padosan bhabhi ki threesome chudai
दोस्तों मेरा नाम काबिल है। मैं झारखंड का रहने वाला हूं।
मेरी उमर 21 साल है और मैं कॉलेज स्टूडेंट हूं। लंड मेरा 7 इंच है, और मैं हमेशा चूत की तलाश में रहता हूँ।
मेरे घर में मेरे अलावा मम्मी-डैडी और एक बड़ी बहन है।
बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वो अपने घर में सेटल हो गई है।
इस कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने सेक्सी पड़ोसन भाभी के साथ थ्रीसम चुदाई की।
हमारे घर के पीछे वाले घर में एक पति-पत्नी रहते हैं।
पति का काम हमेशा बाहर रहता है और पत्नी अपने 2 साल के बेटे के साथ रहती है।
वो एक सेक्सी भाभी है, जिसका रंग गोरा है और फिगर 36-34-38 होगा।
उसको देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाये, इतनी सेक्सी है।
मैं जब भी घर पर रहता हूं, तो छत पर बैठ जाता हूं। हमारी छत उनकी छत के साथ लगती है।
और हमारी छत से उनके घर का बरामदा दिखता है।
जब कभी भाभी ऊपर कपड़े डालने आती हैं, तो मैं साड़ी में कसा हुआ उनका बदन देख कर पागल हो जाता हूं।
जब वो बाल्टी से कपड़े निकालने के लिए झुकती है, तो उसके रसीले स्तन देख कर मेरे मुँह में पानी आ जाता है।
मैंने कई बार भाभी पर ट्राई मारी, लेकिन उनकी तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं आया।
इसलिए मुझे हमेशा उनके नाम की मुठ मार कर ही गुजारा करना पड़ा। लेकिन फिर एक रात मेरा जैकपॉट लग गया।
हुआ कुछ यूं, कि मैं रात को जब सोया हुआ था, तो अचानक से मेरी नींद खुल गई।
टाइम देखा तो 12 बज गए थे। मुझे गर्मी लग रही थी, और नींद नहीं आ रही थी।
फिर मैंने सोचा छत पर जा कर थोड़ी हवा खा लूं।
ये सोच कर मैं छत पर चला गया। छत पर जा कर मैं इधर-उधर घूमने लग गया।
मैंने भाभी के बरामदे में भी देखा, अगर दर्शन हो जाएं तो मजा आ जाए। लेकिन वहां कोई नहीं था।
अभी 2-3 मिनट ही हुए होंगे मुझे घूमने को, कि उनके बरामदे की लाइट जली।
ये देख कर मेरा ध्यान उधर ही हो गया।
तभी भाभी अपने कमरे से बाहर निकली। जब मैंने भाभी को देखा तो मैं हैरान हो गया।
भाभी सिर्फ ब्लाउज और पैंटी में बाहर निकली थी।
उनका सिन्दूर माथे पर फैला हुआ था, और होठों की लिपस्टिक भी ख़राब हुई पड़ी थी।
भाभी के बाल भी ख़राब हुए पड़े। ये सब देख कर मैं सोच में पड़ गया कि भाभी को क्या हुआ था।
तभी मैंने देखा कि उनके कमरे से कोई आदमी निकला। वो आदमी गली के बाहर किराना दुकान का मालिक था।
उसका नाम दीपक था। वो बिल्कुल नंगा था, और उसका लंड खड़ा हुआ था।
उसने भाभी के पीछे आके उसको बाहों में भर लिया।
तभी भाभी बोली: अरे अंदर चलो, यहां कोई देख लेगा। मैं तौलिया लेके आ रही हूं।
दीपक बोला: क्या वक्त कोन देखेगा हमें?
और जो मजा खुले में करने में है, वो बंद कमरे में कहां?
ये बोल कर उसने भाभी को अपनी बाहों में घुमा लिया और उसने हमें चुना।
भाभी भी उसका साथ देने लगी। फिर उसने भाभी को नीचे बिठा कर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।
अब भाभी किसी रंडी की तरह उसका लंड चूसने लगी।
मुझे ये देख कर बहुत गुस्सा आ रहा था। क्योंकि मैं इतनी देर से उन पर नज़र डाले बैठा था।
फिर मैंने सोचा कि यही सही वक्त था भाभी को चुदाई के लिए मनाने का।
मैं जल्दी से नीचे गया, और फोन लेके आया। फिर मैंने ऊपर आके उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग की।
थोड़ी वीडियो रिकॉर्ड करके मैं उनकी छत पर गया और सीढ़ियों से बरामदे में पहुंच गया।
उन दोनों को कोई होश नहीं था। वो अपने काम में लगे हुए थे।
फिर मैं बोला: वीडियो बहुत अच्छी बनी है आप दोनों की।
ये सुन कर दोनों डर गए। भाभी अपने बदन को ढकने लगी। फ़िर दीपक बोला-
दीपक: तू कौन है बे?
मैं: वैसे तो मैं इनका पड़ोसी हूं। लेकिन फ़िलहाल मैं तुम दोनों का बाप हूँ। ये वीडियो इसके पति और तेरी बीवी के पास जा सकता है।
भाभी बोली: नहीं-नहीं! ऐसा मत करना।
दीपक: क्या चाहिए तुझे?
मैं: मुझे भी भाभी के साथ मज़ा करना है।
दीपक ने भाभी से एक बार भी नहीं पूछा और कहा: तो आजा फ़िर। लेकिन वीडियो डिलीट कर देना उसके बाद।
मैं: भाई, ये कहने की ज़रूरत नहीं है।
फिर मैंने आगे बढ़ा और भाभी को बाहों में भर लिया। अब मैं भाभी के होठों को चूसने लगा और स्तन दबाने लगा।
उसके मुँह से लंड की गंध आ रही थी, इसलिए मैंने उसे प्यार से छोड़ दिया।
फिर मैंने भाभी का ब्लाउज और ब्रा निकाल दिया, और उसके स्तन चूसने लगा। बहुत मुलायम स्तन उसके।
भाभी आह्ह आह्ह कर रही थी। दीपक भाभी के पीछे बैठ गया और उसने उनकी पैंटी उतार दी।
फ़िर वो भाभी के चूतड़ खोल कर उनकी गांड के छेद को चाटने लगा।
दो मर्दों के स्पर्श से भाभी पागल होने लगी। वो सिसकियाँ भर रही थी। फिर मुझे दीपक बोला-
दीपक: चल अब नीचे लेट जा। ये रंडी तेरी सवारी करेगी।
उसकी बात मान कर मैंने अपना लंड निकाला और नीचे लेट गया।
फिर भाभी मेरे ऊपर आई और लंड पर थूक कर अपनी चूत में ले लिया। क्या गरम चूत थी भाभी की।
अब भाभी मेरे लंड पर ऊपर-नीचे होने लगी।
मैं उनके स्तन दबा कर उनको चोद रहा था।
तभी दीपक पीछे से आया, और भाभी को धक्का देके मेरे ऊपर लिटा दिया।
मेरे मुँह में अब भाभी के स्तन थे, और उनकी चूत में मेरा लंड।
फिर दीपक ने अपना लंड भाभी की गांड पर सेट किया, और एक ज़ोर का धक्का मारा। इससे भाभी तड़प गई।
वो झटपटाने लगी, लेकिन मैंने उनको अपनी बाहों में कस लिया।
अब नीचे से मैं और ऊपर से दीपक, भाभी की चुदाई करने लगे।
हम लोग सैंडविच पोजीशन में भाभी को चोद रहे थे।
कुछ देर में दोनों लंड भाभी की चूत और गांड में सेट हो गए।
अब वो आह्ह आह्ह करके और गांड हिला-हिला कर चुद रही थी।
कुछ देर में दीपक अचानक से ज़ोर-ज़ोर के धक्के मारने लगा।
फिर उसने अपनी माल भाभी की गांड में ही निकाल दिया और अंदर चला गया।
अब बाहर सिर्फ भाभी और मैं थे।
भाभी मेरे लंड पर उछल रही थी।
उसको बहुत मज़ा आ रहा था। वो मुझे बोली-
भाभी: तू तो मस्त चोदता है। पहले पता होता तो तुझसे ही चुदवा लेती।
मैं: कोई ना भाभी, अब भी कुछ नहीं बिगड़ा। मैं पडोसी हूं तुम्हारा। जब दिल करे आवाज़ दे देना।
फिर हमारी स्पीड तेज़ हुई और मैंने अपनी माल भाभी की चूत में निकाल दिया।
उसके बाद भाभी अंदर गई और मैं वापस अपने घर आ गया।
अब भाभी अक्सर मुझे चुदाई का मजा देती है।
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Very nice story.