बीबी को दूसरे से चुदवाने की तमन्ना-2

Hindi Sex Story – 2

कहानी का पहला भाग पढ़े: बीबी को दूसरे से चुदवाने की तमन्ना

उस रात के बाद हमारी जिंदगी बदल गई थी। विक्रम अब हफ्ते में कम से कम दो बार हमारे घर आता। स्नेहा उसके आने का इंतजार करने लगी थी। वो खुद कहती, “आज विक्रम आएगा तो मेरी चूत पहले से तैयार रखना।” मैं उसे चोदते वक्त अब और गंदी बातें करता – “विक्रम तेरी चूत फाड़ देगा आज… मेरी रांड।” स्नेहा जोर-जोर से कराहती और झड़ जाती।

एक शाम विक्रम आया। हम तीनों ड्रिंक्स ले रहे थे। स्नेहा सिर्फ एक शॉर्ट नाइट गाउन में थी, अंदर कुछ नहीं। विक्रम ने अचानक कहा, “राज, तुम्हें पता है… मेरी बीवी पूजा को भी ये सब पता है। वो भी ओपन माइंडेड है।”

मेरा दिल जोर से धड़का। “सच? वो भी…?”

“हाँ। हम दोनों शादी से पहले ही स्विंगिंग ट्राई कर चुके हैं। लेकिन पिछले दो साल से कोई सही कपल नहीं मिला। तुम दोनों देखकर लगा कि शायद…” विक्रम मुस्कुराया।

स्नेहा मेरी तरफ देखी। उसकी आँखों में शर्म के साथ उत्सुकता थी। मैंने पूछा, “पूजा कैसी है?”

विक्रम ने फोन निकाला और कुछ फोटोज दिखाईं। पूजा 5 फीट 3 इंच, गोरी, 34C चुचियाँ, पतली कमर और भारी गांड वाली औरत थी। चेहरा काफी आकर्षक, लंबे बाल। देखते ही मेरा लंड हिल गया।

हमने प्लान बनाया। अगले शनिवार को चारों की डिनर हमारे घर पर।

शनिवार शाम 7:30 बजे विक्रम और पूजा आए। पूजा ने सलवार सूट पहना था लेकिन काफी फिटिंग वाला। उसके स्तन ऊपर उठे हुए थे और गांड चलते समय लहरा रही थी। स्नेहा ने ब्लैक वन-पीस पहना था। दोनों औरतें एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराईं। शुरू में थोड़ी अजीब सी स्थिति थी, लेकिन ड्रिंक्स ने माहौल ढीला कर दिया।

हम बातें कर रहे थे। पूजा ने कहा, “स्नेहा, विक्रम ने तुम्हारी तारीफ बहुत की है। सच में तुम बहुत हॉट हो।” स्नेहा शर्मा गई लेकिन बोली, “तुम भी तो कम नहीं। राज तो तुम्हें देखकर ही…”

मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, पूजा बहुत सेक्सी है।”

धीरे-धीरे बातें गर्म होने लगीं। विक्रम ने स्नेहा को अपनी गोद में खींच लिया। मैंने पूजा का हाथ पकड़ा और उसे अपने पास बिठाया। पूजा की सांसें तेज हो रही थीं। मैंने उसकी गर्दन पर किस किया। वो काँप गई।

स्नेहा ने विक्रम की शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए। विक्रम ने उसका वन-पीस ऊपर किया और उसकी चुचियाँ चूसने लगा। कमरे में चूसने की आवाजें गूंजने लगीं।

मैंने पूजा को खड़ा किया और उसका सूट उतारना शुरू किया। उसकी 34C चुचियाँ ब्रा से बाहर आ गईं। निप्पल गुलाबी और सख्त। मैंने एक मुंह में ले लिया। पूजा ने कराहते हुए मेरे बाल खींचे। “राज… धीरे…”

दोनों जोड़ों में चुदाई शुरू हो गई।

विक्रम ने स्नेहा को सोफे पर लिटाया और अपना मोटा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। “आह्ह्ह… विक्रम… फाड़ दो आज…” स्नेहा चीखी।

मैंने पूजा को बेडरूम ले जाकर बेड पर लिटाया। उसकी चूत साफ शेव थी और पहले से गीली। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और धीरे से अंदर डाला। पूजा ने आँखें बंद कर लीं, “उम्म्म… राज… गहरा…”

मैंने जोर-जोर से ठोकना शुरू किया। पूजा की गांड उछल रही थी। “हाँ… चोदो मुझे… तुम्हारी बीवी को मेरा पति चोद रहा है… मजा आ रहा है ना?”

मैंने उसे पागलों की तरह चोदा। बीच-बीच में हम दोनों कमरे बदलते। मैं स्नेहा को चोदता, विक्रम पूजा को। फिर वापस।

रात 11 बजे तक हम चारों नंगे थे। स्नेहा और पूजा दोनों एक-दूसरे के सामने चुद रही थीं। विक्रम ने स्नेहा की गांड मारी। मैंने पूजा की गांड पर थूक लगाकर अपना लंड घुसाया। पूजा चीखी, “आआह… पहली बार गांड में… धीरे… हाँ…”

दोनों औरतें अब पूरी तरह खुल चुकी थीं। स्नेहा ने पूजा की चुचियाँ चूसनी शुरू कर दीं। पूजा ने स्नेहा की चूत में उंगली डाल दी। ये दृश्य देखकर हम दोनों मर्द और उत्तेजित हो गए।

हमने पोजीशन बदली। मैं पूजा को कुत्ते की तरह चोद रहा था। विक्रम स्नेहा को मिशनरी में। दोनों औरतें एक-दूसरे का हाथ पकड़े चीख रही थीं।

“राज… तुम्हारा लंड मोटा है… मेरी चूत फाड़ दो…” पूजा चिल्लाई।

“विक्रम… और जोर से… स्नेहा तेरी रांड है आज…” मैं बोला।

विक्रम ने स्नेहा की चूत में झड़ दिया। मैंने पूजा की गांड में अपना माल भर दिया। चारों थककर बेड पर लेट गए। स्नेहा मेरे सीने पर, पूजा विक्रम के। लेकिन कुछ देर बाद फिर शुरू हो गया।

इस बार हमने स्वैप को और गहरा किया।

मैंने पूजा को बालकनी में ले जाकर खड़ा करके चोदा। लखनऊ की रात की हवा में उसकी चीखें गूंज रही थीं। विक्रम स्नेहा को किचन में काउंटर पर चोद रहा था।

रात भर हमने चार राउंड लिए। सुबह होते-होते स्नेहा और पूजा दोनों की चूत और गांड लाल हो चुकी थीं। लेकिन दोनों मुस्कुरा रही थीं।

अगले कुछ हफ्तों में ये नियमित हो गया। कभी हम उनके घर जाते, कभी वो हमारे। एक बार हम चारों ने एक रिसॉर्ट बुक किया। पूरे वीकेंड हमने नंगी रहकर बिताया। स्विमिंग पूल में स्नेहा और पूजा दोनों को हमने बारी-बारी चोदा। रात को एक बेड पर चारों एक साथ।

पूजा बहुत वाइल्ड निकली। वो स्नेहा से भी ज्यादा खुलकर गंदी बातें बोलती। “राज, तुम्हारी बीवी को मेरा पति रोज चोदे… और तुम मुझे… हम दोनों रांड बन जाएं।” स्नेहा भी अब पूरी तरह हॉटवाइफ बन चुकी थी। वो खुद कहती, “मुझे दो लंड चाहिए… एक विक्रम का, एक राज का…”

एक यादगार रात थी जब विक्रम का एक और दोस्त आया। हम पाँच लोग थे। स्नेहा और पूजा दोनों को तीन-तीन लंड मिले। दोनों औरतें पूरी रात चुदती रहीं। स्नेहा की चूत से वीर्य बह रहा था। पूजा मुंह खोलकर झड़वाती रही।

लेकिन सबसे खास वो पल था जब हम दोनों पति अपनी-अपनी बीवियों को दूसरे के साथ देखते। मैं पूजा को चोदता हुआ स्नेहा को देखता जो विक्रम के नीचे कराह रही होती। ये दृश्य मेरे लिए सबसे बड़ा टर्न-ऑन था।

अब हमारी जिंदगी पूरी तरह स्विंगिंग लाइफस्टाइल में बदल गई है। स्नेहा और पूजा अच्छी दोस्त बन गई हैं। कभी-कभी दोनों मिलकर हमें सरप्राइज देती हैं – दोनों एक साथ नंगी, एक-दूसरे को चूमती हुई।

मैं और विक्रम अब अच्छे दोस्त हैं। हमारी बीवियाँ अब हमारी रांडें हैं – लेकिन हमारी ही। हम उन्हें चोदते हैं, चुदवाते हैं, और सबसे ज्यादा एंजॉय करते हैं।

ये हमारी असली Antarvasna Sex Stories है। लव, ट्रस्ट और वाइल्ड डिजायर की।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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