bhai se pehle bhabhi sath suhagraat
मेरा नाम मयूर है, और मैं भाभी सेक्स स्टोरी लेकर आया हूं। तो चलिए शुरू कर रहा हूं।
मेरी उमर 27 साल है, और मैं किराने की दुकान चलाता हूँ।
हाइट मेरी 5’10” है, और लंड मेरा 7 इंच का है। देखने में मैं अच्छा हूं, और बॉडी भी फिट है।
फिर भी मेरी शादी नहीं हो रही थी, क्योंकि मैं अपने पापा का सौतेला बेटा हूं।
जब मैं छोटा था, तब मेरे पिता जी की मृत्यु हो गई थी, और फिर माँ ने दूसरी शादी कर ली।
इस शादी से माँ को एक और बेटा हुआ। उसका नाम साहिल है, और वो मुझसे 4 साल छोटा है।
मेरे सौतेले बाप ने मुझे कभी वो प्यार नहीं दिया, जो उसने अपने बेटे को दिया था।
साहिल मेरे साथ ठीक था, लेकिन उसको तो सब मिल रहा था, तो वो मुझ पर तरस करता था।
कायदे के मुताबिक क्योंकि मैं बड़ा था, तो मेरी शादी पहले होनी चाहिए थी।
पर डैड ने साहिल के लिए एक बहुत खूबसूरत लड़की ढूंढी, और उसकी शादी पक्की कर दी।
मैंने लड़की को पहली बार सगाई वाले दिन देखा।
क्या ख़ूबसूरत लड़की थी। रंग बिल्कुल गोरा, भरा हुआ शरीर, गजब के नैन-नक्श, और 5’6″ की हाइट।
उसका नाम पायल था। उसको देखते ही मैं उसका दीवाना हो गया, और साहिल से मेरी जलन और बढ़ गई।
मैं बहुत गुस्से में था। लेकिन मैंने अपना गुस्सा बर्बाद नहीं किया, बल्कि उसका इस्तेमाल किया।
मैंने सोचा घर की बहू की पहली चुदाई तो मैं ही करूंगा, चाहे जो हो जाए।
फिर थोड़े दिन बाद शादी हुई, और उसके बाद दुल्हन को घर लाया गया।
पायल बहुत खूबसूरत लग रही थी। डिनर करके सब रिश्तेदार चले गए। अब हम 5 ही घर पर हैं।
किसी ने डिनर करके पानी नहीं पिया था, तो मैं सब के लिए पानी लेने गया।
मैंने पायल का छोड़ कर बाकी सब के पानी में नींद की दवाई मिला दी, और उनको पिला दिया।
अब पायल सिर्फ मेरी थी। मम्मी पायल को साहिल के कमरे में छोड़ आई, और फिर वो और पापा अपने कमरे में चले गए।
साहिल को मैंने थोड़ी देर बातों में उलझा कर रखा, और फिर वो सो गया।
फिर मैंने साहिल को अपने कमरे में लिटा कर उसके कपड़े उतारे, और खुद पहन लिया।
अब मैं साहिल के कमरे की तरफ चल पड़ा। जब मैं कमरे के अंदर गया, तो पायल घूंघट करके बैठी थी।
मैंने लाइट बंद कर दी, ताकि वो मुझे पहचाने नहीं।
फिर मैं उसके पास गया, और घूंघट उठाया।
अच्छी बात ये थी कि पायल की आंखें कमज़ोर थी, और वो चश्मा इस्तेमाल करती थी।
अब सुहागरात पर चश्मे का क्या काम? तो उसको मेरी शकल अच्छे से दिख नहीं रही थी।
मैंने घूंघट उठाते ही बिना कोई बात किए पायल को किस्स करना शुरू कर दिया।
पायल भी मेरा साथ देने लगी। कमरे में कुछ खास रोशनी नहीं थी, लेकिन बाहर से इतनी रोशनी अंदर आ रही थी, कि मैं उसको ठीक से देख रहा था।
किस्स करते हुए मैंने पायल की चोली के पीछे से खोल दी, और उसको निकाल दिया।
अब वो ऊपर से ब्रा में थी, और बहुत सेक्सी लग रही थी।
मैंने उसके चूचे ब्रा के ऊपर से पकड़े, और दबाते हुए ब्रा निकाल दी।
ऊपर से उसको नंगी करके मैं उसकी गर्दन चूमने लगा, और चूचे पीने लगा। बड़ा मजा आ रहा था।
वो आह्ह आह्ह की सिसकियाँ ले रही थी। उसके स्तन में थोड़ा पसीना था, जिसको भी मैं चाट गया।
उसके चूचे अच्छे से पीने के बाद मैं नीचे आया, और उसका लहंगा और पैंटी निकाल दिए।
अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। नई दुल्हन को पूरी नंगी देखने का अपना ही अलग मजा है।
उसकी चूत बिल्कुल क्लीन शेव और चिकनी थी। मैंने उसकी टांगें खोली, और उसकी चूत चूमने लगा।
वो बोली: मत करो, वहां गंदा होता है।
लेकिन मैं नहीं रुका, और उसकी चूत में जीभ डाल कर चूसने लगा।
5 मिनट में उसका पानी निकल गया जो मैंने पी लिया।
फिर मैंने अपने कपड़े उतारे, और उसके ऊपर लेट गया।
औरत के नंगे बदन का स्पर्श बहुत सुख देता है। और अगर वो नंगा बदन आपकी भाभी का हो, तो उसे भी मजा आता है।
मैंने अपना लंड भाभी की कुंवारी चूत पर सेट किया, और ज़ोर का धक्का मारा।
भाभी की चीख निकली, और लंड चूत चीरता हुआ आधा अंदर चला गया।
उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया, और मेरी बाजू में नाखुन गाड़ दिये।
अब पीछे हटने को तो वो बोल नहीं सकती थी, सुहागरात जो थी।
मैं भी उसके होंठ चूसते हुए धक्के पे धक्का मारता गया, और उसकी पूरी चूत फाड़ दी।
इतनी गरम चूत थी भाभी की, मजा आ गया। पूरा लंड अंदर डाल के मैं थोड़ी देर रुक गया।
फिर जब पायल का दर्द कम हुआ, तो मैंने चुदाई शुरू की। कुछ ही देर में पायल मजे भरी सिसकियां लेने लगी।
अब मैं स्पीड बढ़ाने लगा। भाभी की चूत चोदते हुए कभी मैं उनको चूमता, तो कभी चूचे।
जाँघों से जाँघें टकराने की वजह से थप थप की आवाज आ रही थी।
भाभी आह्ह आह्ह करते हुए मुझे अपनी तरफ खींच रही थी। इस बीच भाभी एक और बार झड़ गई।
फिर मैंने सोचा कि अब गांड भी फाड़ देता हूं। क्योंकि ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।
फिर मैंने लंड निकाला, और पायल को उल्टा लिटा दिया। वो चुदाई से थक गई थी।
फिर मैं उसकी पीठ पर किस्स करने लगा, और किस्स करते हुए उसके चूतड़ों पर आ गया।
मैंने उसके चूतड़ खोले, और गांड के चीर में जीभ फिराने लगा। वो बस आह आह कर रही थी।
फिर मैंने लंड गांड के छेद पर सेट किया, और ज़ोर का धक्का मारा। वो तड़पने लगी, और हिलने लगी।
लेकिन मैंने उसके ऊपर अपना वजन डाल दिया, जिससे वो हिल भी नहीं पायी।
फिर मैंने ज़ोर लगाना शुरू किया, जिससे मेरा लंड गांड के अंदर जाने लगा।
वो दर्द से तड़प रही थी, और आह आह कर रही थी।
लेकिन मैं नहीं रुका। फिर पूरा लंड अंदर डाल कर मैं उसके कंधों पर किस्स करने लगा।
उसकी आँखों में आँसू थे। गांड उसकी इतनी टाइट थी, कि मेरे लंड में भी दर्द होने लगा था।
जब वो शांत हुई तो मैंने लंड को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया।
कुछ देर में गांड दर्द से फट गई, और वो आह आह करने लगी।
फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर खूब पेला।
जब मेरा निकलने वाला था, तो मैंने लंड चूत में डाल दिया, और गहरायी में अपना माल छोड़ा।
मैं चाहता था कि उसका बच्चा भी मेरे माल से हो। फिर मैं उसके साथ ही लेट गया।
जब वो सो गई, तो मैं बाहर चला गया, और साहिल को ला कर नंगे ही उसके साथ लिटा दिया।
साहिल के कपड़े मैंने वहीं फेंक दिए, और चला गया। अब मैं बहुत खुश था।
उनको कुछ पता चला कि नहीं, आज तक किसी को नहीं पता चला।
स्टोरी कैसी लगी ज़रूर बताएं।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
bahut acchi story hai./