first fuck story
इस फर्स्ट फक स्टोरी में मेरे दोस्त की बड़ी बहन ने मुझे अपने जाल में फंसा कर मेरे साथ अपना पहला सेक्स किया. मेरे लिए भी चुदाई का यह पहला अनुभव था.
मित्रो नमस्कार!
मैं राहुल प्रकाश, उम्र वर्तमान में इक्कीस वर्ष। मेरी फर्स्ट फक स्टोरी शुरू होती है आज से तीन साल पहले, जब मैं कक्षा 12 का विद्यार्थी था और उस समय मेरी उम्र मात्र अठारह वर्ष थी।
मेरा एक सहपाठी मित्र है, उसका नाम रोहन है।
हम दोनों एक ही स्कूल की एक ही कक्षा में पढ़ते थे इसलिए स्कूल के बाद अथवा छुट्टियों में हम अक्सर साथ रहते थे।
रोहन भोपाल के पास के किसी गांव का रहने वाला है।
एक दिन मैं घर के काम खत्म करके रोहन के घर पहुंचा।
डोरबेल बजाने के बाद उसकी बड़ी बहन सोनम ने दरवाजा खोला और पीछे हट गई।
मैं घर में प्रवेश कर गया।
सोनम ने दरवाजा बंद किया और हम दोनों ड्राइंग रूम में आ गए।
“रोहन कहां है?” मैंने पूछा।
“वह तो नहीं है, मम्मी के साथ गांव गया है!” जवाब मिला।
बचपना जरूर था, लेकिन आज सोनम का मूड कुछ अलग ही था।
मैंने देखा कि स्कर्ट के ऊपर से सोनम अपनी चूत को बुरी तरह से मसल रही थी।
मैंने सोचा कि कई बार खुजली होती है, तो यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
मैंने लापरवाही से इसे अनदेखा किया और चलने को हुआ, तथा रोहन कब तक वापस आएगा, यह जानने के लिए प्रश्न किया।
उसने बताया कि करीब एक सप्ताह तो लगेगा ही।
फिर सोनम ने मुझसे एक सपोर्ट मांगा और बोली, “प्लीज, जरा मेरे देखकर बताओ कि घाव तो नहीं हो रहा है, सुबह से खुजली हो रही है!”
मुझे इस तरह के सपोर्ट मांगे जाने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी, मैंने इनकार कर दिया।
अब सोनम का स्वर सख्त हो गया और बोली, “अगर तुमने मेरी मदद नहीं की, तो मैं तुम पर झूठा छेड़खानी का आरोप लगा दूंगी! फिर रोहन और मेरे पापा तुम्हारा क्या हाल करेंगे, सोच लो!”
बचपन में किसी बच्चे को डराने-धमकाने के लिए इतना ही काफी था तो मैंने हारकर कहा, “दिखाइए!”
सोनम ने झट से स्कर्ट का हुक खोला और अगले ही पल स्कर्ट फर्श पर पड़ी हुई थी।
फिर वह सोफे पर बैठ गई और अपनी पैंटी को उतार दिया।
मैं बहुत असहज महसूस कर रहा था लेकिन डर के मारे सब कुछ देख रहा था।
अगले पल मैंने सोनम की चूत पर नर्म घास की तरह बालों को देखा।
मेरे लिए इससे पहले इस तरह का कोई अनुभव नहीं था।
सोनम ने अपनी दोनों टांगों को फैलाया और मुझे देखने के लिए कहा।
मैं झुका और कांपते हाथों से बाल हटाकर देखने का प्रयास करने लगा।
हाथ लगते ही सोनम का आनंद बढ़ रहा था।
मैं चूत को पहली बार देख रहा था तो सब कुछ समझना चाहता था।
चूंकि मैं फर्श पर बैठकर देख रहा था, सोनम ने मेरा सिर पकड़कर अपनी चूत को मेरे मुंह पर रख दिया और बोली, “इसको चाटो!”
“छी! यह गंदी है!” मैंने मुंह फेर लिया।
“मैं जैसा कह रही हूं करो, नहीं तो!”
मरता क्या न करता! मैंने डर के मारे चूत पर मुंह रख दिया और बेमन से चाटने लगा।
थोड़ी देर तक बहुत बुरा लगा, फिर बदन में शायद कामदेव ने जोश भर दिया हो!
मैं चाट रहा था और सोनम सिसकारियां भर रही थी।
यह सिलसिला करीब पांच मिनट तक चला।
फिर सोनम ने मेरा सिर अपनी चूत से अलग किया और खड़े होने को कहा।
मैं कोई सवाल-जवाब करने की हालत में नहीं था, सो झट से आदेश का पालन किया।
सोनम को पता था कि लंड मेरा भी तन रहा है, इसलिए उसने मुझे पैंट उतार देने के लिए कहा।
मैंने एक आज्ञाकारी की तरह पैंट उतार दी।
अंडरवीयर को नीचे सोनम ने खुद सरकाया और अगले पल मेरा नूनू अपने मुंह में ले लिया।
अब मुझे लंड चूसे जाने से आनंद आ रहा था और मुझसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था, इस बार बिना किसी अनुमति के मैं सोफे पर पसर गया।
सोनम ने मेरे लंड को आजाद किया और पास वाले कमरे में चलने को कहा।
मैं अब कोई आदेश मना करने की स्थिति में नहीं था, सो उसके पीछे चल पड़ा।
कमरे में वह बेड पर लेट गई और टांगें चौड़ी कर दीं।
अब मुझे आगे क्या करना है, यह बताने की जरूरत नहीं थी।
मैं झुककर पुनः चूत चाटने लगा।
यह सिलसिला फिर से करीब दो मिनट तक चला, फिर मुझे रुकने के लिए कहा गया।
बेड के सिरहाने रखे मोबाइल फोन से उसने कुछ छेड़छाड़ की और फिर मोबाइल मुझे देखने के लिए दिया, और खुद उठकर कहीं चली गई।
मैं एकटक फोन में वीडियो देखता रहा और वही सब कुछ देखा, जो हम अभी तक कर चुके थे।
सोनम कमरे में आई और मुझे पीठ के बल लेटने को कहा।
मैं झट से लेट गया।
फिर उसने हाथ में लगा कुछ चिकना पदार्थ मेरे लंड पर लेप दिया और बचा हुआ पदार्थ अपनी चूत को फैलाकर वहां लगा लिया।
उसने मुझे उठने के लिए कहा, तत्पश्चात एक तौलिया बिछाकर खुद टांगें चौड़ी करके लेट गई और मुझे वीडियो में आदमी जैसे-जैसे कर रहा है, वैसे-वैसे करने के लिए कहा।
अब मेरे लिए शर्म का कोई मतलब नहीं रह गया था।
टांगें तो चौड़ी थीं ही, मैंने अपना लंड सोनम की चूत पर रख दिया।
अगले ही पल मुझे न जाने क्या हुआ और मैंने एक धक्का लगा दिया!
एक अप्रत्याशित चीख निकल पड़ी और मैं डरकर लंड को बाहर खींच लाया।
सोनम की चूत से खू.न निकल रहा था।
मेरे लिए ऐसा पहला अनुभव था, फर्स्ट फक में मैं बुरी तरह डर गया था।
सोनम सीधी हुई और खून साफ करके मेरी तरफ देखा और बोली, “घबराओ मत, ऐसा होता है!”
यह सुनकर मेरा डर कुछ कम हुआ और मैंने बोला, “फिर से करें?”
“हां, और जल्दी से!”
मैंने दोबारा अपना लंड सोनम की चूत के मुहाने पर रखा और फिर से धक्का दिया।
इस बार चीख हल्की सी ही थी।
मैंने झुककर नीचे देखा तो मेरा लंड बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रहा था।
सोनम नीचे से धक्के मार रही थी लेकिन मुझसे लगातार धक्का नहीं मारा जा रहा था।
सोनम भले ही पहली बार चुद रही थी लेकिन उसने वीडियो में चुदाई करते देखा था।
उसने जोर से धक्का मारा और मुझे लिटाकर, उसी तरह मेरे ऊपर बैठ गई और आगे-पीछे करने लगी।
मेरे पास अब कुछ करने के लिए नहीं था, सो मैं नीचे से सोनम को ऐसा करते देख रहा था।
सोनम ने मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूचियों को मसलने के लिए मेरे हाथों को वहां टिका दिया।
मैं अपने काम में जुट गया और करीब दो मिनट बाद सोनम मेरे ऊपर लेट गई।
मुझे लगा शायद वह थक गई थी।
फिर अगले पल वह बगल में लेट गई और मुझसे करने के लिए कहा।
मैं ऊपर आया और लंड चूत में पेवस्त कर दिया.
लेकिन इस बार मैं झटके मार ले रहा था।
सोनम मुझे शाबाशी दे रही थी।
मैं अब कहीं दूसरी दुनिया में घूम रहा था।
करीब पांच मिनट की जद्दोजहद के बाद मेरे लंड से कुछ निकलता हुआ महसूस हुआ और लंड ढीला हो गया।
शायद मैं भी परमसुख हासिल कर चुका था।
इस तरह से मेरे दोस्त की बहन ने सील तुड़वाई.
सोनम झटके से उठी और बाथरूम में घुस गई।
उसने खू.न और चुदाई में निकले पदार्थ को साफ किया, कपड़े पहनकर वापस कमरे में आई और मुझसे बोली, “मज़ा आया?”
“बहुत!” मैंने उत्तर दिया।
अभी तक मैंने कपड़े नहीं पहने थे, वह पास आकर मेरा लंड पकड़कर सुपाड़े के छेद को बड़ी पैनी नजरों से देखने लगी।
मैं अब भी मना कर पाने की स्थिति में नहीं था तो चुपचाप जो हो रहा था, उसे होने दिया।
लेकिन इस छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप मेरा थका-हारा लंड एक बार पुनः खड़ा हो रहा था।
सोनम खड़े लंड को निहारते हुए बोली, “अब आज और नहीं! खू.न निकाल लिया है, अभी और तंग करने का इरादा है क्या? अब कल फिर मिलेंगे!”
मैं जवाब सुनकर अपने लंड को अंडरवीयर में मरोड़कर अंदर किया और पैंट की तलाश में ड्राइंग रूम में आ गया।
मैंने पैंट पहनी और घर जाने को तैयार हुआ.
तभी सोनम आई और मुझसे जोर से लिपटकर मुझे चूमने लगी।
साथ ही कांपते स्वर में “आई लव यू” बोले जा रही थी।
मैं अब काफी हिचक छोड़ चुका था, उसके गाल और होंठों को चूमकर “आई लव यू टू” बोल दिया।
जब हम दोनों में चूमा-चाटी खत्म हुई तब सोनम ने कहा, “जानू! इस सब के बारे में किसी से भी चर्चा मत करना और अगर कल मन करे तो आ जाना, मौज करेंगे!”
एक बार पुनः किसिंग सीन हुआ और मैं घर चला गया।
आज मेरे हर काम में एक अलग ही अंदाज था, शायद आज मैं बहुत खुश था और जल्दी से कल होने का इंतजार करने लगा।
अगले दिन फिर सब कुछ उसी तरह से हुआ, बस आज अगर कुछ नहीं हुआ तो वह यह था कि आज सोनम की चूत से कल की तरह खू.न नहीं निकला।
उम्र में मुझसे सोनम बेशक चार साल बड़ी थी, फिर भी अब हम दोनों में आपस की सारी झिझक पूरी तरह खत्म हो चुकी थी।
आज सोनम ने मुझे कंडोम पहनाया था और उस दिन हम दोनों ने तीन राउंड सेक्स किया।
इसी तरह एक सप्ताह तक हमारे मज़े चलते रहे।
इस बीच मैंने सोनम से पूछा कि उसे यह सब करने का विचार कैसे आया?
तो सोनम ने बताया कि एक रात उसने मम्मी को पापा द्वारा बहुत बुरी तरह से चोदने और मम्मी को भी उछल-उछलकर चुदवाते हुए दरवाजे के होल (छेद) से देखा था।
इस घटनाक्रम को अब तीन साल बीत चुके हैं और हम लगभग हर दिन आपस में पति-पत्नी की तरह चुदाई ज़रूर करते हैं, और ईश्वर कोई न कोई रास्ता निकाल ही देता है।
लेकिन इन तीन सालों में सेक्स रिलेशनशिप में रहने के बाद हमें एक-दूसरे की आदत हो गई है।
अब सोनम मुझसे भागकर शादी करने का दबाव बना रही है।
मुझे कुछ दिनों पहले ही पता चला है कि हमारी चुदाई से प्रेग्नेंसी के डर के कारण सोनम ने कॉपर-टी लगवा रखा है।
दूसरी तरफ रोहन और उसके मम्मी-पापा का मुझ पर भरोसा है, तो वहीं मेरे पिताजी के बॉस भी रोहन के पापा ही हैं।
मैं क्या करूं? कृपया उचित सलाह दें।
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