.
मैंने जबरदस्ती नहीं की, वर्ना मेरा काम खराब हो सकता था.
मैं नहीं चाहता था कि मेरे खड़े लंड को धोखा मिले.

वह मुझे किस करने लगी और गर्म हो गई.
अब वह बोली- यार मुझसे और नहीं रुक जाता, प्लीज जल्दी से अपने इस मूसल को मेरी चूत में डालो और चोदो मुझे!

मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा और धीरे-धीरे अन्दर डालने लगा.
उसकी चूत काफी दिनों से चुदी नहीं थी इसलिए टाइट थी.

फिर मेरे लौड़े के हिसाब से भी शायद उसका छेद उतना ज्यादा नहीं खुला था इसलिए मेरा लंड लेने में उसे दर्द हो रहा था.

किसी तरह से मैं लंड के सुपारे को अन्दर पेल पाया और अभी और थोड़ा सा लंड अन्दर डाला ही था कि वह तड़फ उठी और मुझे रुकने का इशारा करने लगी.
मैं रुक गया.

मैं अब उसके एक दूध को मुँह में लेकर चुसकने लगा और खींचने लगा, तो उसे मजा आने लगा और वह चुत का दर्द भूलने लगी.

फिर कुछ पल बाद जब उसने अपने हाथ से मुझे अपनी ओर खींचा तो मैं समझ गया कि ग्रीन सिग्नल हो गया है.

मैंने इस बार एक जोरदार झटका मारा, मेरा लंड उसकी चुत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.
वह चिल्ला पड़ी- उईईई … निकालो इसे बहुत दर्द हो रहा है!

मैं कुछ देर तक यूं ही रुका रहा और उसे किस करने लगा.
वह थोड़ी नॉर्मल हुई, तो मैंने धीरे-धीरे लंड अन्दर-बाहर करना शुरू किया.

अब उसे मजा आने लगा.
वह प्यार से बोलने लगी- ऐसे ही चोदो मुझे उह … आह … उम्म्म … मजा आ रहा है … आह और जोर से चोदो मुझे!

मैंने अब अपनी रफ्तार बढ़ा दी और वह दर्द से कराहती रही मगर मैं उसे वैसे ही दस मिनट तक धकापेल चोदता रहा.

अब वह भी मस्ती से लंड लेने लगी थी तो उसकी दर्द भरी आवाजें मस्ती भरी आवाजों में तब्दील हो गई थीं … और वह अब खुद अपनी गांड उठा उठा कर मेरे लंड से लोहा लेने लगी थी.

चूंकि मेरा पहला राउंड हमेशा बहुत लंबा चलता है, तो वह मेरी स्टेमिना से काफी खुश थी.

वह बोली- बड़ा लंबा चलते हो यार … मेरे वाले की मलाई तो अब तक कब की फिंक चुकी होती.
मैंने कहा- इसका मतलब यह हुआ कि तुमने गलत घोड़े की घुड़सवारी की है.
वह मेरी एक बांह को चूमती हुई बोली- हां डियर सही कह रहे हो … आज मेरी चुत का पाला किसी जंगली सांड से पड़ा है. मुझे सच में बहुत मजा आ रहा है आह आह चोदो और जोर जोर से पेलो.

करीब 20 मिनट चुदाई के बाद मेरा माल निकलने वाला था.

मैंने पूछा- कहां निकालूँ?
उसने कहा- अन्दर ही निकाल दो.

मैंने पूरा माल अन्दर ही गिरा दिया.
वह भी मेरे साथ झड़ गई.

इसके बाद वह मुझे अपनी बांहों में लिपटाए हुई पड़ी रही और मुझे चूमती रही.

मैंने कुछ देर बाद लंड चूत से बाहर निकाला और उससे कहा- एक एक पैग और हो जाए!
वह बोली- हां हो जाए.

हम दोनों पैग बना कर पीने लगे.
उस वक्त हम दोनों पूरे नंगे थे और बिना कुछ ओढ़े हुए बैठ कर दारू का मजा ले रहे थे लेकिन सर्दी नाम की चीज जरा सी भी नहीं लग रही थी.

फिर उसने कहा- निक्की सिगरेट है क्या?
मैंने कहा- हां है न!
वह बोली- सुलगाओ यार … दारू के साथ जब तक सिगरेट न हो तब तक दारू का मजा ही नहीं आता है!

मैंने विल्स नेवी कट का पैकेट निकाला और एक सिगरेट सुलगा कर सुहानी को दे दी.

वह सिगरेट पीने लगी और मैं उसके एक दूध को पकड़ कर मसलने लगा.

वह हंस कर बोली- पीना है क्या?
मैंने कहा- हां मस्त दूध हैं तुम्हारे!

वह अपना एक दूध मेरे मुँह में देती हुई बोली- लो चूसो.
मैंने कहा- यदि तुम भी मेरा चूसतीं तो मुझे भी अच्छा लगता!

वह हंस दी और मेरे ऊपर से उतर कर मेरे लंड के पास आ गई.
उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और लंड चुत के रस से सने हुए लौड़े को प्यार से चूसने लगी.

मैंने कहा- तुमने पहले क्यों मना कर दिया था?
वह बोली- अरे यार, मैं जरा शर्म कर गई थी. मुझे लगा था कि तुम कहीं मुझे ऐसी वैसी लड़की न समझ लो!

मैंने हंस कर उसके बाल पकड़े और उसका मुँह चोदना चालू कर दिया.
वह बार बार सिगरेट पीने लगती और बार बार मेरे लौड़े पर चुप्पे लगाने लगती. उसने मेरे गोटे भी चूसे और जल्द ही मेरे लौड़े को अपनी चुत के लिए सख्त कर लिया.

मैंने पुनः उसे चोदा.
दूसरी बार में मैंने उसे घोड़ी बना कर चोदा, तो मुझे उसकी गांड का छेद ललचाने लगा.

मैंने उसकी गांड में उंगली की तो वह बोली- निक्की, उधर नहीं प्लीज … अभी उसे रेडी करने में काफी वक्त लगेगा. पहले उसे ढीली करना पड़ेगा … तब उधर लंड ले पाऊंगी.
मैंने कहा- ओके जब भी ढीली हो जाए, तो मुझसे ही फीता कटवाना!

वह हंस दी और बोली- एक बात कहूँ?
मैंने कहा- क्या?

वह बोली- अब मैं तुम्हारी होकर रहना चाहती हूँ. मुझे तुम बेहद पसंद आ गए हो.
मैंने कहा- तुमको अभी मेरी पसंद नापसंद के बारे में पूरा पता नहीं है डार्लिंग?

वह बोली- बता तो … क्या क्या पसंद है और क्या क्या नापसंद है?
मैंने कहा- मैं बिंदास जिंदगी जीना पसंद करता हूँ और किसी एक चुत से बंध कर रहना मुझसे नापसंद है!

वह हंस दी और बोली- यह तो मेरे साथ भी है. मैं भी जो पसंद आ जाता है, उससे सेक्स करने में खुलने लगती हूँ.
मैंने पूछा- अब तक कितने ले लिए?

वह बोली- अभी लिया तो एक का ही है, तुम दूसरे मर्द हो जो मेरी ले रहा है. लेकिन मेरा कई लड़कों से चल रहा है. जब भी मन होगा, उनका ले लूँगी.
मैंने कहा- ओके तो तुम मेरी बात याद रखना, मुझे तुम्हारी गांड की ओपनिंग करने का मन है.

वह हां करके मेरे साथ तीसरी बार सेक्स करने की तैयारी करने लगी.

उस रात मैंने उसे 4 बार चोदा.

फिर अगले दिन वह अपने घर चली गई.
अब जब भी वह जॉब में जाती है, मेरे पास एक दिन रुककर अपनी चुदाई करवा कर जाती है.

ये थी मेरी सच्ची यंग हॉट गर्ल की चुदाई.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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